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बीमारियाँ

क्या क्रकच ताल (Saw Palmetto) पुरुषों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है?

13 जनवरी 2020

एरिक मैड्रिड, एमडी द्वारा

इस लेख में:


क्रकच ताल (सेरेनोआ रेपेन्स) पुरुषों द्वारा स्वास्थ्य को सही अवस्था में रखने हेतु लिएजाने वाले शीर्ष 10 पूरकों में से एक है। क्रकच ताल वेस्ट इंडीज और दक्षिणपूर्वी अमेरिका में आम तौर पर पाया जाने वाला छोटे कद का ताड़ का पेड़ है, जिस पर अंडाकार, गहरे भूरे रंग के फल लगते हैं, जिनका उपयोग अक्सर दवाई के रूप में किया जाता है। 

क्रकच ताल का उपयोग पुरुषों में प्रॉस्टेट ग्रंथि की तकलीफों के लिए किया जाता है, लेकिन पारंपरिक रूप से, इसका उपयोग आदिवासी पुरुषों और स्त्रियों द्वारा मूत्र से संबंधित शिकायतों के लिए और वृषण की गतिविधि और स्तनों के आकार को बढ़ाने के लिए किया जाता था। इसका उपयोग अपच को कम करने और नींद को बेहतर बनाने के लिए भी किया जाता है। गर्भवती और बच्चे को अपना दूध पिलाने वाली स्त्रियों को क्रकच ताल नहीं लेना चाहिए।

क्रकच ताल: यह कैसे काम करता है

क्रकच ताल 5ए-रिडक्टेज़ नामक एक एंजाइम को निष्क्रिय करता है जिसकी जरूरत टेस्टोस्टेरोन को डाइहाइड्रो टेस्टोस्टेरोन (DHT) में बदलने के लिए पड़ती है। इसके अर्क में लगभग 90% फैटी एसिड होते हैं जिनमें लॉरेट और मायरिस्टेट नामक संतृप्त मध्यम-शृंखला फैटी एसिड की बड़ी मात्रा होती है। 2017 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नुस्खे की दवाईयों के साथ अक्सर लिए जाने वाले क्रकच ताल के द्वारा प्रतिक्रिया उत्पन्न करने की कम संभावना होती है। 

क्रकच ताल के समर्थक इसके निम्न लाभों से युक्त होने का दावा करते हैं। 

क्रकच ताल और बालों की वृद्धि

पुरुषों की उम्र के बढ़ने के साथ और हारमोन स्तरों के बदलने के कारण बालों का गिरना जिसे चिकित्सा शास्त्र में पुरुषों का ऐंड्रोजेनेटिक ऐलोपेशिया (AGA) कहते हैं, आम हो जाता है। कई पुरुषों में यह एक बड़ी समस्या बन जाता है और शर्मिंदगी या स्वाभिमान से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। मिनॉक्सिडिल और फिनैस्टेराइड जैसी लोकप्रिय दवाईयों को एफडीए ने बालों की वृद्धि के लिए अनुमोदित किया है। फिनैस्टेराइड नामक दवाई विशेष रूप से एंज़ाइम 5ए-रिडक्टेज़ को निष्क्रिय करती है जो टेस्टोस्टेरोन को डाईहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन में बदलने से रोकता है। क्रकच ताल भी इसी तरह से काम करता है।

2002 में किए गए एक दोहरे-अज्ञात प्लेसिबो-नियंत्रित अध्ययन में बालों के गिरने से ग्रस्त पुरुषों का मूल्यांकन किया गया। इस अध्ययन में शामिल पुरुषों को उम्र से संबंधित हल्के से मध्यम दर्जे की बालों के गिरने की समस्या थी। अध्ययन के अंत तक, क्रकच ताल लेने वाले 60 प्रतिशत पुरुषों को लगा कि उनके बाल घने होने लगे हैं। 

2012 में किए गए एक अध्ययन में क्रकच ताल की तुलना एफडीए द्वारा अनुमोदित बालों को बढ़ाने के लिए लोकप्रिय औषधि फिनैस्टेराइड से की गई। हालांकि दोनों समूहों में बालों की वृद्धि में सुधार देखा गया, फिनैस्टेराइड लेने वाले समूह को क्रकच ताल लेने वालों की तुलना में जरा से बेहतर परिणाम महसूस हुए। तथापि, प्राकृतिक तरीके को पसंद करने वाले लोग आम तौर पर क्रकच ताल लेते हैं। 

2016 में किए गए एक अध्ययन ने क्रकच ताल के एक स्थानिक फार्मूले का परीक्षण करने के साथ-साथ पुष्टि की कि मौखिक क्रकच ताल बाालों के गिरने को रोकने में उपयोगी है। शोधकर्ताओं का निष्कर्ष था कि क्रकच ताल का स्थानिक प्रयोग उन पुरुषों के लिए एक उपयुक्त विकल्प है जो बालों के गिरने के लिए नुस्खे की दवाईयाँ नहीं लेना चाहते हैं। एक पूर्वप्रकाशित लेख में, मैंने बातों के गिरने के बारे में चिंतित लोगों के लिए अन्य प्राकृतिक उपायों की चर्चा की थी.

क्रकच ताल और टेस्टोस्टेरोन के स्तर 

उम्र के बढ़ने के साथ, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर सहज रूप से कम होने लगते हैं। टेस्टोस्टेरोन के स्तरों में कमी को थकान, नपुंसकता, वज़न में वृद्धि, यौनेच्छा में कमी, और मंसपेशियों की ताकत में कमी से जोड़ा गया है। सामान्य वज़न हासिल करके, कम शर्करा वाले आहार का सेवन करके, और नियमित व्यायाम करके टेस्टोस्टेरोन के स्तरों को बेहतर बनाया जा सकता है। 

अक्सर देखा जाता है कि पुरुष टेस्टोस्टेरोन की कमी से हो सकने वाले लक्षणों के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करते हैं। जोखिम से ग्रस्त लोगों की पहचान करने में एक सरल सा परीक्षण मदद कर सकता है। कभी-कभी, यदि समुचित हो तो, डॉक्टर टेस्टेस्टेरोन के प्रतिस्थापन की सलाह दे सकते हैं। जहाँ तक मेरा अनुभव है, कई पुरुष टेस्टोस्टेरोन में सुधार करने के प्राकृतिक तरीके को पसंद करते हैं, जिसकी चर्चा एक पूर्वप्रकाशित लेख में की गई है।

2008 में प्रकाशित एक अध्ययन ने दर्शाया कि क्रकच ताल से युक्त एक पूरक. जिसमें ऐस्टाजैंथिन भी होता है, प्रयोगाधीन व्यक्तियों में कुल टेस्टोस्टेरोन स्तरों को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसी अध्ययन ने डाईहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन में कमी भी दर्शाई जो कि एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा बालों की वृद्धि को उत्तेजित किया जाता है। 

तथापि, 1988 में किए गए एक अध्ययन, जो केवल 30 दिनों तक चला था, ने टेस्टोस्टेरोन स्तरों में लाभ नहीं दर्शाया। यह संभव है कि वह समयावधि, जिसमें क्रकच ताल का परीक्षण किया गया था, बहुत छोटी थी। अंतिम निष्कर्ष निकालने के पहले अधिक अध्ययनों की जरूरत है। 

क्रकच ताल और प्रॉस्टेट (पुरःस्थ ग्रंथि) का स्वास्थ्य 

प्रॉस्टेट ग्रंथि पुरुष के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। वास्तव में, यह शब्द यूनानी मूल का है और इसे "पहले खड़ा रहने वाला" या "संरक्षक" के रूप में परिभाषित किया जाता है। प्रॉस्टेट ग्रंथि मूत्राशय और बड़ी आंत के बीच स्थित होती है। इसका मुख्य कार्य एक साफ, क्षारीय तरल का स्राव करना होता है, जो वीर्यपात के समय शुक्राणुओं के परिवहन में मदद करता है। क्षारीयता योनि मार्ग की अम्लीयता को निष्क्रिय करने में मदद करती है, जिससे शुक्राणु सुरक्षित हो जाते हैं और शुक्राणु के द्वारा किसी अंडे का निषेचन करने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे जीवन का चक्र आगे की ओर चलता जाता है। 

पुरुषों के सम्मुख आने वाली दो आम प्रॉस्टेट समस्याओं में बिनाइन प्रॉस्टेट हाइपरप्लेसिया (BPH) और अधिक गंभीर रूप से, प्रॉस्टेट कैंसर शामिल हैं। 

बिनाइन प्रॉस्टेट हाइपरप्लेसिया

पुरुषों की उम्र के बढ़ने के साथ, कई लोगों को बढ़े हुए प्रॉस्टेट से संबंधित लक्षणों का अनुभव होने लगता है, जिसे डॉक्टर BPH या बिनाइन प्रॉस्टेटिक हाइपरप्लेसिया कहते हैं। इसके लक्षण 40 वर्ष की उम्र के आस-पास शुरू हो सकते हैं, और 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 50 प्रतिशत तक पुरुषों को प्रभावित करते हैं। अनुमान लगाया जाता है कि 2.5 मिलियन से अधिक अमरीकी (यूरोप और जापान में लाखों अन्य लोग) प्रॉस्टेट के लक्षणों में मदद के लिए क्रकच ताल पर निर्भर हैं।

इन लक्षणों में मूत्राशय को खाली करने में कठिनाई, मूत्र का बूंद-बूंद कर टपकना, मूत्र के प्रवाह में कमी, और बार-बार मूत्रत्याग करना शामिल हैं। लक्षणों को कम करने के लिए नुस्खे की दवाईयाँ उपलब्ध हैं, तथापि, कई लोग दुष्प्रभावों के डर से अधिक प्राकृतिक तरीके को आजमाना पसंद करते हैं। इनमें से कुछ दवाईयों में शामिल हैं:

  • अल्फा ब्लॉकर – टैम्सुलोसिन, डॉक्सैज़ोसिन, टेरैज़ोसिन, अल्फुज़ोसिन (दुष्प्रभावों में रक्तचाप में कमी, शिष्न के उत्थान का विकार, सिरदर्द, और कंपन शामिल हैं)
  • 5-अल्फा रिडक्टेज़ इनहिबिटर – फिनैस्टेराइड, ड्युटैस्टेराइड (दुष्प्रभावों में शिष्न के उत्थान का विकार, और यौनेच्छा में कमी शामिल है)
  • फॉस्फोडाइएस्टरेज़-5 इनहिबिटर – टैडैलाफिल (दुष्प्रभावों में पेट में दर्द, नाक बंद होना, चेहरे की लाली, और चक्कर आना शामिल हैं)

क्रकच ताल एक हर्बल दवाई है जो अध्ययनों के अनुसार, बढ़े हुए प्रॉस्टेट की समस्याओं वाले कुछ लोगों में उपयोगी हो सकती है। बढ़े हुए प्रॉस्टेट के लक्षणों वाले सैकड़ों पुरुषों के साथ मेरे अनुभव में, आधे लोगों को क्रकच ताल से लाभ होता है जबकि शेष लोगों को कोई खास फायदा नहीं होता है। मैंने इस पूरक के उपयोग से किसी को भी कोई हानि होते नहीं देखा है।

लाभ दर्शाने वाले अध्ययन

2001 में Urology में प्रकाशित एक अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि, “क्रकच ताल ने निचले मूत्रमार्ग के संक्रमणों वाले पुरुषों में प्लेसिबो की तुलना में सांख्यिकीय रूप से उल्लेखनीय सुधार पैदा किया। क्रकच ताल का प्रतिभागियों की मूत्र प्रवाह दरों पर कोई मापन योग्य प्रभाव नहीं पड़ा। वह प्रक्रिया जिसके द्वारा क्रकच ताल मूत्र संबंधी लक्षणों में सुधार करता है, अभी भी अज्ञात है….”

तथापि, 2001 के बाद से हमें इस बूटी की कार्यप्रणाली के बारे में अधिक जानकारी मिली है। उदाहरण के लिए, 2015 के एक अध्ययन ने बढ़े हुए प्रॉस्टेट के लक्षणों से ग्रस्त 165 पुरुषों का मूल्यांकन किया। इन पुरुषों का उपचार क्रकच ताल की 160 मिग्रा रोजाना की खुराक से किया गया। छह सप्ताहों के बाद, मूत्र संबंधी लक्षणों में सुधार हुआ, जिससे अग्रणी शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि, “क्रकच ताल के अर्क के कैप्सूल बिनाइन प्रॉस्टैटिक हाइपरप्लेसिया के उपचार के लिए सुरक्षित और कारगर हैं”

यही नहीं, 2016 में European Urology Focus में प्रकाशित एक अध्ययन में भी क्रकच ताल के अत्यधिक गाढ़े अर्क का लाभ देखा गया। शोधकर्ताओं ने देखा कि क्रकच ताल का सेवन करने वाले समूह में बढ़े हुए प्रॉस्टेट से संबंधित लक्षणों में कमी हुई। ये लाभ नुस्खे की दवाईयाँ जैसे टैम्सुलोसिन और फिनैस्टेराइड लेने वाले लोगों में देखे गए प्रभाव के समान ही थे, जिनका उपयोग बढ़े हुए प्रॉस्टेट के लक्षणों का उपचार करने के लिए किया जाता है।

तथापि, सभी वैज्ञानिक अध्ययनों ने लाभ नहीं दर्शाया है।

वे अध्ययन जो कोई लाभ नहीं दर्शाते हैं

कॉक्रेन डेटाबेस द्वारा 2002 में किए गए अध्ययन के इस निष्कर्ष के बावजूद कि कक्रच ताल ने मूत्र संबंधी लक्षणों में हल्के से लेकर मध्यम लाभ प्रदान किया था और मूत्र के प्रवाह में सुधार किया था, 2009 में किए गए एक अनुवर्ती अध्ययन ने दर्शाया कि क्रकच ताल स्वयं किसी प्लेसिबो से अधिक लाभदायक नहीं था। 

इसके अलावा, 2006 में New England Journal of Medicine (NEJM) में प्रकाशित एक अध्ययन में भी क्रकच ताल लेने वाले पुरुषों में प्लेसिबो लेने वाले पुरुषों की तुलना में प्रॉस्टेट के लक्षणों में कोई लाभ नहीं देखा गया। 225 पुरुषों के इस अध्ययन में, आधे लोगों ने क्रकच ताल को 160 मिग्रा दिन में दो बार की खुराक पर लिया जबकि शेष लोगों ने प्लेसिबो या शक्कर की गोली ली। यह अध्ययन एक वर्ष तक चला। 

2012 में JAMA में प्रकाशित एक अध्ययन ने 369 पुरुषों में 320 मिग्रा क्रकच ताल की तुलना एक प्लेसिबो गोली से की। अध्ययन के अंत में, क्रकच ताल लेने वाले पुरुषों में प्लेसिबो लेने वाले लोगों की तुलना में लक्षणों में कोई उल्लेखनीय अंतर नहीं देख गया। 

2017 में Journal of Alternative Complementary Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन ने सुझाया कि समग्र साक्ष्य दर्शाता है कि क्रकच ताल प्राकृतिक चिकित्सा के दृष्टिकोण के भीतर लाभदायक हो सकता है, भले ही लाभ का कुछ अंश प्लेसिबो प्रभाव होता हो। 

प्रॉस्टेट का शोथ

जब जलन मौजूद होती है तो प्रॉस्टेट का शोथ होता है। कभी-कभी ऐसा एक जीवाणु संक्रमण के कारण होता है। 

2017 में चीन में किए गए एक अध्ययन ने प्रॉस्टेट के शोथ से ग्रस्त 54 पुरुषों का मूल्यांकन किया। शोधकर्ताओं ने क्रकच ताल का अर्क लेने वाले लोगों में मूत्र से संबंधित लक्षणों में सुधार देखा। तथापि, इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि यदि आपको प्रॉस्टेट का शोथ हो जाए, तो अपने डॉक्टर की अनुशंसाओं का अवश्य पालन करें। 

संयोजन हर्बल उपचार

जिन लोगों को अकेले क्रकच ताल से संतोषजनक लाभ नहीं दिखता है, वे किसी संयोजन बूटी पर विचार कर सकते हैं। ऐसे अध्ययन है जहाँ दर्शाया गया है कि क्रकच ताल सेलेनियम और लाइकोपीन के साथ संयोजन में लेने पर, क्रकच ताल को अकेले लेने की बनिस्बत अधिक कारगर होता है। 

2011 में किए गए एक अध्ययन ने दर्शाया कि संयोजन अकेले क्रकच ताल को लेने की तुलना में बढ़े हुए प्रॉस्टेट के लक्षणों को कम करने का काम करने में बेहतर था। 2013 में Current Medicinal Chemistry में प्रकाशित अध्ययन में भी यही बात कही गई जिसने पाया कि लाइकोपीन-सेलेनियम को क्रकच ताल के साथ संयोजन में लेने पर एंडोथेलियल ग्रोथ फैक्टर (EGF) और वैस्कुलर एंडोथेलियल ग्रोथ फैक्टर (VEGF) का दमन होता है। ये दोनों ही प्रॉस्टेट ग्रंथि के बढ़ने के कारण हैं। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि संयोजन उपचार क्रकच ताल के अकेले उपयोग से अधिक फायदेमंद था। 

2016 में किए गए एक अध्ययन ने भी प्रॉस्टेट के समर्थनकारी पूरकों को क्रकच ताल के साथ लेने के लाभ की पुष्टि की। संभव है कि यह मिश्रण एक सहक्रियाशील प्रभाव प्रदान करता है जो प्रॉस्टेट के स्वास्थ्य को सही हालत में रखने में मदद करता है।

अंत में, 2019 में BMC Complementary and Alternative Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन में भी प्रॉस्टेट के लक्षणों में तब सुधार देखा गया जब क्रकच ताल का अकेले उपयोग करने की तुलना में फाइटोस्टेरॉल और क्रकच ताल का उपयोग संयोजन में किया गया।

प्रकृति और दवाई का उपयोग करने वाला द्विक उपचार

2014 में Prostate में प्रकाशित एक यादृच्छीकृत अध्ययन ने प्रॉस्टेट के लक्षणों वाले 55 से 80 वर्ष की उम्र के 225 पुरुषों का मूल्यांकन किया। एक तिहाई प्रतिभागियों को क्रकच ताल/लाइकोपीन और सेलेनियम प्राप्त हुआ, दूसरे एक तिहाई को टैम्सुलोसिन दवाई दी गई, और अंतिम समूह को संयोजन पूरक और नुस्खे की दवाई टैम्सुलोसिन दी गई। 12 महीनों के बाद, शोधकर्ताओं ने पाया कि नुस्खे की दवाई के साथ पूरक लेने वाले लोगों को सबसे अधिक फायदा हुआ। 

इस बात का भी साक्ष्य है कि नुस्खे की दवाई फिनैस्टेराइड के साथ-साथ क्रकच ताल लेने वाले लोगों को भी अतिरिक्त लाभ का अनुभव होता है। अपनी चिकित्सा दिनचर्या में किसी पूरक को जोड़ने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना हमेशा महत्वपूर्ण है। 

प्रॉस्टेट का कैंसर

हर छह में से एक पुरुष अपने जीवनकाल में प्रॉस्टेट के कैंसर से ग्रस्त हो सकता है। प्रॉस्टेट कैंसर से ग्रस्त अधिकांश पुरुषों की मृत्यु उनके कैंसर के कारण नहीं होती है। इसके बावजूद, स्वस्थ जीवनशैली जीना और समझदारीपूर्ण चुनाव करना स्वस्थ बने रहने में लाभदायक हो सकता है। 

2001 में किए गए एक अध्ययन ने दर्शाया कि क्रकच ताल प्रयोगशाला में कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकता है, जबकि 2006 में किए गए एक अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि क्रकच ताल के उपयोग का संबंध प्रॉस्टेट के कैंसर के जोखिम से नहीं था। 

2016 के एक अध्ययन में प्रॉस्टेट कैंसर से ग्रस्त उन पुरुषों का मूल्यांकन किया गया जो विकिरण उपचार करवा रहे थे। पुरुषों ने 22 सप्ताह तक क्रकच ताल की 960 मिग्रा की खुराक का सेवन किया, और कोई दुष्प्रभाव नहीं देखे गए। तथापि, क्रकच ताल बनाम प्लेसिबो लेने वाले लोगों में प्रॉस्टेट से संबंधित लक्षणों में कोई उल्लेखनीय अंतर नहीं पाया गया। 

क्रकच ताल कैसे मदद कर सकता है?

कई अध्ययन हमें बताते हैं कि क्रकच ताल से प्रॉस्टेट के कैंसर को जोखिम को कम करने में मदद नहीं मिलती है। तथापि, इस बारे में अधिक साक्ष्य हैं कि यह बालों की वृद्धि को बढ़ाने के इच्छुक लोगों में और बढ़े हुए प्रॉस्टेट से होने वाले लक्षणों को कम करने का प्रयास करने वाले पुरुषों में लाभदायक हो सकता है। हालांकि सबके अनुभव अलग-अलग हैं, इसे आजमाने वाले लोगों में कोई नुकसानदेह दुष्प्रभाव नहीं देखे गए हैं। इसके अलावा, प्रॉस्टेट के स्वास्थ्य की नुस्खे की दवाईयों के साथ लेने पर, एक सहक्रियाशील प्रभाव भी देखा जा सकता है। 

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