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इम्यूनिटी 101: यह कैसे काम करता है + हमारे शरीर की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अभ्यास

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प्रतिरक्षा प्रणाली कैसे काम करती है?

हर कोई जानता है कि प्रतिरक्षा प्रणाली हमारे शरीर को संक्रमणों से बचाती है; वास्तव में यह कैसे काम करती है यह एक रहस्य जैसा है। प्रतिरक्षा प्रणाली के दो भाग हैं: सहज और अनुकूली प्रतिरक्षा प्रणाली। प्रत्येक भाग में विभिन्न तरीकों से हमारे शरीर की रक्षा के लिए अद्वितीय घटक और क्रियाएं हैं।

सहज प्रतिरक्षा क्या है?

हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली के सहज हिस्से में गैर विशिष्ट सुरक्षा शामिल है, जैसे यह तथ्य कि हमारी त्वचा थोड़ी अम्लीय है, जो बैक्टीरिया को उस पर पनपने से रोकती है। सहज प्रतिरक्षा का एक और बढ़िया उदाहरण श्लेष्म है, जिसकी हमारे मुंह के अंदर परत होती है। इस लसलसे पदार्थ में एंजाइम होते हैं, जो हम जब भी कुछ गलत खा लेते हैं, तो ये उसे मार देते हैं।

अनुकूली प्रतिरक्षा क्या है?

हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का अनुकूली हिस्सा अधिक विशिष्ट और महत्वपूर्ण है। जो भी इसके संपर्क में आता है, उसे प्रतिरक्षा प्रणाली के सहज हिस्से की तरह मारने के बजाय, यह टी और बी लिम्फोसाइट्स जैसी विशिष्ट कोशिकाओं को शामिल करता है। ये विशिष्ट ग्राही कोशिकाएं होती हैं जो वायरस या बैक्टीरिया के रूप में किसी बाह्य चीेज के शरीर में प्रवेश करते ही उन्हें पहचान जाती हैं।

टी कोशिकाओं में विशिष्ट रिसेप्टर्स होते हैं जो उन्हें इन रोगजनकों की पहचान करने में मदद करते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली से उन पर हमला करवाते हैं। बी कोशिकाएं दिलचस्प हैं क्योंकि वे रोगजनकों को एंटीबॉडी से कवर कर सकती हैं जैसे हम फ्रेंच फ्राइज़ को केचप से कवर करते हैं, उन्हें स्वादिष्ट बनाने के लिए। जब कोई बैक्टीरिया या वायरस एंटीबॉडीज से कवर हो जाते हैं, तो वे प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए "बहुत स्वादिष्ट" बन जाते हैं और आसानी से नष्ट हो सकते हैं। खेल समाप्त: हमारे शरीर ने हमारी रक्षा की और हम बीमार नहीं हुए!

‌‌हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली पर मौसम में बदलाव का क्या प्रभाव पड़ता है?

कुछ शोध मौसम बदलने पर दिन के उजाले में आई कमी के साथ प्रतिरक्षा क्रिया के संबंधों की ओर इशारा करते हैं। दिन छोटे होने के साथ, सहज प्रतिरक्षा प्रणाली में कुछ कोशिकाएं उतनी दृढ़ता से कार्य नहीं करतीं, जितना कि वे सूर्य के प्रकाश के लंबे समय तक संपर्क में रहने पर करती हैं। इस शोध में रोगजनक बैक्टीरिया में भी बड़ी वृद्धि देखी गई, जो कि तर्कसंगत भी है, क्योंकि प्रतिरक्षा प्रणाली का कुछ हिस्सा उतनी सुदृढ़ता से काम नहीं कर रहा है, जितना उसे करना चाहिए।

क्या तनाव मेरी प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं?

ज्यादातर लोग छुट्टियों के मौसम में तनाव बढ़ने की बात करते हैं। बढ़ते तनाव का मतलब आमतौर पर हमारे तनाव हार्मोन कोर्टिसोल में वृद्धि है। कोर्टिसोल में यह वृद्धि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली पर भिन्न प्रभाव डालती है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि तनाव कितने समय तक रहता है। अल्पकालिक तनाव से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का सहज हिस्सा उत्तेजित होता है और साथ ही, अनुकूलक समाप्त हो जाता है, जिससे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली में बदलाव आता है और शरीर के लिए संभवतः कम सुरक्षा रह जाती है।

उच्च कोर्टिसोल से, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता, शरीर में एक प्रदाहयुक्त प्रतिक्रिया हो सकती है। अक्सर प्रदाहयुक्त साइटोकिन्स के साथ उच्च कोर्टिसोल आता है। ये अणु प्रदाहयुक्त प्रतिक्रिया की तीव्रता के स्तर को बढ़ा सकते हैं, जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए प्रतिरक्षा कोशिकाओं को उत्प्रेरित करने या उन्हें बनाने के संकेत देता है। एक उच्च प्रदाहयुक्त प्रतिक्रिया का कई ऐसी चीजों के कारण के रूप में वर्णन किया गया है, जिनसे स्वास्थ्य खराब और/या थकान हो सकती है, क्योंकि बहुत-सी प्रतिरक्षा कोशिकाओं को उत्प्रेरित करने में बहुत अधिक ऊर्जा का उपयोग होता है!

आहार प्रतिरक्षा स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

उस पुरानी कहावत को याद रखें, "आप वही हैं, जो आप खाते हैं?" खैर, यह सच है! हमारा भोजन हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली के स्वास्थ्य में एक बड़ी भूमिका निभाता है। माइक्रो (विटामिन और खनिज) और मैक्रो (प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा) पोषक तत्व एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के सहायक की भूमिका निभाते हैं।  जिंक जैसे कई खनिज जन्मजात और अनुकूली प्रतिरक्षा प्रणाली दोनों का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

अन्य विटामिन जैसे विटामिन ई जंक फूड खाने पर शरीर को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट प्रदान कर सकते हैं, जो स्वाभाविक रूप से उच्च सूजन प्रतिक्रिया को उत्तेजित करते हैं। विटामिन ई स्वयं कोशिकाओं सहित प्रतिरक्षा घटकों के निर्माण में भी मदद कर सकता है।

‌‌अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए मैं अपनी जीवनशैली में क्या बदलाव ला सकता हूं?

तनाव प्रबंधन का अभ्यास करें

तनाव प्रबंधन के उपयुक्त तरीके अपनाकर कोर्टिसोल का एक स्वस्थ स्तर प्राप्त किया जा सकता है और यह एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद कर सकता है। तनाव प्रबंधन के विभिन्न तरीके हैं, जैसे शारीरिक व्यायाम, और फिर अधिक संज्ञानात्मक तरीका जैसे ध्यान या अन्य सचेतन अभ्यास। किसी भी अन्य कौशल की तरह, तनाव प्रबंधन को भी अपने जीवन में शामिल करने में समय लगता है। इसलिए इसका अभ्यास करते हुए आप खुद के साथ नरमी बरतें।

पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करें

शुद्ध-भोजन सहित पोषक तत्वों से भरपूर आहार, और विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बहुत जरूरी हैं। शरीर एक टुकड़े चिकन और सलाद से एक कटोरी शक्कर की तुलना में इतने अधिक पोषक तत्वों को प्राप्त सकता है।

पर्याप्त नींद लें

प्रतिरक्षा क्रिया में नींद भी बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। सही मात्रा में ऊर्जा के उत्पादन के लिए अपने प्राकृतिक सर्केडियन रिदम का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है। नींद की मात्रा और गुणवत्ता की कमी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को बिगाड़ सकती है, जिससे संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। नींद की अच्छी गुणवत्ता और अवधि मायने रखती है और नींद से जुड़ी अच्छी आदतें इसमें सहायक हो सकती हैं। इस अभ्यास में अंधेरे कमरे में सोना, सोने से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स से बचना और रात 11 बजे से पहले बिस्तर पर जाना शामिल है, प्राकृतिक नींद सहायक, जैसे मैग्नीशियम और मेलाटोनिन, स्वस्थ नींद चक्र को प्रोत्साहित करने में भी मदद कर सकते हैं। 

‌‌मैं अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए क्या सप्लीमेंट्स ले सकता हूं?

कई पूरक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का समर्थन करने में मदद कर सकते हैं जिनमें इचिनेशियाविटामिन डीजिंकप्रोबायोटिक्स, और विटामिन सीशामिल हैं।

1. एकीनेसीआ

इचिनेशिया एक वानस्पतिक है और अक्सर पौधों की कुछ अलग प्रजातियों के लिए एक समूह का नाम होता है। एकीनेसीआ अंगुस्टिफोलिया, एकीनेसीआ पल्लिडा, और एकीनेसीआ परप्यूरिआ इन पौधों के सामान्य रूप हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की इसकी क्षमता के कारण एकीनेसीआ का दुनिया भर में इस्तेमाल किया गया है। वनस्पति में विशिष्ट सक्रिय घटकों को डाइक्रोइक एसिड और एकीनाकोसाइड कहा जाता है जो एकीनेसीआ को अपना काम करने में मदद करते हैं।

एकीनेसीआ मजेदार तथ्य: यह सामान्य जुकाम की अवधि को कम कर सकता है। अनुसंधान ने एक स्वस्थ प्रदाहयुक्त प्रतिक्रिया के सहायक के रूप में इसके सकारात्मक प्रभाव की ओर भी इशारा किया है। इस वनस्पति का अध्ययन प्रतिरक्षा प्रणाली के सहज हिस्से को उत्तेजित करने के लिए किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप शरीर में रोगजनकों के खिलाफ एक उच्च सुरक्षा होती है। कुछ शोध से पता चला है कि एकेनेसिया के अलग-अलग रूपों से प्रतिरक्षा प्रणाली के अनुकूली भागों पर सकारात्मक प्रभाव हो सकता है।

2. विटामिन डी

विटामिन डी स्वस्थ प्रतिरक्षा कार्य के लिए आवश्यक एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। हमारी त्वचा के पराबैंगनी प्रकाश के संपर्क में आने से यह प्राकृतिक रूप से शरीर में बनता है। अधिकतर अंदर रहना और सूरज से बचना, आधुनिक दुनिया में यह लोकप्रिय प्रथा बन गयी है, जिससे इस आवश्यक विटामिन की कमी हो रही है। हमारे भोजन को तोड़कर मुख्य पोषक तत्वों को रिहा करने में विटामिन डी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह खासकर शर्करा के टूटने को सही बनाए रख सकता है, जिससे अनुमान है कि शरीर में सूजन-संबंधी प्रतिक्रिया सही रहती है।

मजेदार तथ्य: हमारी प्रतिरक्षा कोशिकाओं में विटामिन डी बनाने के लिए कुछ करने की क्षमता होती है! यह प्रमुख विटामिन स्वस्थ शरीर और अनुकूली प्रतिरक्षा तंत्र की सहायता करता है। वैसे और भी सिद्धांत हैं कि विटामिन डी की कमी होने से संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है और/या प्रतिरक्षा अतिसंवेदनशीलता/क्रियाशीलता बढ़ जाती है।

3. जिंक

ज़िंक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए आवश्यक एक प्रमुख खनिज है। जिंक की कमी और प्रतिरक्षा तंत्र के साथ इसके सह-संबंध की खोज वैज्ञानिकों ने 1960 के दशक में की थी। इस खोज के बाद से, अनगिनत शोध अध्ययन से जिंक के कई लाभ की खोज की गयी है। जिंक एक दूत की तरह है जो जन्मजात और अनुकूली प्रतिरक्षा प्रणाली, दोनों को सही संकेत देता है ताकि वे आपस में "बात" करके कुशलता से कार्य कर सकें।

जिंक एंटीबॉडी बनाने के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। याद करें पहले हमने प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा एंटीबॉडी से ढक कर "रोगज़नक़ों को स्वादिष्ट बनाने" के बारे में बात की थी। यह जस्ता-निर्भर प्रक्रिया बैक्टीरिया या वायरस की तरह संक्रामक आक्रमणकारियों को मारने के लिए अन्य प्रतिरक्षा कोशिकाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

4. प्रोबायोटिक्स

प्रोबायोटिक्स को स्वस्थ पेट का समर्थन करने के लिए वर्षों से दिखाया गया है, लेकिन इसका प्रतिरक्षा से क्या लेना-देना है? आपके प्रतिरक्षा तंत्र का अधिकांश हिस्सा आपकी आंत में होता है! यह उपयोगी बैक्टीरिया एक स्वस्थ जन्मजात और अनुकूली प्रतिरक्षा तंत्र की सहायता करते हैं। प्रोबायोटिक्स की सबसे अधिक दिखाई देने वाली खूबियों में से एक यह है कि वे रोगजनक बैक्टीरिया को भौतिक रूप से आपकी आंत में घुसने से रोक सकते हैं। इस क्रिया से संक्रमण से बचने में मदद मिल सकती है।

कई प्रोबायोटिक्स भी एक स्वस्थ इन्फ़्लेमेट्री प्रतिक्रिया का समर्थन करते हैं, अनिवार्य रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली को यह बताते हैं कि कितनी प्रतिक्रिया देने की अवश्यकता है। एक स्वस्थ इन्फ़्लेमेट्री प्रतिक्रिया एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है।

5. विटामिन सी

विटामिन C उचित जन्मजात और अनुकूली प्रतिरक्षा कार्य के लिए पानी में घुलनशील विटामिन कुंजी है। विटामिन सी का एक अद्वितीय कार्य है कि इसे एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में आंत के अस्तर की मरम्मत के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रोबायोटिक्स की क्रिया के समान ही रोगजनकों को दूर रखने में मदद कर सकता है, और रोगजनकों के पेट में एकत्र होने में बाधा उत्पन्न करता है।

विटामिन सी भी सहज प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं की कुछ ऐसा बनाने में मदद कर सकता है, जिसे प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियां या आरओएस कहा जाता है। इस रसायन को प्रतिरक्षा कोशिकाओं द्वारा स्रावित किया जा सकता है और यह रोगजनकों को मार सकता है।

शुक्र है कि ऐसे समय में जब हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक कमजोर होती है, हमारे पूरे तंत्र की सहायता के लिए जीवनशैली में सुधार और सप्लीमेंट्स जैसी सर्वोत्तम प्रथाएं मौजूद हैं, जब इसे इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है!

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