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ब्रेन फॉग को कम करने के लिए छः-चरणीय पद्धति

एरिक मेड्रिड एमडी द्वारा

इस लेख में:


"ब्रेन फॉग" के नाम से आधिकारिक रूप से इस रोग की कोई चिकित्सीय पहचान नहीं है। यद्यपि, यह एक ऐसा मामला है जिसके बारे में अक्सर चिकित्सकों से परामर्श लिया जाता है। चिकित्सक के रूप में काम करते हुए मैंने पाया कि रोगी बताते हैं कि वे स्वयं के जैसा महसूस नहीं कर रहे हैं, या उन्हें तुलनात्मक रूप से सामान्य निर्णय लेने में दिक्कत होती है। मैंने देखा है कि कई रोगी जो ऐसे लक्षणों के बारे में बताते हैं वे पेट फूलने, दस्त, और कभी-कभी कब्ज सहित पाचन संबंधी समस्याओं से भी ग्रसित होते हैं — ब्रेन फॉग के रोगियों का इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम या लीकी गट से ग्रसित होना असामान्य बात नहीं है। कई मामलों में, यह वास्तव में ब्रेन फॉग होने में योगदान करने वाला कारण हो सकता है।

सामान्य ब्रेन फॉग के लक्षण

  • मानसिक स्पष्टता का अभाव
  • स्मरणशक्ति में कमी
  • सूचना को प्रोसेस करने में परेशानी
  • थकावट, मानसिक और शारीरिक दोनों
  • विषाद और व्यग्रता

ब्रेन फॉग से आमतौर पर जोड़ी जाने वाली या उसमे योगदान करने वाली चिकित्सीय स्थितियाँ (सबसे अधिक आम से सबसे कम आम तक)

  • इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम या लीकी गट
  • बहुत कम पोषण युक्त आहार 
  • दवाईयों के दुष्प्रभाव
  • दीर्घकालिक थकान के लक्षण
  • लौह-तत्व की कमी एनीमीया
  • गर्भावस्था
  • हॉर्मोन संबंधी बदलाव
  • स्लीप ऐप्नीया
  • मल्टीपल स्क्लेरोसिस
  • फाइब्रोमाइअलजिया
  • अल्झाइमर्स रोग
  • पार्किन्संस रोग

चरण 1: पेट व आँतों को स्वस्थ करें

अक्सर ब्रेन फॉग कारण होता है लीकी गट। पेट और आँतों के स्वास्थ्य पर ध्यान केन्द्रित करना और अपने लिए नुकसानदेह भोजन को खाने से बचना सुनिश्चित करना स्वास्थ्य प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण साधन है। कोई व्यक्ति जो पाचन संबंधी समस्याओं से ग्रसित है उसे यह निर्धारित करने के लिए कि कौनसे खाद्य-पदार्थ खाने से उसे रिएक्शन होता है एक खाद्य-पदार्थों की डायरी रखनी चाहिए।

पेट और आँतों के स्वास्थ्य के लिए 5 र

वे चिकित्सक जो एकात्मक (इंटीग्रेटिव) और संपूर्णात्मक (होलिस्टिक) चिकित्सा से जुड़े हैं, वे आँतों के स्वास्थ्य और पेट की जैव-विविधता को अनुकूल बनाने के लिए 5 र का उपयोग करते हैं: रिमूव (बाहर करें), रिप्लेस (बदले में कुछ और खाएं), रीइनोक्युलेट (फिर से टीका लगवाएं), रिपेयर (रख-रखाव करें), और रीबैलेंस (पुनः संतुलित करें)।

रिमूव (बाहर करें) – जो खाद्य-पदार्थ आपके लिए नुकसानदेह हैं उन्हें अपने आहार से बाहर कर दें। सबसे आम दोषी हैं दुग्ध-उत्पाद, गेहूँ (ग्लूटेन), सोया, मकई, और मकई संबंधित उत्पाद जैसे कि हाई-फ्रक्टोस कॉर्न सिरप (HFCS)। शर्करा, सामान्य करबोहाइड्रेट्स, पास्ता, ब्रेड, प्रोसेस किए हुए खाद्य-पदार्थ, और, ख़ास तौर पर अधिक मात्रा में पीने पर, शराब भी आँतों की परत को हानि पहुँचा सकती है।

कुछ मामलों में, आहार से कुछ कृत्रिम स्वीटनर्स (एस्पार्टेम, सैकरीन, सुक्रलोज़) को बाहर कर देने से सहायता मिल सकती है क्योंकि वे संभवतया पेट व आँतों के लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या को घटा सकते हैं और इनसे दस्त, पेट फूलने और गैस होने जैसी समस्याओं हो सकती हैं। 

रिप्लेस एंजाइम/HCL (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) - जो अपने पाचन को बेहतर करना चाहते हैं वे आहार पूरक के रूप में बीटेन HCL और/या अग्नाशय (पैंक्रिएटिक) पाचक एंजाइम्स लेते हैं। अगर किसी बहुत कम पोषण युक्त आहार के कारण एसिड रीफ्लक्स होता है, तो दवाईयाँ कम करने के किसी भी प्रयास से पहले पोषण में सुधार किया जाना चाहिए। H2 ब्लॉकर्स (रेनीटिडीन, फमोटोडीन) और प्रोटोन-पंप इन्हिबिटर्स (ओमेप्रज़ोल, ईसोमेप्रज़ोल, पेंटोप्रज़ोल) जैसे, एसिड रिड्यूसर्स के स्वास्थ्य पर होने वाले दीर्घकालिक प्रभावों के कारण, इनपर निर्भरता कम करना लाभकारी हो सकता है। अगर आप कुछ महीनों से अधिक समय के लिए इन दवाओं को ले रहे हैं, तो कदाचित समय के साथ आपको इन्हें लेना छोड़ देना पड़े। (ध्यान रहे: पहले अपने चिकित्सक से परामर्श किए बिना दवाओं के लेना बंद नहीं करें। कुछ ऐसे रोग भी हैं लाभ खतरों से अधिक हो सकते हैं)। 

रीइनोक्युलेट – पेट व आँतों में फिर से लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या को बढ़ाएं। स्वस्थ बैक्टीरिया के उदाहरणों में शामिल हैं लैक्टोबैसिलीएसिडोफिलस, और बिफिडोबैक्टीरिया। दिन में एक या दो बार प्रोबायोटिक पूरक की 5 से 5000 करोड़ यूनिट्स की खुराक लेना लाभकारी हो सकता है। बैक्टीरिया के अतिरिक्त, सैकरोमाइसिस बुलार्डी नाम से पहचानी जाने वाली लाभकारी यीस्ट पेट व आँतों के संतुलन और सूक्ष्मजीवों की विविधता को पुनः स्थापित करने में भी सहायता कर सकती है। 

हालांकि, अपने आहार को बेहतर बनाए बिना इन आहार-पूरकों को लेने से लंबे समय के लिए सहायता नहीं मिलेगी। जब हम पौष्टिक आहार खाते हैं, तो हम स्वस्थ बैक्टीरिया और यीस्ट को भी हमारी आँतों में वृद्धि करने में मदद करते हैं।

रिपेयर - एक लीकी गुट को ठीक करने हेतु सहायता प्राप्त करने के लिए आहार संबंधी बदलाव करने का सुझाव दिया जाता है। निम्नलिखित आहार संबंधी आदतें अपनाने से सहायता मिल सकती है:

रीबैलेंस – जीवन-शैली में सकारात्मक बदलाव लाएं। पूर्ण रूप से सचेत रहने और प्राणायाम का अभ्यास करें। तनाव घटाने वाले क्रिया-कलापों में भाग लें जैसे कि ध्यान लगाना, योग करना, और दैनिक रूप से व्यायाम करना। आप सोने जाने से पहले हर रात को एक सुकून देने वाली चाय भी पी सकते हैं जैसे कि वेलेरियन हर्बल चाय या कैमोमिल

चरण 2: उपवास करना

उपवास शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने के उद्देश्य या अध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए अपने मन से भोजन का सेवन नहीं करना होता है। उपवास करण के कई तरीके हैं, लेकिन अधिकतर लोग पानी, फीकी चाय, या कॉफी पीते हैं  ताकि शरीर में पानी कमी नहीं हो।

उपवास के दौरान, कुछ लोग केवल एक समय का खाना नहीं खाते हैं जैसे कि नाश्ता नहीं करते हैं वहीं दूसरे लोग एक दिन या अधिक के लिए उपवास रखते हैं। सविराम उपवास 12 से 18 घंटे प्रतिदिन के लिए भोजन का त्याग करके किया जाता है (सोने का समय हमेशा उपवास के समय का हिस्सा होता है), जिसमे छः- से 12-घंटों के समय के बीच में आहार लेना सुनिश्चित किया जाता है। इससे पहले एक लेख में, हमने अधिक विस्तारपूर्वक उपवास के लाभों पर चर्चा की थी।

चरण 3: दैनिक गतिविधि

एक स्वस्थ मस्तिष्क और शरीर सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक गतिविधियों में शामिल होना महत्वपूर्ण है। मनुष्यों को चलने-फिरने के लिए बनाया गया है लेकिन, दुर्भाग्यवश, लेकिन दुनियाभर में कई लोग "बैठे रहे के रोग", एक ऐसी अधिक देर तक बैठे रहने की जीवन-शैली जिसमे व्यायाम दैनिक दिनचर्या में शामिल नहीं होता है, से पीड़ित हैं। इसके परिणामस्वरूप ना केवल माँसपेशियाँ, स्नायु और नाजुक हड्डियाँ कमज़ोर हो सकती हैं बल्कि स्मरणशक्ति में कमी आ सकती है और पेट और आँतों का स्वास्थ्य ख़राब हो सकता है। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करने से शरीर BDNF (ब्रेन-डिराइव्ड न्यूरोट्रोफिक फैक्टर), एक प्रोटीन जो नई स्मृति का निर्माण करने और मस्तिष्क को तेज बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है।

चरण 4: नींद पर ध्यान दें

गुणवत्तापूर्ण नींद प्राप्त करना संपूर्ण स्वास्थ्य और मानसिक स्पष्टता के लिए महत्वपूर्ण होता है। अधिकतर लोगों को व्यवधानरहित छः से आठ घंटों की नींद की आवश्यकता होती है — इसमे सोने जाने से 3 घंटे पहले भोजन करने से बचने और दिन के खाने के बाद कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन करने से बचने से सहायता मिल सकती है। 

कभी-कभी कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण आराम में दखल पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, स्लीप ऐप्नीया, जो अधिकतर अक्सर उनको होता है जिनका वज़न अधिक है और वे मोटे हैं लेकिन किसी को भी प्रभावित कर सकते हैं, बहुत आम है। इस स्थिति से ग्रसित लोग मस्तिष्क की पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्त करने की अक्षमता के कारण रात के समय सोते समय सैकड़ों बार "जग जाते" हैं। स्लीप ऐप्नीया के कारण थकान होने, ब्रेन फॉग होने, दिन के समय नींद आने, रक्तचाप बढ़ने, और यहाँ तक कि दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर स्लीप ऐप्नीया होने की संभावना है तो किसी चिकित्सक के से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। 

उनके लिए जो बार-बार नींद नहीं आने की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं, कभी-कभी  मेलेटोनिन सहायक सिद्ध हो सकती है। 

चरण 5: सूर्य का प्रकाश

मनुष्य समय की शुरुआत के समय से — सूर्य और इसके द्वारा प्रदान की जाने वाली ऊर्जा पर निर्भर रहे हैं। यद्यपि, पिछले कुछ दशकों से, कई लोग सूर्य को एक गंभीर खतरे के रूप में समझने लगे हैं।

इस भय के परिणामस्वरूप, विटामिन डी की कमी एक महामारी बन गया है। यहाँ तक कि दक्षिण कैलिफोर्निया में, जहाँ मैं रहता हूँ, पाँच में से चार लोगों में सूर्य के प्रकाश के द्वारा निर्मित होने वाले इस विटामिन का अभाव है। मुझे यह बहुत अजीब लगाता है कि त्वचा के कैंसर से बचने के प्रयास में, जिसमे से अधिकतर जानलेवा नहीं होते हैं, हम सूर्य से बचते रहे हैं। इसके प्रतिकूल, हमको अब यह अहसास हो रहा है कि रक्त में विटामिन डी के कम स्तर वास्तव में अधिक खतरनाक दीर्घकालिक रोगों के लिए एक खतरे का कारक होते हैं। 

चरण 6: आहार पूरक

नीचे हम कुछ ऐसे विटामिन, अडेप्टोजेन और नूट्रॉपिक्स के बारे में चर्चा करेंगे जो कुछ लोग संपूर्ण स्वास्थ्य, ऊर्जा और मानसिक स्पष्टता को बेहतर बनाने के लिए लेते हैं। 

विटामिन

मल्टीविटामिन – लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार लें

विटामिन सी – एक प्रभावकारी एंटीऑक्सीडेंट (ऑक्सीकरणरोधी) खुराक हेतु सुझाव: 500 से 1,000 मि.ग्रा. तक प्रतिदिन

विटामिन डी – 1,000 से 5,000 IU तक प्रतिदिन

मेलेटोनिन – 3 से 10 मि.ग्रा. सोने से 2-3 घंटे पहले

अडेप्टोजेन

एक अडेप्टोजेन एक जड़ी-बूटी का पदार्थ होता है जो पर्यावरणीय और रसायनिक स्ट्रेसर्स के कारण हुए नुकसान से कोशिका की रक्षा करने में सहायता करता है।। 

अश्वगंधा – पशुओं पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया है कि अश्वगंधा ऊर्जा के स्तरों और एंड्यूरेन्स को बढ़ाने में सहायता कर सकता है। Ayu में प्रकाशित एथ्लीटों पर किए 2015 के एक अध्ययन में पाया गया कि अश्वगंधा एंड्यूरेन्स और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक हो सकती है। खुराक हेतु सुझाव: 500 मि.ग्रा. हर दिन एक या दो बार

लिकरिश (DGL या डीग्लिसीरहाइज़ीनेटेड़ लिकरिश) – जब अधिकतर लोग लिकरिश के बारे में सोचते हैं, तो उनके दिमाग में कोई जड़ी-बूटी नहीं बल्की कैंडी आती है। हालांकि, अध्ययनों में पाया गया है कि यह जड़ी-बूटी दशकों से लोगों को लाभ पहुँचा रही है, और यह पारंपरिक चीनी औषधि में एक अहम भूमिका निभाती है, जहाँ इसका प्रयोग अक्सर उनके लिए किया जाता है जो एड्रीनल फटीग, महिलाओं में पाई जाने वाली ब्रेन फॉग से जुड़ी हुई एक स्थिति, से ग्रसित होते हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि लिकरिश मासिक-धर्म बंद होने से संबंधित लक्षणों के कारण महिलाओं में होने वाले हॉर्मोनों के असंतुलन को संतुलित करने में सहायता करती है। हॉर्मोनों का असंतुलन ब्रेन फॉग के होने का संभावित कारण है। 

पेनेक्स जिनसेंग- इसे बहुत तरह के रोगों के लिए लिया जाता है, इस कोरियाई पौधे का प्रयोग 2,000 से अधिक वर्षों से किया जा रहा है। अलझाइमर्स रिसर्च & थेरेपी में 2018 के एक अध्ययन के अनुसार, जिनसेंग तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य और मस्तिष्क के प्रकार्य को बेहतर करने में सहायता कर सकती है। इसका सेवन आहार पूरक, जड़ी-बूटी के मसाले, और चाय के रूप में किया जा सकता है। 

रोड़ीओला - यह जड़ी-बूटी पर्यावरणीय और मौसमी स्ट्रेसर्स दोनों के द्वारा कोशिकाओं को होने वाली ओक्सीडेटिव हानि से बचाने में सहायता करती है। चीनी जर्नल ऑफ़ इंटीग्रेटिव मेडिसिन में प्रकाशित 2009 के अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला गया कि, “रोड़ीओला गिंक्गो की जड़ी-बूटियों का मिश्रित आहार पूरक ऑक्सीजन की खपत को बढ़ाकर और थकावट से रक्षा करके एंड्यूरेन्स के प्रदर्शन में सुधार कर सकता है।” यह ऐसे किसी व्यक्ति के लिए लाभकारी हो सकता है जो मानसिक मंदता का अनुभव कर रहा है। 

नूट्रोपिक

नूट्रोपिक एक ऐसा शब्द है जिसका प्रयोग ज्ञान संबंधी प्रकार्य पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाले और मानसिक स्पष्टता में सहयोग करने वाले तथाकथित "स्मार्ट ड्रग्स" या "स्मार्ट सप्लीमेंट्स" का वर्णन करने के लिए किया जाता है। एविडेंस-बेस्ड कॉम्प्लीमेंटरी एंड ऑल्टरनेटिव मेडिसिन में 2016 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नूट्रोपिक्स स्मरणशक्ति, चौकन्नेपन, रचनात्मकता, और ध्यान में वृद्धि करती है। यह ब्रेन फॉग से ग्रसित व्यक्ति के लिए सहायक हो सकती है। 

सामान्य नूट्रोपिक्स में शामिल हैं आर्टिचोक का सत्वबाकोपा मोनीएरीफोर्सकॉलिनगिंक्गो बिलोबागोटू कोलाएल-थीअनीन, पेनेक्स जिनसेंगहल्दी, और ज़ेनथीन्स। इन सब पर पूर्व के लेखमें परिचर्चा की गई है। यद्यपि, यहाँ नीचे हम इनमे से कुछ का और अधिक विस्तारपूर्वक वर्णन करेंगे।

बाकोपा मोनीएरी 

इसके स्मृति को बढ़ाने के लाभों के लिए इसका पारंपरिक रूप से आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है, बाकोपा की प्रभावकारिता के बारे में अध्ययनों में पता लगाने के कारण, इसका भारत के बाहर पिछले दशक में उपयोग और अधिक व बार-बार किया जाने लगा है। 

एविडेंस-बेस्ड कॉम्प्लीमेंटरी एंड ऑल्टरनेटिव मेडिसिन में 2012 में प्रकाशित एक अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया, कि

 “…बाकोपा मोनीएरी ध्यान, ज्ञान संबंधी प्रोसेसिंग, और कार्य करने से संबंधित स्मृति को बेहतर बना सकती है….” 

इसके अतिरिक्त, 2014 के मेटा-अनेलिसिस अध्ययन (एक अध्ययन जिसने कई अध्ययनों को मिलाकर उनका विश्लेषण किया) में निष्कर्ष निकाला गया कि, “बाकोपा मोनीएरी में अभिज्ञान, विशेष रूप से ध्यान की गति को बेहतर बनाने की क्षमता है”। इसी प्रकार, 2016 के एक अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया कि “ बाकोपा मोनीएरी का प्रयोग करने से ज्ञान से संबंधित प्रकार्यों से संबंधित जाँचों में आँकड़ों के आधार पर बहुत बड़ा सुधार देखा गया।” खुराक हेतु सुझाव: लेबल पर दिए गए निर्देश के अनुसार

फोर्सकॉलिन

फोर्सकॉलिन एक जड़ी-बूटी है जिसका प्रयोग आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता है। पारंपरिक रूप से इसे थाईलैंड, नेपाल और भारत में उगाया जाता है, यह जड़ी-बूटी का सत्व कोलिअस फोर्सकोहली नाम के पौधे से प्राप्त होता है, जो पुदीने के परिवार से संबंधित है। फोर्सकॉलिन साइक्लिक AMP (cAMP) के शरीर के स्तरों में वृद्धि करती है, जो कि एक महत्वपूर्ण रसायन होता है जो कोशिकाओं, मस्तिष्क की कोशिकाओं सहित, की एक दूसरे से संवाद करने और एक दूसरे को संदेश भेजने में सहायता करता है। 

2013 के एक अध्ययन में यह पाया गया कि फोर्सकॉलिन ने मस्तिष्क में कुछ ऐसे प्रोटीन्स की वृद्धि की जो पुनर्जीवित होने, स्मरणशक्ति बढ़ाने के लिए मस्तिष्क की कोशिकाओं को बढ़ाने में सहायता करते हैं। न्यूरल रिजनरेशन रिसर्च में 2017 में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ जिसने दर्शाया कि फोर्सकॉलिन स्नायुओं नष्ट होने और विषैले तत्वों से हानि के विरुद्ध मस्तिष्क की रक्षा करने में सहायता कर सकता है। खुराक हेतु सुझाव: लेबल पर दिए गए निर्देश के अनुसार

गोटू कोला

गोटू कोला, सेन्टेला एसिएटिका या एसिएटिक पेनीवोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, एक हरी पत्तेदार जड़ी-बूटी सब्ज़ी है जिसे पूरे एशिया में खाया जाता है। इसे "हर्ब ऑफ एनलाइटेनमेंट" कहा गया है, इसके उपयोग का वर्णन प्राचीन आयुर्वेदिक पुस्तकों और डाओ की चिकित्सा संबंधी पुस्तकों में किया गया है।

न्यूरोसाइंस लैटर में 2017 के अध्ययन में भी दर्शाया गया कि गोटू कोला में मौजूद सक्रिय संघटकों ने मस्तिष्क की स्नायुओं को बेहतर बनाया और स्मृति को संरक्षित करने में सहायता की। उसके अलावा, यह जड़ी-बूटी मानसिक स्पष्टता को बेहतर बनाने की इच्छा रखने वाले के लिए लाभकारी हो सकती है। खुराक हेतु सुझाव: लेबल पर दिए गए निर्देश के अनुसार

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