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पेलियो अपनाने के 3 सुझाव

पेलियो  अपनाने जा रहे हैं? यदि इस आहार और जीवन शैली की योजना का कड़ाई से अनुपालन करना चाहते हैं तो जीवन को आसान बनाने के लिए इन सुझावों का पालन करें।  

पेलियो अपनाने के लिए सरलता एक आवश्यक सूत्र है

पैलियोलिथिक आहार को अधिक गहराई से समझकर, इसे अपने स्वास्थ्य लक्ष्यों को पूरा करने के एक प्रभावी तरीके के रूप में ढाला जा सकता है। यह आहार योजना प्राचीन काल में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के अधिक अनुरूप है, जब भोजन का चयन आवश्यकता और जीवन पर्यन्त इष्टतम स्वास्थ्य बनाए रखने के हिसाब से किया जाता था। सरल नियमों में शामिल हैं:  रेशों को बढ़ाना, सबसे अच्छे मीट का उपयोग करना, और पोषक तत्वों को भरपूर मात्रा में लेना। शरीर को पूर्ण रूप से सकारात्मक रूप लाभ पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि पहले 30 दिनों तक पेलियो आहार के मापदंडों का कड़ाई से पालन किया जाए। नए आहारकर्ताओं के लिए निम्नलिखित सुझाव महत्वपूर्ण हैं।

1. पेलियो अपनाने पर रेशों की मात्रा को बढ़ाना

रेशा  शरीर के लिए अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से पाचन तंत्र के लिए। यदि आप गलत प्रकार के रेशे का सेवन करते हैं या सही प्रकार के रेशे का पर्याप्त मात्रा में सेवन नहीं करते हैं तो आपका पाचन तंत्र इष्टतम तरीके से कार्य नहीं करेगा। 

शुक्र है कि पेलियो अपनाते समय सही प्रकार का रेशा प्राप्त करने के लिए अनेकों स्वादिष्ट और उपलब्ध विकल्प मौजूद हैं। जो भी कोई पेलियो आहार अपनाने की सोच रहा है वह ताजी सब्जियों, जड़ वाली सब्जियों, नट्स, बीजों, और फलों को शामिल करके अपने शरीर के लिए आवश्यक रेशों की खुराक प्राप्त कर सकता है।

2. पेलियो आहार अपनाते समय सर्वश्रेष्ठ मीट का ही उपयोग करें

मीट पेलियो आहार का प्रमुख अंग होता है। यह विटामिन बी, जस्ता, तथा लोहा जैसे महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करने में मदद करता है । कुछ जरूरी अमीनो अम्लों को केवल जानवरों के मीट के माध्यम से ही एकत्र किया जा सकता है। इसके अलावा, शरीर को विटामिन डी को संश्लेषित करने के लिए मीट में पाए जाने वाले फैट कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है। समुद्री भोजन शरीर के लिए अति महत्वपूर्ण सेलेनियम, तांबा, जस्ता, ओमेगा-3, तथा आयोडीन  प्रदान करता है।

पेलियो अपनाते समय मीट का स्रोत उच्चतम गुणवत्ता वाला होना चाहिए। इसका मतलब है जैविक तथा प्राकृतिक रूप से प्राप्त किए गए मीट जिनमें शामिल हैं जैविक बीफ, फ्री-रेंज चिकन और जंगल में पकड़ी गई ठंडी मछलियां। इन मीट में माइक्रोन्यूट्रीयेंट्स उच्चतम मात्रा में मौजूद होते हैं। इसके अलावा, यह भी आवश्यक है कि गुणवत्ता युक्त मीट को किसी वैकल्पिक आहार योजक तथा विषाक्त रसायनों के बिना ही उत्पादित किया गया हो।

3. पेलियो आहार अपनाते समय पोषक तत्वों का सेवन आवश्यक है

सर्वाधिक गुणवत्ता वाला भोजन खाना पेलियो आहार के सबसे महत्वपूर्ण फायदों में से एक है। यह आहारकर्ताओं को सर्वाधिक पोषक तत्वों से भरपूर कैलोरीज़ से युक्त उपलब्ध खाद्य पदार्थों में से अपना भोजन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है। हालांकि, एक तरफ जहां पेलियो आहार सदियों पहले खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों पर आधारित है, आज जो भूमि और पर्यावरण में व्याप्त जहरीलापन है उसे देखते हुए यह स्पष्ट है आज की सर्वश्रेष्ठ खेती व पशुपालन भी पुराने समय के मुकाबले कुछ नहीं हैं। दैनिक तनाव और गतिहीन जीवनशैली पोषक तत्वों के संतुलन पर भी असर डालती है।

शुक्र है कि आप पेलियो अपनाते समय भोजन से प्राप्त होने वाले प्राकृतिक पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए उच्चतम गुणवत्ता वाले पूरक अहारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। दोनों स्रोतों में से सर्वश्रेष्ठ का इस्तेमाल करके आहारकर्ता इष्टतम स्वास्थ्य का आनंद ले सकते हैं। 

पेलियो आहार के लिए केवल सबसे अच्छे पूरकों का ही सेवन करना चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि विटामिन कृत्रिम नहीं हैं और शरीर द्वारा आसानी से संश्लेषित कर लिए जाते हैं। पेलियो आहार के पूरकों के रूप में अनुशंसित लाभकारी विटामिन और खनिज निम्नानुसार हैं:

गुणवत्ता रेशा और प्राकृतिक मीट के साथ-साथ पोषक तत्वों के भरपूर पूरक आपकी नई पेलियो जीवनशैली की नींव प्रदान कर सकते हैं। 

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