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आपके हारमोनों को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने के 7 तरीके

वीनस रैमॉस, एमडी द्वारा

इस लेख में:


आपका शरीर ग्रंथियों, अवयवों और प्रक्रियाओं का जटिल नेटवर्क है जो हारमोन नामक रासायनिक संदेशवाहकों के माध्यम से एक दूसरे के साथ अंतर्क्रिया करते हैं। हारमोनों का यह नेटवर्क आपकी अंतःस्रावी प्रणाली का गठन करता है।

आपके शरीर के मुख्य विनियामक के रूप में, अंतःस्रावी प्रणाली मनोदशा, नींद, भूख, चयापचय, हृदय गति, लैंगिक प्रकार्य, प्रजनन चक्रों, तनाव स्तरों, शरीर के तापमान, और आपकी वृद्धि और विकास का प्रबंधन करती है।

जब इस प्रणाली का संतुलन बिगड़ जाता है तो आपको आपके लिंग और प्रभावित हारमोन पर निर्भर करते हुए, विभिन्न प्रकार के लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है। संभावित संकेतों और लक्षणों में शामिल हैं:

  • थकान
  • भूख में परिवर्तन
  • वज़न का बढ़ना या घटना
  • नींद की समस्याएं
  • त्वचा में परिवर्तन
  • बालों का गिरना
  • हड्डियों का कमज़ोर होना (ऑस्टियोपोरोसिस
  • )
  • अवसादित मनोदशा
  • ठंड या गर्मी के प्रति संवेदनशीलता
  • यौनेच्छा में परिवर्तन
  • पानी का अवधारण
  • मूत्रमार्ग के संक्रमण
  • पीएमएस (प्रागार्तव)
  • रक्तचाप या हृदय गति में परिवर्तन
  • व्यग्रता और अवसाद सहित मनोदशा के विकार

हालांकि नुस्खे की दवाईयाँ आपके लक्षणों को कम करने में मदद करने में सक्षम हो सकती हैं, अपने हारमोनों को प्राकृतिक तरीके से संतुलित करना सीखने में कोई बुराई नहीं है। जब आप अपनी समस्या के मूल कारण को संबोधित करते हैं, तब आपको अपने लक्षणों को केवल छिपाने की बजाय कोई वास्तविक समाधान मिल सकता है।

हारमोनों का असंतुलन क्यों होता है?

किसी भी व्यक्ति की अंतःस्रावी प्रणाली के संतुलन के बिगड़ने के कई कारण हैं। जबकि चिकित्सीय अवस्थाएं अंतःस्रावी ग्रंथियों और अवयवों को प्रभावित कर सकती हैं, आपका वातावरण और जीवनशैली से संबंधित आदतें भी हारमोनों का असंतुलन पैदा करने में योगदान कर सकती हैं।

हारमोनों के असंतुलन के कारणों में शामिल हो सकते हैं:

  • कुपोषण
  • भूख न लगना
  • वज़न की अधिकता
  • संक्रमण
  • तीव्र एलर्जी
  • दीर्घकालिक तनाव
  • किसी ग्रंथि या अवयव को चोट लगना
  • विषैले तत्वों के संपर्क में आना (जैसे, बीपीए, थैलेट, कीटनाशक दवाएं)
  • दवाई (जैसे गर्भ निरोधक, ऐनाबोलिक स्टेरॉयड)

हारमोनों को संतुलित करने के लिए प्राकृतिक रणनीतियाँ

हारमोनों के असंतुलनों को प्राकृतिक ढंग से ठीक करने के लिए आप कई रणनीतियाँ अपना सकते हैं ताकि आप समस्या के मूल कारण को संबोधित कर सकें:

1. चीनी और ऐसी किसी भी चीज के सेवन को कम करें जिससे आपको खाद्य संवेदनशीलता है।

चीनी की मौजूदगी में, आपका इंसुलिन स्तर बढ़ जाता है। इंसुलिन एक शक्तिशाली हारमोन है जो पाँच अन्य हारमोनों का संतुलन बिगाड़ सकता है – कॉर्टिसॉल, ग्लुकेगॉन, वृद्धि हारमोन, एड्रीनैलीन, और नॉरएड्रीनैलीन। 

यदि आपका इंसुलिन अक्सर बढ़ जाता है या लंबे समय तक बढ़ा हुआ रहता है, तो आपकी शरीर की कोशिकाएं अभिभूत हो सकती हैं और खून से चीनी (ग्लूकोज) लेने के इंसुलिन के संकेत के प्रति प्रतिक्रिया करना बंद कर सकती हैं। जब आपके शरीर में यह इंसुलिन प्रतिरोध विकसित हो जाता है, तो इससे अंततोगत्वा मधुमेह की शुरुआत हो सकती है।

खाद्य संवेदनशीलताएं भी शोथ को बढ़ाकर हारमोनों के असंतुलन में योगदान कर सकती हैं जो कॉर्टिसॉल जैसे हारमोनों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए आप चाहें तो अपने स्वास्थ्य देखभालप्रदाता की सहायता लेकर किसी उन्मूलन आहार प्रक्रिया या खून के खाद्य एलर्जी परीक्षण से अपनी खाद्य संवेदनशीलताओं का पता लगाने पर काम कर सकते हैं। सामान्य खाद्य संवेदनशीलताओं में ग्लूटेन और डेयरी शामिल हैं।

2. स्वस्थ आहार बनाए रखें।

चूंकि शोथ से हारमोन संतुलन बिगड़ सकता है, किसी शोथ-रोधी आहार को शामिल करें जिसमें कच्चे मेवे और दाने तथा ताज़ा, ऑर्गैनिक फल और सब्ज़ियाँ शामिल हों।

सामन और मैकेरेल जैसी तैलीय मछलियाँ ओमेगा-3 फैटी एसिड के रूप में स्वस्थ वसा की अच्छी खुराक प्रदान करती हैं। ओमेगा 3 शोथ-रोधी होते हैं और कुछ हारमोनों के निर्माण के लिए अनिवार्य हैं। यदि आपको मछली से पर्याप्त मात्रा में ओमेगा-3 नहीं मिलते हैं, तो आपको कोई बढ़िया मछली के तेल का पूरक लेने पर विचार करना चाहिए।

ये मछलियाँ कोलेस्ट्रॉल का भी अच्छा स्रोत हैं, जो एस्ट्रोजेन और टेस्टोस्टेरोन जैसे सेक्स हारमोनों के संश्लेषण के लिए आवश्यक है। कोलेस्ट्रॉल की जरूरत विटामिन डी के उत्पादन के लिए भी पड़ती है।

ऐसी मछलियों, मांस, पोल्ट्री, और डेयरी उत्पादों से बचें जिनमें हारमोन, स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक मौजूद रह सकते हैं। प्रोसेस्ड सोया उत्पादों, समृद्ध सफेद आटे, कृत्रिम मिठासकारकों और प्रोसेस्ड वनस्पति तेल जैसे खाद्य पदार्थों से दूर रहें जो हारमोनों का संतुलन बिगाड़ सकते हैं। 

3. तनाव का समुचित ढंग से प्रबंधन करें।

दीर्घकालिक तनाव हारमोनों के संतुलन पैदा करने में एक प्रमुख कारक हो सकता है। तनाव की प्रतिक्रिया में लगातार कॉर्टिसॉल और एड्रिनैलीन का उत्पादन करने के दौरान, एड्रीनल ग्रंथियों को आवश्यकता से अधिक काम करना पड़ सकता है। इन तनाव हारमोनों के कारण खून में ग्लूकोज में वृद्धि और रक्तचाप में वृद्धि होती है, तथा पाचन क्रिया मंद हो जाती है। मनोदशा और नींद भी प्रभावित हो सकते हैं। समय के बीतने के साथ, तनाव हारमोनों के स्तरों में वृद्धि से मधुमेह, हृदय रोग, अवसाद और स्व-प्रतिरक्षी विकार उत्पन्न हो सकते हैं।

आपकी जीवनशैली के लिए उपयुक्त तनाव से राहत दिलाने वाली आदतें विकसित करें। योग, ध्यान, और गहरी सांस लेना आपके शरीर को विश्राम करने और जीवन की मांगों के साथ समायोजित होने का समय देने के लिए संभावित विकल्प हैं।

कुछ मामलों में, तनाव प्रबंधन योजना में किसी हर्बल पूरक को शामिल करना समझदारी का काम हो सकता है। एडैप्टोजेन वनस्पति पदार्थ हैं जो तनाव का सामना करने में शरीर की मदद करके एड्रीनल ग्रंथियों की सहायता कर सकते हैं। ऐडैप्टोजेन आपके शरीर के सामान्य प्रकार्य में लौटने में मदद करने का काम करते हैं। इसलिए यदि किसी हारमोन की कमी या बाहुल्य है, तो ऐडेप्टोजेनिक पूरक हारमोन संतुलन को बहाल करने के लिए उल्टी दिशा में काम करेगा।

माका एक ऐडैप्टोजेनिक पूरक है जिसका उपयोग आप हाइपोथैलेमस और पीयूष ग्रंथि के प्रकार्य में वृद्धि करने के लिए कर सकते हैं। इन्हें शरीर की “मास्टर ग्रंथियों” के नाम से जाना जाता है क्योंकि वे अंतःस्रावी प्रणाली में कई अन्य ग्रंथियों के प्रकार्यों को नियंत्रित करती हैं।

4. विषैले तत्वों से सावधान रहें।

आज की दुनिया में शरीर के लिए विषैले हो सकने वाले रसायनों की भरमार है। वे आपकी सांस में ली जा रही हवा, आपके भोजन, पीने के पानी और त्वचा पर लगाए जाने वाले उत्पादों में मौजूद हो सकते हैं। इनमें से कई विषैले तत्वों को एंडोक्राइन डिसरप्टर (अंतःस्रावी ग्रंथियों को अस्त-व्यस्त करने वाला) कहते हैं क्योंकि वे हारमोनों की प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप कर सकते हैं। कुछ आम एंडोक्राइन डिसरप्टर और उनसे बचने के तरीके यहाँ सूचीबद्ध हैं:

  • सीसा: अपनी दीवारों पर लगे पुराने, उखड़े हुए पेंट से छुटकारा पाएं। अपने पीने के पानी और बाथटब/शॉवर के लिए कोई बढ़िया वाटर फिल्टर लगवाएं। 
  • थैलेट: शरीर और व्यक्तिगत देखभाल के ऐसे उत्पादों से बचें जो घटकों में "खुशबू" को सूचीबद्ध करते हैं क्योंकि इसका मतलब अक्सर उसमें थैलेट की मौजूदगी होता है।
  • ऑर्गैनोफॉस्फेट कीटनाशक दवाएं: पर्यावरण संबंधी कार्यकर्ता समूह (EWG) की "Dirty Dozen" नामक सूची को देखें। हर साल, EWG लोकप्रिय फलों और सब्ज़ियों के कीटनाशक दवाओं से संदूषण को श्रेणीबद्ध करता है। इस सूची में मौजूद वस्तुओं के ऑर्गैनिक विकल्पों को चुनें।
  • बिस्फेनॉल ए (बीपीए) और बीपीए के स्थानापन्न पदार्थ: अपने भोजन या पेय पदार्थों को भंडारित करने के लिए प्लास्टिक का उपयोग मत करें। उन कंपनियों के डिब्बाबंद सामान से बचें जो निर्दिष्ट नहीं करती हैं कि उनके डिब्बे बीपीए और उसके स्थानापन्न पदार्थों से मुक्त हैं।
  • परफ्लोरिनेटेड रसायन (पीएफसी): पकाने के नॉन-स्टिक बर्तनों और आपके गलीचे, कपड़ों, या फर्नीचर पर लगी दाग और पानी की प्रतिरोधक कोटिंग से बचें।

सभी विषैले तत्वों से बचना कठिन है, इसलिए आपके शरीर की निराविषीकरण पद्धतियों को बढ़ाना महत्वपूर्ण है। कसरत या सौना उपचार के माध्यम से अपने पसीना निकलने के प्रकार्य में वृद्धि करें। कसरत से आपकी लसीका वाहिकाओं के परिसंचरण को भी बढ़ावा मिल सकता है जो विषैले तत्वों के निष्क्रियीकरण और उन्मूलन के लिए उनका परिवहन करती हैं।

5. पर्याप्त नींद लें।

आवश्यकता से कम नींद लेना हारमोनों का असंतुलन पैदा करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। नींद में व्यवधान कॉर्टिसॉल और भूख के हारमोन, घ्रेलिन सहित कई हारमोनों के स्तरों को प्रभावित कर सकता है। हर रात कम से कम 7.5 घंटे की नींद लेने का लक्ष्य बनाएं।

यदि आपको सोने में कठिनाई हो रही है, तो यहाँ कुछ सुझाव प्रस्तुत हैं जो इसमें मदद कर सकते हैं:

  • सोने के समय से कुछ घंटे पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद कर दें।
  • दिन के दौरान घर के बाहर प्राकृतिक प्रकाश में कम से कम 30 मिनट गुजारें। प्राकृतिक प्रकाश का विस्तृत वर्णक्रम आपके सेरोटोनिन स्तर की सहायता कर सकता है ताकि आपका मेलाटोनिन स्तर अच्छी नींद के लिए समुचित बना रहे।
  • सूर्यास्त के बाद कृत्रिम प्रकाश से यथा संभव दूर रहें।
  • सारे दिन पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन सोने के समय से 2 घंटे पहले पानी पीना बंद कर दें। इससे शौचालय का उपयोग करने के लिए आपके जागने की जरूरत की संख्या सीमित हो सकती है।
  • नींद में मदद के लिए किसी प्राकृतिक पूरक का अस्थायी उपयोग करने पर विचार करें। संभावित विकल्पों में शामिल हैं, GABA (गामा-अमाइनोब्युटाइरिक एसिड) और मेलाटोनिन। आपकी स्थिति के लिए सर्वोत्तम विकल्प के बारे में मार्गदर्शन के लिए अपने स्वास्थ्य देखभालप्रदाता से पूछें।

6. कैफ़ीन से बचें

कैफ़ीन जैसे उत्तेजक पदार्थ एड्रीनल ग्रंथि के हारमोनों के आवश्यकता से अधिक उत्पादन को प्रोत्साहित कर सकते हैं। यह तब विशेष रूप से विध्वंसकारी हो सकता है जब इसमें विषैले तत्वों जैसे अन्य हारमोन तनावकारक, गर्भावस्था, दीर्घकालिक तनाव या ओमेगा-3 का अपर्याप्त सेवन शामिल होता है।

7. सूचित बने रहें।

किसी ऐसे स्वास्थ्य देखभालप्रदाता से परामर्श लें जिसको पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली और हारमोनों को संतुलित करने की प्राकृतिक पद्धतियों का अच्छा ज्ञान है। आपका डॉक्टर आपके हारमोन स्तरों का पता लगाने के लिए खून के परीक्षण करवाने के लिए कह सकता है। कोई भी उपचार (दवाईयाँ, बायोआइडेंटिकल हारमोन, पूरक या जीवनशैली में परिवर्तन) शुरू करने से पहले, संभावित प्रतिकूल प्रभावों पर चर्चा करें। यह जानना महत्वपूर्ण है कि आपके द्वारा की या ली जाने वाली कोई भी चीज किसी भी मौजूदा रोग या दवाईयों के साथ किस तरह से अंतर्क्रिया कर सकती है। 

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