beauty2 heart-circle sports-fitness food-nutrition herbs-supplements

तनाव कम करने की 6 प्रमाण-आधारित प्राकृतिक पद्धतियॉं

एरिक मैड्रिड के द्वारा

इसे लेख में:


प्रत्येक सजीव प्राणी तनाव का सामना करता है। कष्टकारक होते हुए भी, तनाव अस्तित्त्व के लिए आवश्यक है, क्योंकि वह हमें अपने आसपास के विश्व के साथ समायोजन करने में सहायता करता है। तनाव तात्कालिक, अर्थात् कम समय रहने वाला, अथवा तीव्र हो सकता है, जो कई महीनों या वर्षों तक भी रह सकता है। सबसे सामान्य उदाहरण हैं आर्थिक तनाव, मानसिक तनाव, शारीरिक तनाव ,स्वास्थ्य-संबंधी तनाव, संबंध से जुड़ा हुआ तनाव और यहॉं तक कि पर्यावरणीय तनाव  भी।

सर्वांगीण उत्कर्ष के लिए तनाव के प्रबंधन की स्वस्थ एवं रचनात्मक पद्धतियॉं ढूंढना महत्त्वपूर्ण होता है। कुछ लोगों के लिए, ध्यान या प्रार्थना उपयोगी उपाय हो सकते हैं, जबकि अन्य लोगों को आव्हानजनक काल अथवा व्यक्तिगत आपदा के दौरान किसी मित्र से बातें साझा करने में आराम मिल सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि अथवा व्यायाम भी जमे हुए तनाव, चिंता अथवा आशंका को कम करने में लाभकारी हो सकता है।  

तनाव के समय में स्वस्थ व संतुलित आहार लेना नहीं छोड़ना चाहिए। जो खाद्य हम अपने शरीर में लेते हैं, वह हमें मानसिक या शारीरिक दोनों रूप से सशक्त अथवा अशक्त बना सकता है। जबकि जीवन की कठिनाइयों के दौरान सहज रूप से मिलनेवाले खाने को पाना आसान हो गया है, यह सुनिश्चित करना महत्त्वपूर्ण है कि हमारे भौतिक शरीर पोषक तत्त्वों से लैस हों, ताकि हम दैनंदिन और जीवन में किसी एक बार आने वाले, दोनों प्रकार के तनाव कारकों से निपट सकें।

जिन लोगों को अतिरिक्त सहायता के आवश्यकता हो,निम्नलिखित वानस्पतिक पूरक तत्त्व, खनिज, विटामिन और औषधीय तेल भी लाभकारी हो सकते हैं।

अश्वगंधा

अश्वगंधा एक एडेप्टोजेनिक वनस्पति है, जो तनाव के प्रबंधन में सहायक हो सकता है। मूल रूप से एशिया, विशेषकर भारत और, चीन के कुछ क्षेत्रों से संबंध रखनेवाली अश्वगंधा सामान्य रूप से आयुर्वेदिक औषधियों में उपयोग की जाती है और हज़ारो वर्षों से अन्य पद्धतियों में भी उपयोग में लाई जा रही है।  

सूचित रूप से यह एडेप्टोजेन चिंता और तनाव के लक्षणों में सुधार लाता है। 2014 में किए गए एक  अध्ययन में, अनुसंधनाकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि अश्वगंधा, “…के कारण चिंता अथवा तनाव की मात्रा में प्लैसीबो से बेहतर परिणाम सामने आए(लक्षणीय रूप से अधिकतर प्रकरणों में।”

2012 में किए गए एक अध्ययन में भारतीय मनोवैज्ञानिक औषधि प्रपत्र ने 64 प्रयुक्तों का मूल्यांकन किया। इनमें से आधे व्यक्तियों को अश्वगंधा और अन्य आधे व्यक्तियों को प्लैसीबो दिया गया। अनुसंधनाकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि, “ …उच्च मात्रा और पूरे स्पेक्ट्रम का अश्वगंधा मूल का सार  सुरक्षित व प्रभावी रूप से तनाव के प्रति किसी भी व्यक्ति के प्रतिरोध में सुधार लाता है और इस प्रकार स्वमूल्यांकित जीवन गुणवत्ता को ही सुधार देता है।”

साथ ही 2019 में किए गए एक यादृच्छिकीकृत, दोहरे-अज्ञात, प्लैसीबो-नियंत्रित अध्ययन में भी अश्वगंधा का लाभ सामने आया। इस अध्ययन में, 60 वयस्कों को 240 mg की मात्रा में अश्वगंधा या कोई प्लैसीबो गोली दी गई। किसी भी समूह में कोई विपरीत घटना सामने नहीं आई, और परिणामों से ज्ञात हुआ कि जिन व्यक्तियों ने अश्वगंधा ली थी, उनमें प्लैसीबो की तुलना में प्रातःकालीन कॉर्टिज़ोल और डीएचईए-एस हार्मोन कम हो गए। इससे स्पष्ट होता है कि इस वनस्पति में तनाव की भावना ही नहीं, रक्त में तनाव के संकेतक भी कम करने की क्षमता है। अनुशंसित खुराक: अश्वगंधा– प्रतिदिन 250 से 1000 mg।

लेमन बाम

लेमन बाम  पूरे विश्व में लाखों व्यक्तियों द्वारा उपयोग में लाया जानेवाली एक प्रसिद्ध वनस्पति है। वैज्ञानिक उसे “मेलिसा ऑफ़िशियेनलिस" कहते हैं ( “मेलिसा” का यूनानी भाषा में अर्थ “मधुमक्खी” होता है), पर उसे अन्य कई नामों जैसे “नेक्टर ऑफ़ लाइफ़”, “क्योर-ऑल”, “बाम मिंट” अथवा केवल, “हनी प्लांट”, से भी जाना जाता है।

लेमन बाम पुदीना परिवार का सदस्य है और मुख्य रूप से दक्षिणी यूरोप, भूमध्य क्षेत्र और केंद्रीय एशिया में पाया जाता है। उसका रंग हरा होता है और उसमें छोटे हृदय के आकार की पत्तियॉं और सफ़ेद तथा पीले फूलों के गुच्छे होते हैं। लेमन बाम को तनाव कम करनेवाली वनस्पति माना जाता है और उसे वैद्यकीय उद्देश्यों से 500 वर्षों से अधिक समय से उपयोग में लाया जा रहा है। लेमन बाम को तनाव कम करनेवाली वनस्पति माना जाता है और उसे वैद्यकीय उद्देश्यों से 500 वर्षों से अधिक समय से उपयोग में लाया जा रहा है।  

ऐसे कई अध्ययन किए गए हैं, जो दर्शाते हैं कि लेमन बाम सर्वांगीण तनाव व चिंता के लक्षणों को कम कर सकता है। ऐसा माना जाता है कि लेमन बाम में गाबा(गामा-एमिनोब्यूटिरिक एसिड) नामक मस्तिष्क के एक रसायन की मात्रा  में वृद्धि कर सकता है । यह रासायनिक मार्गिका चिंता के उपचार में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है और तनाव व चिंता के लक्षणों का उपचार करनेवाली कुछ मानित उपचार पद्धतियों का लक्ष्य भी होती है।  

2017 में फाइटोथेरपी पर किए गए अनुसंधान के अंतर्गत एक अध्ययन ने गाबा मार्गिकाओं पर लेमन बाम के प्रभावों का विश्लेषण किया और पाया कि यह वनस्पति चिंता व तनाव में सहायता कर सकती है। 2016 में प्रकाशित एक लेख ने लेमन बाम के घटक स्वरूपी यौगिकों पर नज़दीकी निगाह डाली और निष्कर्ष निकाला कि उसमें गाबा का संप्रेरण करनेवाले संप्रेषक होते हैं।  

कुल मिलाकर, यह अनुसंधान अध्ययन दर्शाते हैं कि लेमन बाम को तनाव का उपचार करने के लिए एक सुरक्षित एवं प्रभावी दवा के रूप में अपनाया जा सकता है। लेमन बाम को वनस्पतिक पूरक तत्त्व, अन्न अथवा चाय के रूप में लिया जा सकता है।  

एल-थियामिन

एल-थियामिन को एक नूट्रोपिक एमिनो एसिड माना जाता है, अर्थात् वह मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव डालकर सतर्कता में वृद्धि कर सकता है। वह हरी चाय में सामान्य रूप से  पाया जाता है  और तनाव की भावना कम करने में सहायता कर सकता है। 

2019 में किए गए एक यादृच्छिकीकृत प्लैसीबो-नियंत्रित अध्ययन ने एल-थियानिन के स्वस्थ्य वयस्कों में तनावसंबंधी लक्षणों पर होने वाले प्रभावों का मूल्यांकन किया। तीस स्वस्थ्य वयस्कों को एल-थियानिन या प्लैसीबो दिया गया। 4 सप्ताह के बाद, अनुसंधांकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि, “ …. एल-थियानिन में तनाव संबंधी विकारों तथा संज्ञानात्मक दोषों से ग्रस्त सामान्य व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य सुधारने की क्षमता है। ”

अन्य अध्ययनों में भी मानसिक स्वास्थ्य के लाभ सामने आए हैं।  

सूचित मात्रा दिन में एक या दो बार 200 mg कैप्सूल। उसे हरी चाय में भी लिया जा सकता है— एक कप में लगभग 30-50 mg एल-थियानिन होता है।

मैग्नीशियम

मैग्नीशियम को “स्ट्रेस मिनरल” कहा जाता है। तनाव के समय में, हमारा शरीर अधिक मात्रा में एड्रेनलीन और कॉर्टिज़ोल हार्मोन का उत्पादन करता है, और यह होने के लिए मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है। कुल मिलाकर शरीर में होनेवाली अन्य 350 जैवरासायनिक प्रतिक्रियाओं में भी, एंज़ाइम योग्य रूप से कार्य कर सकें, इस लिए मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है।

मैग्नीशियम की कमी विटामिन डी की कमी के बाद, मेरे वैद्यकीय पेशे के दौरान सामने आई सबसे सामान्य  पोषणात्मक  कमतरता है। जिन्हें उच्च स्तर का तनाव होता है या जो विशिष्ट औषधियॉं लेते हैं(अर्थात् आम्लनियंत्रक और तापशामक), उन्हें सबसे अधिक ख़तरा होता है। मैग्नीशियम की कमी का प्रमाण निम्नलिखित लक्षणों से मिल सकता हैः

  • तनाव से जुड़ा सिरदर्द और माइग्रेन
  • स्नायुओं का आकुंचन, पॉंवों की नस में खिंचाव और ऑंख की पुतली में जलन
  • अतिसक्रिय अमाशय के कारण बार-बार पेशाब आना
  • हृदयगति में वृद्धि  
  • पेट के स्नायुओं का आकुंचन
  • निद्रानाश

हममें से कई लोग एप्सॉम साल्ट के साथ गर्म पानी से नहाने से तनाव कम करने में होने वाली उपयोगिता से परिचित होंगे।  एप्सॉम नमक  वास्तव में मैग्नीशियम नमक होते हैं। गर्म पानी में घोले जाने पर, मैग्नीशियम त्वचा के माध्यम से सोंखा जाता है और स्नायुओं को पूरित करता है, जिससे आराम और शांति का अनुभव होता है।

हर रोज़ मैं रोगियों को मैग्नीशियम लेने की सलाह देता हूं। यह मैग्नीशियम ऑक्साइड या मैग्नीशियम केलेट जैसे कई मिश्रण में आता है। अनुशंसित खुराक: प्रतिदिन 200 mg से 500 mg।  

रोडियोला

रोडियोला  एक एडैप्टोजेन है, जिसमें कई स्वास्थ्य फायदे जैसे तनाव प्रबंधन, देखे गए हैं। एक एडैप्टोजेन है, जिसमें कई स्वास्थ्य फायदे जैसे तनाव प्रबंधन, देखे गए हैं। प्राचीन वैद्यों द्वारा हजारों वर्षों से प्रयुक्त, रोडियोला, अन्य एडैप्टोजेन्स की तरह, एक जड़ी-बूटी है जो कोशिकाओं और ऊतकों की ऑक्सिडेटिव तनाव और रोजमर्रा के जीवन के कारण होने वाले नुकसान से रक्षा करने में मदद करती है। चूंकि एडेप्टोजेन आव्हानकारी जलवायु और अतिक्लिष्ट मौसम में उगते हैं, वे स्वयं को सुरक्षित रखना सीख लेते हैं और उन्हें खाने वाले लोगों को भी यही गुणधर्म अनायास मिल जाते हैं।  

2012 में किए गए अध्ययन में सामने आया कि पूरक तत्त्व के रूप में लिए जाने पर रोडियोला तनाव का स्तर कम करने में सहायता कर सकता है। 2015 में किए गए अध्ययन में डॉ. मार्क क्रॉप्ले ने निष्कर्ष निकाला कि रोडियोला उपयोगकर्ताओं में, “...स्वानुभव चिंता, तनाव, क्रोध, भ्रम और अवसाद में 14 दिनों में भारी कमी और कुल मनस्थिति में लक्षणीय सुधार देखा गया।”

साथ ही, 2017 में किए गए अध्ययन  में भी तनाव और थकावट कम करने में सहायता करनेवाले लाभ सामने आए। उसमें, 118 रोगियों का नामांकन किया गया और उन्हें 400 mg रोडियोला दिया गया। 12 सप्ताहों के अंत में, यह पूरक तत्त्व लेनेवाले व्यक्तियों के तनाव व थकान में कमी देखी गई।  

आखिरकार, अमाशय प्रयोगशालाशास्त्र पर 2018 में किए गए अध्ययन ने दर्शाया कि रोडियोलो गट माइक्रोबायोम पर एक लाभकारी प्रभाव छोड़ता है, जिससे आंशिक रूप से स्पष्ट होता है कि वह तनाव व चिंता के लक्षण कम करने में सहायक कैसे होता है। सूचित्र मात्रा प्रतिदिन 250 से 1,000 per day।  

औषधीय तेल और तनाव

मानवीय सभ्यता के आरंभ ही से, लोगों ने औषधीय तेलों के लाभों से  फ़ायदा उठाया है। मिस्र के लोग ममीकरण प्रक्रिया और समारोहों व धार्मिक समारंभों के दौरान औषधीय तेलों का उपयोग करते थे। इन तेलों का बहुत मूल्य होता था, और उन्हें कई बार तोहफ़ों के तौर पर दिया जाता था और पैसे के रूप में भी उपयोग किया जाता था।

हमारे पूर्वज औषधीय तेलों का उपयोग सुगंधी द्रव्यों में भी करते थे। मनभावन सुगंध के साथ ही, अधिकतर औषधीय तेलों का उपयोग उनके ज्ञात स्वास्थ्य फ़ायदों के लिए भी होता है। अक्सर उपयोग मे आने वाले एयर  डिफ़्यूज़र (हवा में तेल और पानी के मिश्रण का एरोज़ोलीकरण करनेवाला उपकरण) में उपयोग में लाए जानेवाले औषधीय तेल गंध की संवेदना से मेल खाते हैं, जो मस्तिष्क़ को सीधा लाभ पहुंचाती है।

कुछ औषधीय तेल तनाव कम करने, ऊर्जा बढ़ाने और उत्कर्ष, प्रसन्नता व आशावाद की संवेदना जागृत करने में भी सहायता कर सकते हैं। अपनी त्वचा(सर्वदा सुनिश्चित करें कि आप त्वचा से संपर्क के लिए सुरक्षित तेल उपयोग कर रहे हों) अथवा अपने काम के स्थान पर डिफ़्यूज़र में औषधीय तेलों के उपयोग पर विचार करें। तनाव कम करने वाले औषधीय तेलों में निम्नलिखित शामिल हैः

अन्य पूरक तत्त्व 

एक  विटामिन बी-कॉंप्लेक्स  में सभी उपयोगी बी-विटामिनों का समावेश होता है। यह बी-विटामिन  ऊर्जा के निर्माण, माइटोकॉंड्रिया के स्वास्थ्य, महत्तम स्मरणशक्ति और मज्जातंत्रीय स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण होते हैं। अपने रक्त में इन विटामिनों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करने से आप सामने आनेवाली तनावपूर्ण घटनाओं से निपटने में सहायता पा सकते हैं।  

चूंकि जीवन के तनाव से निपटने के लिए रात की अच्छी नींद भी महत्त्वपूर्ण है, कई लोगों ने हृदयगति की लय को पुनः प्राप्त करने और आरामदायक नींद मिलने में मेलाटोनिन को लाभकारी पाया है। अधिकतर लोगों को कम से कम सात घण्टों की गुणवत्तापूर्ण अबाधित निद्रा के द्वारा हर रात अपने शरीर को रिचार्ज करने की आवश्यकता होती है। सूचित मात्रा सोने से तीन घण्टे पहले 1 mg से 10 mg है। कई लोग आरंभ में कम मात्रा लेते हुए उच्च मात्रा तक जा सकते हैं।  

संदर्भः

  1.  प्रेट एमए, नानावटी केबी, यंग वी, मॉर्ले सीपी। चिंता का वैकल्पिक उपचार: आयुर्वेदिक वनस्पति अश्वगंधा (विदेनिया सोम्निफेरा) के लिए सूचित मानवीय परीक्षण परिणामों का व्यवस्थाबद्ध अवलोकन वैकल्पिक व पूरक औषधि प्रपत्र। 2014;20(12):901-908. doi:10.1089/acm.2014.0177.
  2. चंद्रशेखर के, कपूर जे, अनिशेट्टी एस। वयस्कों में तनाव व चिंता कम करने में उच्च मात्रा व पूरे स्पेक्ट्रम के अश्वगंधा मूल के सार की सुरक्षितता व प्रभावमयता का एक अवसानात्मक, यादृच्छिकीकृत प्लैसीबोनियंत्रित अध्ययन। Indian J Psychol Med. 2012;34(3):255–262. doi:10.4103/0253-7176.106022
  3. लोप्रेस्टी एएल, स्मिथ एसजे, मालवी एच, कोडगुले आर। अश्वगंधा (विदेनिया सोम्निफेरा) के सार के तनावनाशक तथा प्रयोगशालाशास्त्रीय कार्यों का एक अन्वेषण: एक यादृच्छिकीकृत दोहरा- अज्ञात प्लैसीबोनियंत्रित अध्ययन। वैद्यकी (बाल्टिमोर)।2019;98(37):e17186. 
  4. Hidese S, Ogawa S, Ota M, et al. स्वस्थ्य वयस्कों में तनावसंबंधी लक्षणों व संज्ञानात्मक कार्यों पर एल-थियामिन देने के प्रभाव: एक यादृच्छिकीकृत नियंत्रित अध्ययन। पोषक तत्त्व. 2019;11(10):2362. प्रकाशन 2019 3 अक्तूबर। doi:10.3390/nu11102362
  5. ब्रायन जे। चाय के आहारीय घटकों के मनोवैज्ञानिक प्रभावः कैफीन और एल-थियानिन। Nutr Rev. 2008;66(2):82–90. doi:10.1111/j.1753-4887.2007.00011.x
  6. गेर्च ई, लोहारूका एस, वोल्टर-वार्मरडैम के, टोंग एस, केंपे ए, केडिया एस। सरदर्द के अचूक उपचार के रूप में शिराओं में इंजेक्शन के द्वारा मैग्नीशियम दिया जानाः एक शिशुरोगसंबंधी प्रकरण शृंखला। J Emerg Med. 2014;46(2):308–312. doi:10.1016/j.jemermed.2013.08.049
  7. Phytother Res. 2012 Aug;26(8):1220-5. doi: 10.1002/ptr.3712. Epub 2012 Jan 6.
  8. Phytother Res. 2015 Dec;29(12):1934-9. doi: 10.1002/ptr.5486. Epub 2015 Oct 27.
  9. कैस्पर एस, डीनिएल ए। थकान के लक्षणों से पीड़ित रोगियों में रोडियोला रोज़िया के सार का बहुकेंद्रीय, मुक्त लेबल, अन्वेषणात्मक वैद्यकशास्रीय परीक्षण। Neuropsychiatr Dis Treat. 2017; 13:889–898. प्रकाशन 2017 22 मार्च doi:10.2147/NDT.S120113
  10. गट पैथोग.2018 Mar 20;10:12. doi: 10.1186/s13099-018-0239-8. eCollection 2018.

संबंधित लेख

सभी देखें

तंदुरुस्ती

एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी) क्या है? लाभ, सप्लीमेंट्स और बहुत कुछ

तंदुरुस्ती

सेब के सिरके का स्वाद पसंद नहीं? एसीवी पूरक आज़माने के 6 कारण

तंदुरुस्ती

एल्डरबेरी के शक्तिशाली प्रतिरक्षा संबंधी और विषाणुरोधी लाभ