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अतिरिक्त चीनी का कैसे पता लगाएं + 4 स्वस्थ विकल्प

गेब्रियल एस्पिनोज़ा, एमडी द्वारा

इस लेख में:


गन्ने से मिलने वाली सामान्य चीनी, या सुक्रोस, अनाज और चावल के बाद दुनिया की तीसरी सबसे अधिक उत्पादित वस्तु है। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि सदियों पहले पापा न्यू गिनी के स्थानीय निवासी मीठे स्वाद के लिए गन्ने की जड़ों को चबाया करते थे। समय बीतने के दौरान, यूनानी और रोमन सहित अन्य संस्कृतियाँ भी इसकी खेती करने लगीं जिन्होंने इसे औषधीय अमृत के रूप में इस्तेमाल किया।

चीनी का व्यवसायीकरण और भोजन को मीठा बनाने में उपयोग स्पेनिश और पुर्तगाली लोगों द्वारा इसके शोधन के लिए बड़े पैमाने पर होने वाली खेती के कारण हुआ, जो नई दुनिया में बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए इस पौधे को सबके सामने लेकर आए। एटलांटिक के विभिन्न भू-भागों में लाखों लोग इस पदार्थ को बेहद पसंद करते थे जिसकी वजह से चीनी के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं में तेजी आई। बड़े पैमाने पर होने वाली चीनी की खेती से मुफ्त श्रम की आवश्यकता में वृद्धि हुई, जिससे दास व्यापार को बढ़ावा मिला। चीनी के उत्पादन तथा इसके परिणामस्वरूप होने वाली आय को नियंत्रित करने के लिए 16 वीं से 19 वीं शताब्दी तक यूरोपीय देशों के बीच कैरिबियन में कई युद्ध हुए।

चीनीको शुरूआत में स्वास्थ्य लाभ के रूप में सोचा गया था, 1960 के दशक के एक प्रसिद्ध एनिमेटेड संगीत द्वारा समर्थित एक दावे ने सुझाव दिया कि इसकी एक चम्मच कड़वी दवाओं के सेवन में मदद करता है। हाल के दशकों में, बड़े पैमाने पर इसके सेवन से मोटापे और दीर्घकालिक बीमारियों की संख्या में बढ़त जैसी उलझनों का सामना करना पड़ा है।

‌‌क्या हमें वास्तव में चीनी की आवश्यकता है?

कार्बोहाइड्रेट के रूप में लिए जाने वाले कई मानव आहार, जैसे चावल, गेहूं, मक्का और आलू में विटामिन और खनिज होते हैं। सुक्रोस एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है जो पौधों, फलों और सब्जियों में पाया जा सकता है। चीनी को इन पौधों, फलों और सब्जियों, जैसे कि चुकंदर और गन्ना में पाए जाने वाले प्राकृतिक शर्करा से शोधित किया जाता है।

अतिरिक्त चीनी कैलोरिक स्वीटनर या मिठास होती है जो प्रोसेस किए गए खाद्य पदार्थों में मिलाई जाती है। ये कृत्रिम मिठास से अलग हैं, जिनमें न्यूनतम कैलोरी होती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और नेशनल हेल्थ सिस्टम (NHS) प्रतिदिन के 2000 कैलोरी के आहार में 5% कैलोरी से अधिक चीनी, जोकि प्रतिदिन लगभग 25 ग्राम अतिरिक्त चीनी के बराबर होती है, का सेवन नहीं करने का सुझाव देते हैं। दुनिया भर में कई लोग प्रति दिन कम से कम 100 ग्राम चीनी का सेवन करते हैं। यह अतिरिक्त चीनी एक आवश्यक पोषक तत्व नहीं है क्योंकि यह केवल एम्प्टी या खाली कैलोरी प्रदान करती है।

चीनी न केवल एक मीठा स्वाद जोड़ती है जिसके हम आदी हैं और अक्सर तरसते हैं, बल्कि इसका उपयोग खाद्य निर्माताओं द्वारा भी किया जाता है जो इसे स्वाद बढ़ाने, बनावट प्रदान करने, लम्बे समय तक संग्रहित करने और ठंडा करके जमाने, रंग और नमी बनाए रखने में सुधार के लिए मिलाते हैं।

खाद्य प्रसंस्करण में उपयोग की जाने वाली लगभग सभी चीनी का आधा हिस्सा चीनी से मीठे किए गए पेय पदार्थों में पाया जा सकता है, जिनमें कोला, फ़्रूट ड्रिंक्स, स्पोर्ट्स और एनर्जी ड्रिंक्स, कॉफी, और यहां तक कि मादक पेय भी शामिल हैं। वे पूर्वनिर्मित भोजन, डेयरी उत्पादों, जैसे फलों के योगर्ट, चटनी जैसे केचप और चटपटे सॉस, स्प्रेड और यहां तक कि सलाद ड्रेसिंग में भी पाए जा सकते हैं।

‌‌चीनी इतनी शक्तिशाली क्यों है?

मानव आहार के लिए अतिरिक्त चीनी और इसकी सर्वव्यापकता हाल ही में विकसित हुई है। विकासवादी दृष्टिकोण से, एक प्रजाति के रूप में, हमने मीठे शर्करा वाले खाद्य पदार्थों के लिए एक स्वाद विकसित किया है क्योंकि ये उच्च मात्रा में कैलोरी से युक्त होने का संकेत देते हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि मीठे खाद्य पदार्थ सुरक्षित होते हैं, और वे हमें कड़वे, जहरीले या सड़ने वाले खाद्य पदार्थों के अप्रिय स्वाद से बचाते हैं, जो हमें बीमार कर सकते हैं।

हालांकि हमारा आहार विकसित हो गया है, और अब हम दैनिक भोजन के लिए अपने जीवन को जोखिम में नहीं डालते हैं, फिर भी हमारे दिमाग के तारों में वही सोच कायम है। जब हम चीनी का सेवन करते हैं तो हमारे मस्तिष्क की इनाम प्रणाली सक्रिय हो जाती है। जब हम एक चीनी या शर्करायुक्त पदार्थ खाते हैं, तब डोपामाइन, मस्तिष्क में इनाम प्रणाली में शामिल एक “खुशी प्रदान करने” का संकेतन अणु, का स्राव होता है जिससे चीनी के लिए हमारी निरंतर लालसा बढ़ती है।

इसलिए, चीनी के साथ एक शक्तिशाली इनाम प्रणाली और एक मजबूत डोपामाइन प्रतिक्रिया जुड़ी है। हम खुद को और ज़्यादा खाने की चाह, अधिक इच्छा करने के चक्र में फँसा हुआ पाते हैं, और ऐसा लगता है कि हमें और ज़्यादा खाने की ज़रूरत है। यह वह वांछित प्रतिक्रिया है जिसपर कई खाद्य निर्माता हमें चीनी खाने की लालसा में फँसाए रखने के लिए भरोसा करते हैं।

‌‌चीनी और आपका मानसिक स्वास्थ्य

अतिरिक्त चीनी का सेवन आपके मानसिक स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। एक दूरदर्शी अध्ययन में, यूनाइटेड किंगडम के शोधकर्ताओं ने भोजन और मानसिक स्वास्थ्य प्रश्नावली के ज़रिए कई सर्वेक्षण करने के बाद मीठे भोजन और पेय पदार्थों से उच्च मात्रा में चीनी की खपत और अवसाद के जोखिम में वृद्धि के बीच संबंध पाया।

नपल और अन्य के एक अध्ययन में पाया गया है कि चीनी मस्तिष्क में विभिन्न न्यूरोट्रांसमीटर और उन न्यूरोट्रांसमीटर के रिसेप्टर्स को प्रभावित कर सकती है, विशेष रूप से डोपामाइन, आदतन चीनी सेवन के विकास में योगदान करती है।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यद्यपि इस अध्ययन में उच्च शर्करा की खपत और अवसाद की उच्च दर के बीच संबंध पाया गया, अवसाद चीनी खाद्य पदार्थों के सेवन की तीव्र इच्छा और खपत में वृद्धि का कारण भी हो सकता है।

डेविस में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अन्य अध्ययन ने एस्पार्टेम से बनी कृत्रिम मिठास बनाम सुक्रोस मिठास की तुलना की। अध्ययन ने सबूत दिया कि सुक्रोस युक्त मीठे पेय पदार्थ कोर्टिसोल, जो कि एक तनाव हार्मोन है, को बाधित करते हैं। सुक्रोस ने हिप्पोकैम्पस, मस्तिष्क का वह हिस्सा जो स्मृति, सीखने और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और व्यवहार के लिए जिम्मेदार है, को भी सक्रिय किया।

आम तौर पर, तनाव के क्षण के दौरान, कोर्टिसोल का स्राव होता है, जो शरीर को भोजन से ऊर्जा का उपयोग करके "लड़ो या भागो" प्रतिक्रिया में संलग्न होने का संकेत देता है। हिप्पोकैम्पस तब शरीर को इस हार्मोन के स्राव को विनियमित करने का संकेत देता है। इस अध्ययन में, चीनी को तनाव-प्रेरित कोर्टिसोल स्राव को धीमा करके इस विनियमन को बाधित करते हुए दर्शाया गया था, इस प्रकार सुरक्षा और आराम की भावना पैदा होती है। यह चीनी खाने की तीव्र इच्छा और शरीर और मस्तिष्क में तनाव कम करने के इसके प्रभाव के लिए योगदान कर सकता है, जो तनाव के समय "सुख की अनुभूति करवाने वाले खाद्य पदार्थ" के सेवन की इच्छा के लिए भी ज़िम्मेदार होता है।

इसलिए, चीनी के लिए यह तीव्र उत्कंठा, इच्छा और कथित तौर पर इसकी ज़रूरतों में वृद्धि मोटापे और अन्य पुरानी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है, विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए जो उन परिस्थितियों में या समुदायों में रहते हैं जहां तनाव अधिक प्रचलित है।

‌‌‌‌अतिरिक्त चीनी का कैसे पता लगाएं

ऐतिहासिक रूप से, मानव प्रजातियों को हिंसक जानवरों से और जहरीले भोजन के खतरों का सामना करना पड़ा था, जिससे तत्काल बीमारी या मौत हो जाती थी। हालांकि यह जोखिम अब मौजूद नहीं है, नए खतरे हमें भविष्य में दीर्घकालिक स्वास्थ्य-संबंधी समस्याओं के बढ़ते जोखिम में डाल सकते हैं। इस प्रकार, यह जानना महत्वपूर्ण है कि जब आप किराने की दुकान पर अगली बार खरीदारी करते हैं, तो उन खाद्य पदार्थों की पहचान कैसे की जाए जिनमें अतिरिक्त चीनी होती है।

इसके लिए कुछ जाँच-पड़ताल करने की आवश्यकता होगी, लेकिन कई खाद्य नियामक एजेंसियों द्वारा बनाए गए नियमों के कारण, खाद्य और पेय पदार्थों के लिए पोषण संबंधी लेबल पर अब चीनी से जुड़ी जानकरी मिल सकती है। आप घटक-सूची को भी स्कैन कर सकते हैं।

अतिरिक्त चीनी के विभिन्न प्रकार के स्रोत और नाम शामिल हो सकते हैं जैसे:

  • गन्ने से चीनी
  • कॉर्न सिरप या स्वीटनर
  • सुक्रोस
  • गुड़
  • ब्राउन शुगर
  • फलों का गाढ़ा रस

‌‌‌‌चीनी के 4 स्वस्थ विकल्प

शून्य-कैलोरी मिठास सहित चीनी के कई विकल्प उपलब्ध हैं जो आपके खाद्य पदार्थों को मीठा और स्वादिष्ट बनाने के लिए पूरक हो सकते हैं।

स्टेविया

कुछ शून्य-कैलोरी मिठास कृत्रिम होते हैं, जैसे सुक्रालोज़, लेकिन कुछ अन्य स्टेविया की तरह पौधे से प्राप्त और पूरी तरह से प्राकृतिक होते हैं।

स्टेवियाकई लोगों के लिए आकर्षक है क्योंकि इसमें मनचाही मिठास को हासिल करने के लिए आवश्यक चीनी की मात्रा की तुलना में कैलोरी मान न्यूनतम होता है। इसलिए, यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है।

ज़ाइलिटोल

चीनी युक्त शराब जैसेज़ाइलिटोलएक और विकल्प है। यह नाम कुछ के लिए भ्रामक हो सकता है क्योंकि इसे शराब के रूप में गलत समझा जा सकता है, लेकिन इस शराब में इथेनॉल नहीं होता है, जो कि मादक पेय पदार्थों में पाया जाता है। चीनी युक्त शराब कुछ फलों और प्रोसेस किए गए खाद्य पदार्थों जैसे चॉकलेट,च्युइंग गमऔरटूथपेस्टमें पाई जाती हैं।

नारियल से प्राप्त चीनी

अंत में, प्राकृतिक चीनी, जैसे कि नारियल से निकाली गई चीनी, चीनी का एक अन्य विकल्प है जिसे चीनी के विकल्प के रूप में एक स्वस्थ विकल्प के तौर पर बढ़ावा दिया जाता है।नारियल से प्राप्त चीनीमें गन्ने की तुलना में अधिक पोषक तत्व होने की जानकारी मिलती है।

हालांकि एक अध्ययन में नारियल के रस मेंविटामिन सीऔरबी कॉम्प्लेक्सकी उच्च सामग्री पाई गई, पर सैप को दानेदार बनाने की प्रक्रिया इन विटामिनों और खनिजों को नष्ट कर सकती है।

शहद

शहदऔर शहद के पाउडर को इसकीएंटीऑक्सीडेंटकी उपस्थिति को देखते हुए, अन्य चीनी के विकल्प के रूप में भी जाना जाता है, लेकिन इसमें पोषक सामग्री न्यूनतम होती है, तब भी शहद चीनी का दूसरा रूप है।

‌‌‌‌कोई जादुई विकल्प मौजूद नहीं है

अपने लिए किराने की खरीदारी या खाद्य पथार्थों के लेबल पढ़ते समय प्रोसेस नहीं किए गए फलों व सब्जियों के पोषण संबंधी लाभ या औषधीय गुणों का कोई विकल्प नहीं मिल सकता है। एक समाज के रूप में, हम हमारी सुविधानुसार हमारे लिए निर्मित जूस, भोजन, और डिज़र्ट का सेवन करने की व्यावहारिकता के आदि हो गए हैं। सुविधा की कीमत तुरंत चुकाई नहीं जाती है, बल्कि कई स्वास्थ्य से जुड़ी लंबे समय तक रहने वाली समस्याओं के रूप में अविश्वसनीय रूप से वापस चुकाई जाती है।

बाज़ार में अपनी अगली यात्रा के दौरान, जितना हो सके मध्य गलियारे से होकर गुजरने से बचें क्योंकि यही वे जगहें हैं जहां अधिकांश संसाधित खाद्य पदार्थ रखे होते हैं। खाद्य निर्माता अंततः व्यवसाय हैं जो लाभ कमाने की कोशिश कर रहे हैं! शब्द "पूरी तरह से प्राकृतिक चीनी” का मतलब यह नहीं है कि यह स्वस्थ है, इसका मतलब है कि यह प्रकृति में पाया जाता है। यदि आप चीनी का विकल्प चुन रहे हैं, तो स्वाद को ध्यान में रखते हुए किसी ऐसे विकल्प को चुनें जो आपके लक्ष्यों एवं स्वाद की वरीयताओं के अनुरूप हो।

याद रखें, आपका स्वास्थ्य न केवल शारीरिक है, बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक भी है। यदि आप या आपके कोई परिचित अवसाद, चिंता के लक्षणों या किसी भी संबंधित, अस्पष्टीकृत लक्षण का अनुभव कर रहे हैं, तो अपने चिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य प्रदाता से बात करें या अगर स्थिति गंभीर हो तो आपातकालीन सेवाओं पर कॉल करें। यदि आप, अतिरिक्त शर्करा का संज्ञान लेते हुए, असंसाधित फलों और सब्जियों के सेवन द्वारा स्वस्थ आहार बनाए रखने का प्रयास करते हैं, तो आप मन और शरीर के उत्तम स्वास्थ्य के लिए सही राह पर चल रहे हैं।

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