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एक वर्ज़िश के बाद रिकवर कैसे करें, इस पर आपकी कदम-ब-कदम मार्गदर्शिका

जोए थुरमैन द्वारा

इस लेख में:


इसकी कल्पना करें: आप अपने जीवन के एक बेहतरीन वर्ज़िश के लिए अभी-अभी जिम में आए हैं। आप बहुत अच्छा अनुभव कर रहे हैं और अब चूंकि आपने अपना वर्ज़िश समाप्त कर लिया है, काम खत्म हो गया न? गलत! वर्ज़िश परिणामों की संप्रेरकमात्र है- असली काम तब शुरू होता है, जब रिकवरी शुरू होती है।  कभी आपने यह कहावत सुनी है, “जब आप आराम करते हैं, तब आपका विकास होता है?” खैर, आपके शरीर को दुरुस्त होने के लिए वर्ज़िश के बाद समय और संसाधनों की आवश्यकता होती है। आपका वर्ज़िश के समाप्त होते से ही आपकी रिकवरी शुरू हो जाती है। कदम-ब-कदम मार्गदर्शिका आपके शरीर के लिए इस महत्त्वपूर्ण समय का सबसे अधिक लाभ उठाने में सहायता करती है।

चरण 1: पैरासिंपथेटिक श्वसन के साथ जंपस्टार्ट रिकवरी

पैरासिंपथेटिक श्वसन के साथ जंपस्टार्ट रिकवरी। जब आप अपनी वर्ज़िश की थकान से उबरने के लिए सच में अधिक समय लेते हैं, थोड़े समय के लिए ही लंबी सॉंस लेने से आपका शरीर अधिक आरामदेह स्थिति में आ सकता है। यह वर्ज़िश के बाद दुरुस्त होने का पहला कदम है, जहॉं शरीर रिकवरी के पहले चरण याने पैरासिंपेथेटिक स्थिति में होता है।  आपका डायफ़्राम वह बड़ी मॉंसपेशी है, जो अस्थिपंजर, मेरुदण्ड और धड़ की संरचनाओं से जुड़ी है, जिसके कारण आप पर्याप्त हवा अंदर लेते और उसे निकालते हैं, ताकि अन्य कार्यक्षम मॉंसपेशियॉं थक न बैठें। डायफ्राम द्वारा सॉंस लेने से , जिसे बेली ब्रीदिंग भी कहते हैं, आपकी मॉंसपेशियों, कार्डियोवैस्कुलर प्रणाली और पूरे शरीर पर सकारात्मक परिणाम हो सकता है। तो, आप इसे कैसे करेंगे? “बॉक्स ब्रीदिंग” नामक तकनीक आज़माएं। देखिए कैसे:

  • अपनी वर्ज़िश के बाद, एक शांत स्थान ढूंढें और अपनी पीठ के बल लेट जाएं( मुझे दीवार पर अपने पॉंव टिकाना और अपनी ऑंखें बंद करना पसंद है)।
  • अपनी नाभि के नीचे केवल एक हाथ रखें और दूसरा अपनी छाती पर रखें।
  • अपनी नाक से लंबी सॉंस अंदर खींचते हुए तीन तक गिनें और उसी समय अपने डायफ़्राम को हवा से भर लें(आपका पेट हिलना चाहिए आपकी छाती नहीं)।
  • वापस तीन तक गिनते हुए अपनी सॉंस को रोककर रखें।
  • वापस तीन तक गिनते हुए अपनी नाक से सॉंस छोड़ें और जितनी अधिक हो सके हवा बाहर निकाल दें।
  • इस क्रम को 5-10 बार दोहराएं, और सॉंस लेने, रोककर रखने और निकालने के समय को 4-6 सेकेण्ड तक ले जाने का प्रयास करें।

चरण 2: मायोफेशियल उत्सर्जन

सॉंस लेना समाप्त करने के बाद, एक फ़ोम रोलर लें और शरीर के उन स्थानों पर मारें, जिन्हें उसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। फ़ोम रोलिंग को मायोफेशियल उत्सर्जन भी कहते हैं और इसमें मॉंसपेशी के रेशों को खींचने और फ़िर उसी जगह पर स्थित करने के लिए मॉंसपेशियों के तंतु पर दबाव देते हैं। आपने अगर कभी फ़ोम रोलर का उपयोग न किया हो, तो यह आवश्यक है कि आप उसे धीरे-धीरे करेँ- आपको उसे हर सेकेण्ड एक इंच से अधिक नहीं हिलाना है।  अपने शरीर के निचले भाग से शुरू करें, जैसे कि आपकी एड़ियॉं और धीरे-धीरे एक-एक इंच से हिलाना बढ़ाते रहें। कसे हुए स्थानों या ऐठन पर कई सेकेण्डों तक रोलर को दबाकर रखें, जब तक वे मुक्त न हो जाएं। एड़ियों, ग्लूट और क्वैड्स पर उसे घुमाना न भूलें(क्वैड्स के दोनों के बाजू भी न भूलें)। और शरीर का ऊपरी भाग जैसे लैट्स और छाती की उपेक्षा न करें।  रोलिंग के बाद, अपने शरीर को तब तक जल्दी से कुछ बार खीचें, जब तक कि आप हलका और अच्छा महसूस न करें।  

चरण 3: अमाशय के स्वास्थ्य में सुधार

श्वसन के द्वारा स्वयं को शांत करने और रोलिंग के बाद मॉंसपेशियों को ढीला कर लेने के बाद  एक अच्छी गुणवत्ता का प्रोबायोटिक लें. आप वर्ज़िश के बाद ऐसा क्यों करेंगे? क्योंकि प्रोबायोटिक हमारी रिकवरी प्रक्रिया में वाकई सहायता करते हैं।  हमारे अमाशय में जीवाणु भरे होते हैं। यह अजीब लग सकता है, पर उनमें से अधिकतर जीवाणु हमारे शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। आपको सुनिश्चित करना होगा कि जीवाणु शरीर में विकास करते रहें, क्योंकि आपकी रोगप्रतिरोधक प्रणाली का 80% आपके अमाशय में होता है। रोगप्रतिरोधक प्रणाली को बेहतर बनाए रखने से आप बीमारी से बच सकते हैं और रोज़मर्रा के तनाव को संभालने में मदद मिलती है( और हॉं, वर्ज़िश करने से आपके शरीर पर दबाव पड़ता है) और वर्ज़िश के बाद कुल मिलाकर आपकी रिकवरी में आधार मिलता है।  

चरण 4: आवश्यक एमीनो एसिड्स की प्रतिपूर्ति करना

मैं आवश्यक  एमीनो एसिड्स (ईएए) की बात कर रहा हूं। वर्ज़िश करने से मुलायम तंतु टूट जाते हैं और उनको दुरुस्त करने और अधिक तंतु बनाने के लिए, आपको सुनिश्चित करना होता है कि आपके शरीर के पास इन प्रक्रियाओं के लिए ईंधन हो। यहीं पर आवश्यक एमीनो एसिड्स(ईएए) काम आते हैं आवश्यक एमीनो एसिड्स अन्य एमीनो एसिड्स की तरह आपके शरीर के द्वारा नहीं बनाए जा सकते, इसीलिए आपको उन्हें शरीर में पूरक तत्त्व की तरह लेना पड़ता है। यह आठ आवश्यक एमीनो एसिड्स हैं  फ़ेनिलालानीन, वैलीन, थ्रिओनाइन,  ट्राप्टोफ़ैन, आइसोल्यूसिन, मेथियोनाइनल्युसिन और लाइसीन. यह ईएए आपके शरीर के प्रोटीन का 50% होते हैं—यदि एक या कोई और कम हो जाए, तो इससे आपके पूरे कामकाज, मांसपेशी बनने और दुरुस्त होने पर प्रभाव होगा।  वर्ज़िश के पहले, बाद में या दौरान ईएए लेना रिकवरी के लिए आवश्यक है, भले वह पूरक तत्व के रूप में हो या आपके भोजन में। वर्ज़िश के बाद  रिकवरी के कई फार्मूला में  यह आवश्यक एमीनो एसिड्स होते हैं, जिनसे आप व्यायाम के एक तीव्र दौर के बाद अपना जोश फ़िर पा सकते हैं।

चरण 5: अपने Zzzs प्राप्त करें —आपके ZMAs

मुख्य बातो में से एक यह है कि मैं अपने क्लाइंट्स से उनकी वर्ज़िश या आहार के बारे में नहीं, उनकी नींद के बारे में बात करता हूं। आपके शरीर के लिए आवश्यक योग्य मात्रा (सामान्य रूप से 7-9 घण्टे) में नींद न लेने से आपकी रिकवरी, मानसिक संतुलन, कार्टिज़ोल स्तर, वसा भण्डार के साथ ही अगले दिन लगने वाली भूख पर भी असर पड़ेगा। अगर आपको सोने में परेशानी हो, तो कुछ पोषक तत्त्व आपकी सहायता कर सकते हैं।  क्या आपको रात के समय कभी बेचैनी हुई है, जब आप आराम से न सो पाएं हों? बहुत बार यह शरीर में  मैग्नीशियम की कमी से होता है, जिसके कारण आपके मुलायम तंतु कसे हुए लगने लगते हैं। मैग्नीशियम को ज़िंक और विटामिन बी6  के साथ  ZMA पूरक तत्त्व  से आपको रात के समय बेहतर आराम करने में सहायता मिलती है।  ज़िंक की सहायता से कोशिकाओं का विकास, तंतुओं की दुरुस्ती और स्वस्थ रोगप्रतिरोधक प्रणाली हो सकती है। मैग्नीशियम के आरामदेह फ़ायदों के अलावा, उसके कारण आपके चरण तीन और चार REM (आरईएम) स्लीप साईकल भी बढ़ सकते हैं। बी6 के कारण आपक ज़िंक और मैग्नीशियम अधिक से अधिक अवशोषित कर पाते हैं। सोने से पहले खाली पेट ZMA (ज़ेडएमए) पूरक तत्त्व लेने से आपकी नींद में सहायता होती है।  

आराम कीजिए, रिकवर कीजिए और अच्छा प्रदर्शन कीजिए

बेहतर रिकवरी की मार्गदर्शिका अब आपके पास है ही, अब अपने व्यायाम के कार्यक्रम में सामान्य ज्ञान का भी उपयोग करें। कहीं दर्द हो, तो अपने प्रकार को समायोजित करें या पूरी तरह से कोई नया व्यायाम आज़माएं। कई बार मैं लोगों को स्कूली खेलों की तरह जिम में प्रशिक्षण लेते देखता हूं, पर शरीर की आयु बढ़ने के साथ, आपको अपनी वर्ज़िश को भी उसी तरह ढालना होगा।  सुनिश्चित करें कि आप अपने शरीर को हिलने-डुलने के लिए तैयार करने के लिए हमेशा समुचित वार्मअप करें जैसे कि थोड़ा जॉगिंग, रोइंग मशीन पर कुछ रेप्स, गतिशील स्ट्रेचिंग या 50% इच्छित तीव्रता पर कोई दो व्यायाम जो आप करनेवाले हों। दो वर्ज़िशों के बीच आराम और दुरुस्ती का मौका शरीर को ज़रूर दें- शरीर को पूरी तरह रिकवरी का मौका न मिलने पर आप कड़ा प्रशिक्षण नहीं कर पाएंगे।

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