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पूरी तरह से मुँहासों के उपचार के सर्वोत्तम सुझाव

लेखक: डॉ. एंड्रिया कर्नल एनएमडी

इस लेख में:


लगभग 9.4% आबादी मुँहासे से प्रभावित है, जिससे यह दुनिया भर में आठवीं-सबसे अधिक प्रचलित समस्या है।1 मुँहासे आमतौर पर युवावस्था में शुरू होते हैं जब तेल ग्रंथियां सक्रिय होती हैं, लेकिन वयस्कता सहित जीवन के किसी भी चरण में हो सकते हैं। मुँहासे आमतौर पर उन क्षेत्रों में अधिक होते हैं जहां अधिक चर्बीदार, या तेलयुक्त, और चेहरे, छाती, हाथ और पीठ पर ग्रंथियां शामिल हैं। कई कारक मुँहासे के विकास में भूमिका निभाते हैं, जिसमें आनुवांशिकी, पर्यावरणीय जोखिम, सूजन, तेल का अत्यधिक उत्पादन, हार्मोन असंतुलन, बैक्टीरिया और अतिरिक्त मृत त्वचा द्वारा रोम छिद्र का अवरोधन शामिल है। मुँहासे ब्लैकहेड्स या व्हाइटहेड्स के रूप में आ सकते हैं, जिसमें सूजन नहीं भी हो सकती है। सूजन युक्त मुँहासे फुंसी, दाना, नोड्यूल (गाँठ) और सिस्ट का रूप में ले सकते हैं। सिस्ट युक्त मुँहासे, मुँहासों का अधिक गंभीर रूप है जो त्वचा पर विकसित सिस्ट और नोड्यूल के परिणामस्वरूप होता है। इस प्रकार के मुँहासे अधिक दर्दनाक होते हैं और तब बनते हैं जब बालों के रोम या छिद्रों में तेल और मृत त्वचा कोशिकाएं हो जाती हैं।

आहार और त्वचा स्वास्थ्य की भूमिका

मुँहासे और त्वचा के स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए एक पुरानी कहावत "आप जो खाते हैं, वैसे ही बन जाते हैं" विशेष रूप से उपयुक्त होती है। आप जो खाते हैं वह आपकी त्वचा के स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि आहार मुँहासे के विकास और रोकथाम में भूमिका निभा सकता है। फल, सब्जियों, और निम्न ग्लाइसेमिक खाद्य पदार्थों से समृद्ध आहार का सेवन करना साफ त्वचा को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।2 ग्लाइसेमिक इंडेक्स युक्त उच्च खाद्य पदार्थ खाने से रक्त शर्करा अचानक से बढ़ सकती है। रक्त शर्करा का यह उतार-चढ़ाव उन हार्मोनों को प्रभावित कर सकता है जो तेल उत्पादन और सूजन को बढ़ावा देते हैं जिससे मुँहासे निकल सकते हैं।3 साबुत अनाज, असंसाधित खाद्य पदार्थों और पूरक आहार पर ध्यान केंद्रित करने से मुँहासे से लड़ने और साफ रंग प्राप्त किया जा सकता है।

‌‌मुँहासों के लिए 6 पूरक

प्रोबायोटिक्स

हमारी आंतों की माइक्रोबायोम हमारी त्वचा के स्वास्थ्य में भी एक भूमिका निभा सकती है। प्रोबायोटिक्स का उपयोग हमारे जठरांत्र संबंधी मार्ग में उपयोगी स्वस्थ बैक्टीरिया का समर्थन करने में मदद करने के लिए किया जा सकता है और एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन कर सकता है।4 कई अध्ययनों से पता चलता है कि प्रोबायोटिक्स मुँहासों के उपचार में उपयोगी हो सकते हैं। एक अध्ययन से पता चला है कि मुँहासे वाले लोगों में लैक्टोबैसिलस और बिफीडोबैक्टीरियम का स्तर कम था।5 सामान्य त्वचा रोगजनक बैक्टीरिया के गठन को रोकने के लिए थोड़ी अम्लीय होती है। प्रोबायोटिक्स त्वचा को एक सामान्य पीएच.6 में वापस लाने में भी उपयोगी हो सकते हैं।6

विटामिन ए

विटामिन ए वसा घुलनशील विटामिन है जो प्राकृतिक रूप से कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। पशु और मछली स्रोत सबसे उपयोगी हैं। बीफ़ लीवर में विटामिन ए के सक्रिय रूप का उच्चतम पशु स्रोत होता है। कॉड लिवर ऑयल में भी विटामिन ए की मात्रा अधिक होती है। पौधों के खाद्य पदार्थों में कैरोटीनॉयड होता है, जिसे शरीर में विटामिन ए में परिवर्तित किया जा सकता है। कैरोटीनॉयड्स वर्णक होते हैं जिनकी वजह से फलों और सब्जियों को उनके पीले, लाल या नारंगी रंग मिलते हैं, जिनमें गाजर, पीली और लाल मिर्च, रतालू, और मीठे आलू शामिल हैं। कई अध्ययनों का कहना है कि विटामिन ए की उच्च खुराक युक्त पूरक मुँहासे के उपचार में प्रभावी हो सकती है।

विटामिन ई

विटामिन ई एक और वसा में घुलने वाला विटामिन है। विटामिन ई सूखे मेवे और बीज और हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जा सकता है। विटामिन ई का सबसे अधिक अध्ययनित रूप अल्फा-टोकोफ़ेरॉल है। विटामिन ई एक एंटीऑक्सिडेंट है जो सूजन को भी कम कर सकता है। एक अध्ययन से पता चलता है कि मुँहासे वाले लोगों में विटामिन ए और विटामिन ई दोनों का स्तर कम हो सकता है।7 कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि विटामिन ई लेने से विटामिन ए के लाभ में वृद्धि हो सकती है और मुँहासे और अन्य त्वचा की स्थिति का उपचार करते हुए संभावित दुष्प्रभावों में कमी हो सकती है।8

ज़िंक

जिंक एक आवश्यक ट्रेस एलिमेंट (कम मात्रा में पाए जाने वाला) है जो डीएनए अभिव्यक्ति, प्रतिरक्षा प्रणाली और चयापचय सहित 100 से अधिक शारीरिक प्रक्रियाओं में शामिल है। जिंक घाव भरने और त्वचा के स्वास्थ्य में एक अहम भूमिका निभाता है। जिंक मांस, सीपदार मछली, बीज, और फलियां में सबसे अधिक पाया जाता है। शोध बताते हैं कि मुँहासे होने वाले लोगों में जिंक का स्तर कम हो सकता है। एक हालिया समीक्षा से पता चलता है कि जिंक युक्त मौखिक और स्थानिक पूरकता सूजन और सीबम उत्पादन को कम करके मुँहासे को सकारात्मक रूप से कम कर सकते है।99

फिश ऑयल

ओमेगा 6 और ओमेगा 3 आवश्यक फैटी एसिड हैं। ओमेगा 6 और ओमेगा 3 के बीच एक स्वस्थ अनुपात बनाए रखना सूजन की स्थितियों के नियमन के लिए महत्वपूर्ण है। ओमेगा 3 के दो महत्वपूर्ण प्रकार हैं ईकोसैपेंटेनोइक एसिड (ईपीए) और डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड (डीएचए)। कई अध्ययन सुझाव देते हैं कि ओमेगा 3 युक्त पूरक सूजन को कम करने और मुँहासे के घावों में सुधार करने में मदद कर सकता है।1010

विटामिन बी6

विटामिन बी6, जिसे पाइरिडोक्सिन भी कहा जाता है, एक पानी में घुलनशील विटामिन है। विटामिन बी6 प्रतिरक्षा और मस्तिष्क स्वास्थ्य, होमोसिस्टीन प्रसंस्करण, और प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, और वसा के टूटने सहित कई शारीरिक प्रक्रियाओं में शामिल सहकारक है। विटामिन बी6 त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। यह प्रागार्तव (प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम) (पीएमएस) से जुड़े सामान्य लक्षणों के उपचार में भी उपयोगी हो सकता है। एक अध्ययन से पता चलता है कि बी6 महिलाओं में प्रीमेंस्ट्रुअल से संबंधित मुँहासे को कम करने में मदद कर सकता है।1111

तनाव प्रबंधन

वयस्क लोगों में मुँहासे के बढ़ने का एक कारण तनाव हो सकता है। तनाव हमारी एड्रिनल ग्रंथियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जो हमारे गुर्दे के शीर्ष पर स्थित छोटी ग्रंथियाँ होती हैं। वे कोर्टिसोल का स्राव करती हैं, जो हमारा सामना करो या भागो (फ़ाइट ऑर फ़्लाइट) हार्मोन है। स्थायी तनाव कोर्टिसोल अचानक बढ़ने का कारण बन सकता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से हार्मोन के उतार-चढ़ाव करते हुए मुँहासे के उत्पादन को बढ़ावा देता है। एक अध्ययन से पता चलता है कि कोर्टिसोल सीबम उत्पादन को बढ़ा सकता है, जिससे मुँहासे और बढ़ जाते हैं।12 

एडाप्टोजेनिक जड़ी बूटी भी तनाव प्रतिक्रिया को विनियमित करने और कोर्टिसोल के प्रबंधन में उपयोगी हो सकती है। 2014 के एक अध्ययन से पता चलता है कि अश्वगंधा, एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी, समग्र तनाव को कम करने में उपयोगी हो सकती है।13 साइबेरियाई जिनसेंग, पवित्र तुलसी, रोडियोला, और शिज़ांद्रा सहित अन्य एडाप्टोजेनिक जड़ी बूटियों पर कई अध्ययन कोर्टिसोल और तनाव प्रतिक्रिया के प्रबंधन में भी मददगार हो सकते हैं।14

एक स्वास्थ्यकर त्वचा देखभाल दिनचर्या

स्वास्थ्य त्वचा देखभाल दिनचर्या बनाए रखना मुहांसों के उपचार और रोकथाम में सहायक हो सकता है। मुँहासे से लड़ने की क्षमताओं के लिए कई स्थानिक कॉसमिक्यूटिकल यौगिकों का अध्ययन किया गया है।

रेटिनॉल

रेटिनॉल विटामिन ए का जैविक रूप से सक्रिय रूप है जिसका स्थानिक उपयोग मुँहासे और अन्य त्वचा की समस्याओं जैसे की चहरे की बारीक रेखाओं' और झुर्रियों का उपचार करने के लिए किया जा सकता है। रेटिनॉल कोशिका प्रसार को बढ़ाकर त्वचा को फिर से जीवंत करने में मदद कर सकता है और मुँहासे और उनके निशान को दूर करने में मददगार हो सकता है।15 रेटिनॉल को आम तौर पर एक व्यापक मुँहासे प्रोटोकॉल के लिए अन्य उत्पादों के साथ जोड़ा जाता है।

सैलीसिलिक एसिड

सैलीसिलिक एसिड आमतौर पर मुँहासों के लिए क्लीन्ज़र, टोनर और लोशन सहित कई स्थानिक रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले उत्पादों में पाया जाता है। सैलीसिलिक एसिड विलो के पेड़ की छाल से निकला बीटा-हाइड्रॉक्सी एसिड का एक प्रकार है। यह त्वचा की सतह से अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाते हुए मृत त्वचा को एक्सफोलिएट करता है, और रोमकूप को कम कर सकता है। एक अध्ययन से पता चलता है कि 12 सप्ताह के लिए सैलीसिलिक एसिड का स्थानिक उपयोग सूजन युक्त मुँहासों के घावों को कम कर सकता है।15

ग्लाइकोलिक एसिड

ग्लाइकोलिक एसिड एक प्रकार का अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (एएचए) है जो गन्ने से प्राप्त होता है। यह स्किनकेयर (त्वचा देखभाल) उद्योग में सबसे आम और प्रसिद्ध एसिड में से एक है। अपने छोटे कण आकार की वजह से, ग्लाइकोलिक एसिड अन्य त्वचा की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से मृत त्वचा को अन्य AHA की तुलना में बाहर निकालने और हाइपरकेराटिनाइजेशन को कम करने में मदद कर सकता है।15 यह छिद्रों और मुँहासों को साफ करने में मदद कर सकता है।

सल्फर 

सल्फर मुख्य रूप से मिट्टी में पाया जाने वाला एक अधातु तत्व है। सल्फर कई ओवर-द-काउंटर उत्पादों में व्यापक रूप से पाया जाता है। यह त्वचा को शुष्क कर सकता है और त्वचा की सतह पर अतिरिक्त तेल को अवशोषित करने में मदद कर सकता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि सल्फर में जीवाणुरोधी गुण भी हो सकते हैं जो इसे मुँहासों के उपचार के लिए प्रभावी बना सकते हैं।16 सल्फर को अक्सर सैलीसिलिक एसिड सहित अन्य सक्रिय तत्वों के साथ मिलाया जाता है।

नियासिनमाइड

नियासिनमाइड विटामिन बी3 का प्रकार है जो पानी में घुलनशील विटामिन का एक रूप है। माना जाता है कि नियासिनमाइड सूजन-रोधी विशेषताओं को प्रदर्शित करता है और ट्रांस-एपिडर्मल पानी ह्रास को रोक सकता है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि स्थानिक नियासिनमाइड मुँहासे को कम करने में अन्य बेहतरीन मुँहासों के उपचार के समान प्रभावी हो सकता है।17 नियासिनमाइड जलन या अन्य स्थानिक मुँहासे उपचार के दुष्प्रभावों के बिना मुँहासे के घावों में सुधार कर सकता है।

संदर्भ:

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