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Wellness

कोएंज़ाइम क्यू10 के 9 स्वास्थ्य लाभ

4 सितंबर 2019

एरिक मैड्रिड एमडी द्वारा

इस लेख में:

कोएंज़ाइम क्यू10 (कोक्यू10), जिसे कभी-कभी युबिक्विनोन भी कहते हैं, एक प्राकृतिक रूप से उपलब्ध एंटीऑक्सिडैंट पोषक तत्व है जो जीवन के लिए आवश्यक है। सदर्न मेडिकल जर्नल में प्रकाशित 2016 के एक अध्ययन ने दर्शाया कि कोक्यू10 की कमी का संबंध कुछ रोगों जैसे “एनसेफैलोमायोपैथी (मस्तिष्क की दुष्क्रिया), तीव्र इन्फैंटाइल मल्टीसिस्टेमिक रोग, सेरेबेलार एटैक्सिया (सामान्य रूप से चलने की असामान्य क्षमता), नेफ्रोटिक सिंड्रोम (गुर्दे का रोग), और आइसोलेटेड मायोपैथी (मांसपेशी का दर्द) के साथ पाया गया है”. 

कोक्यू10 के स्तरों में कमी हृदय रोग, अल्झाइमर्स रोग और पार्किन्सन्स रोग से ग्रस्त लोगों में भी पाई गई है।

यदि आपको निम्नलिखित है, तो आप भी कोएंज़ाइम क्यू10 से लाभान्वित हो सकते हैं

  • माइग्रेन के सिरदर्द
  • चिरस्थायी थकावट सिंड्रोम
  • फाइब्रोमायल्जिया
  • याददाश्त में कमी
  • रक्तचाप
  • कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर
  • चयापचयी रोग
  • चेहरे की झुर्रियाँ
  • कानों में घंटी बजना

कोएंज़ाइम क्यू10 की आवश्यकता कोशिकाओं में ऊर्जा पैदा करने के लिए पड़ती है। यह काम प्राथमिक रूप से कोशिका के एक हिस्से में किया जाता है, जिसे डॉक्टर माइटोकॉंड्रिया कहते हैं। माइटोकॉंड्रिया एक बिजली संयंत्र की तरह होते हैं जो ऊर्जा उत्पन्न करता है। यदि बिजली संयत्र पर्याप्त ऊर्जा नहीं पैदा करता है, तो आपको थकान होने लगती है और ऊर्जा का संरक्षण करने की जरूरत पड़ती है। अक्सर, मांसपेशी के दर्द कोक्यू10 के भंडार में कमी के संकेत हो सकते हैं।

चूंकि हृदय सबसे सक्रिय अवयव है, वह अपनी चयापचय संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए सर्वाधिक कोक्यू10 पैदा करता और उसका उपयोग करता है। इसके अलावा, हृदय रोग से ग्रस्त लोगों में अधिक कोक्यू10 की जरूरत पड़ती है। 

जब कोई पूरक लिया जाता है, तब शरीर 90% कोक्यू10 को उसके सक्रिय प्रारूप युबिक्विनॉल में बदल देता है। कोक्यू10 या युबिक्विनॉल का उपयोग ऊपर सूचीबद्ध अनेक रोगों के लिए संपूर्णात्मक और पूर्णतावादी चिकित्सकों द्वारा काफी मात्रा में किया जाता है। तथापि पारंपरिक चिकित्साशास्त्र को इसके अनुपूरण के स्वास्थ्य लाभ अब दिखाई देने लगे हैं।

कोक्यू10 का इतिहास

कोक्यू10 की खोज फ्रेडरिक क्रेन द्वारा 1957 में की गई थी। 1958 में, मर्क फार्मास्युटिकल्स में काम करने वाले अमरीकी बायोकेमिस्ट कार्ल फोकर्स ने कोएंज़ाइम क्यू10 की संरचना की खोज की। उन्हें पता लगा कि शरीर के हर भाग को समुचित रूप से काम करने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। विशिष्ट रूप से, इसका उपयोग माइटोकॉंड्रियल संरचनाओं द्वारा किया जाता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के अलावा हर कोशिका में पाई जाती हैं। कोक्यू10 उन कई पोषक तत्वों में से एक है जिनकी जरूरत माइटोकॉंड्रिया के स्वास्थ्य को इष्टतम बनाए रखने में मदद के लिए पड़ती है। 

कोक्यू10 के खाद्य स्रोत

  • मछली
  • गोमांस
  • सुअर का मांस
  • चिकन
  • मैकेरेल
  • सार्डीन्स
  • ब्रॉकोली
  • फूलगोभी
  • फलियाँ
  • मूंगफली 
  • अंगूर
  • एवोकैडो

तथापि, विशिष्ट रोगों वाले अधिकांश व्यक्तियों को, जिन्हें अतिरिक्त कोक्यू10 की जरूरत होती है, अपने आहार के साथ इसका पूरक लेना चाहिए। केवल आहार के माध्यम से कोक्यू10 के स्तरों को इष्टतम बनाने का प्रयास अक्सर अपर्याप्त होता है।

कोएंज़ाइम क्यू10 का ह्रास

हमारी उम्र के बढ़ने के साथ, हमारे शरीर और हमारी कोशिकाओं में कोक्यू10 का स्तर कम होने लगता है। ऐसा मुख्य रूप से उत्पादन में कमी और हमारी आंत्र नाल द्वारा कम अवशोषण करने के कारण होता है। 

नुस्खे की दवाईयाँ भी कोक्यू10 के स्तरों को घटा सकती हैं। मुख्य अपराधी स्टैटिन नामक दवाओं का एक वर्ग होता है। स्टैटिन कोलेस्ट्रॉल कम कने वाली दवाईयों के एक समूह का नाम है जिनमें एटॉर्वास्टैटिन (लिपिटॉर), सिम्वास्टैटिन (ज़ोकॉर), लोवास्टैटिन (मेवाकॉर) आदि शामिल हैं। 

स्टैटिन दवाईयाँ एचएमजी-कोए रिडक्टेज़ नामक एक एंज़ाइम को निष्क्रिय करती हैं। इस एंज़ाइम का निष्क्रियीकरण शरीर द्वारा बनाए जाने वाले कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। तथापि, यह शरीर की कोक्यू10 को पैदा करने की क्षमता को भी कम करता है। मांसपेशी के दर्द कोलेस्ट्रॉल की दवाई का आम दुष्प्रभाव हैं। हालांकि कई लोगों ने कोक्यू10 से अपने मांसपेशी के दर्दों का सफलतापूर्वक इलाज किया है, बड़े अध्ययन इस बात की पुष्टि करने में विफल रहे हैं। 

अध्ययनों ने यह भी दर्शाया है कि कतिपय रक्तचाप दवाईयाँ भी, विशिष्ट रूप से -- बीटाब्लॉकर वर्ग, कोक्यू10 को घटा सकती हैं। इन दवाईयों में एटीनोलॉल, कार्विडिलॉल, मेटोप्रोलॉल और प्रोप्रेनोलॉल आदि शामिल हैं। यह माना जाता है कि को-क्यू10 में कमी इन दवाईयों को लेने वाले कुछ लोगों में थकावट होने का कारण हो सकती है।

पर्यावरणीय तनावकारक 

रोजमर्रा के जीवन के तनाव न केवल हमारे शरीर को प्रभावित करते हैं बल्कि हमारे ऊर्जा स्तरों को भी कम करते हैं। कोक्यू10 एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडैंट है जो हमारे शरीर को जारणकारी तनाव के दैनिक प्रभावों से सुरक्षित करने में मदद करता है। अधिक तनाव वाले लोगों को इसकी कमी होने का जोखिम होता है।

माइग्रेन की रोकथाम

माइग्रेन के सिरदर्द 18% स्त्रियों और 6% तक पुरुषों को प्रभावित करते हैं। दुनियाभर में, 1 बिलियन तक लोग इससे प्रभावित हैं। माइग्रेन के सिरदर्द रोगियों के इमरजेंसी कक्ष में जाने का प्रमुख कारण हैं, जहाँ वे यह सुनिश्चित करने के लिए सिर का सीटी स्कैन करवाते हैं कि सिरदर्द किसी अधिक गंभीर कारण से तो नहीं हो रहा है। साथ ही, माइग्रेन उन 10 शीर्ष कारणों में से एक है जिनके लिए रोगी प्राथमिक देखभाल डॉक्टर के पास जाते हैं। 

माइग्रेन के सिरदर्द के लक्षणों में शामिल हैं:

  • तीव्र दर्द 
  • मतली
  • उल्टी
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
  • ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता 
  • उल्लेखनीय अशक्तता

माइग्रेन के परिणाम स्वरूप लोगों को काम से अत्यधिक छुट्टी लेनी पड़ती है। यह अनुमान लगाया गया है कि अमेरिका में काम पर न जाने से संबंधित लागत वार्षिक रूप से करीबन 30 बिलियन डॉलर है। 

माइग्रेन्स की शुरू से रोकथाम करना महत्वपूर्ण है।

अध्ययन दर्शाते हैं कि कोक्यू10 ठीक ऐसा ही कर सकता है। 

2017 के एक अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला “… कि कोक्यू10 (नुस्खे की दवाईयों से) बेहतर सुरक्षा प्रोफाइल के साथ, सिरदर्द की आवृत्ति को कम कर सकता है, और उसकी अवधि को भी कम कर सकता है, तथा उसकी तीव्रता को घटा सकता है।” 2017 के एक और अध्ययन तथा 2011 के एक अध्ययन ने भी माइग्रेन की रोकथाम करने में कोक्यू10 के अनुपूरण के लाभ दर्शाए।

माइग्रेन्स की रोकथाम में मदद करने के लिए न्यूनतम 100 मिग्रा प्रतिदिन या 100 मिग्रा प्रति दिन तीन बार तक लेने की सलाह दी जाती है।

चिरस्थायी थकावट सिंड्रोम / थकावट

ऊर्जा का उत्पादन माइटोकॉंड्रिया में होता है और ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए कोक्यू10 की जरूरत पड़ती है। शरीर को अतिरिक्त कोक्यू10 प्रदान करने से शरीर द्वारा ऊर्जा के उत्पादन में समग्र रूप से सुधार करने में मदद मिल सकती है। एक अध्ययन ने मल्टीपल स्क्लेरोसिस वाले लोगों में ऊर्जा में वृद्धि दर्शाई। अधिक अध्ययनों की जरूरत है। 

फाइब्रोमायल्जिया

फाइब्रोमायल्जिया एक रोग है जो पुरुषों की अपेक्षा स्त्रियों को अधिक प्रभावित करता है। इसके लक्षणों में चिरस्थायी थकावट और सारे शरीर में दर्द शामिल हैं। फाइब्रोमायल्जिया के कारण को स्पष्ट करने के लिए माइटोकॉंड्रियल दुष्क्रिया का उदाहरण एक लोकप्रिय सिद्धांत है। स्पेन में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि फाइब्रोमायल्जिया से ग्रस्त स्त्रियों में, 300 मिग्रा की दैनिक खुराक में कोक्यू10 लेने पर उनके लक्षणों में सुधार हुआ। 100 मिग्रा से 300 मिग्रा रोजाना की खुराक पर कोक्यू10 का अनुपूरण आम तौर पर लिया जाता है। 

याददाश्त और मनोभ्रंश

आबादी की उम्र के बढ़ने के साथ संज्ञानात्मक पतन या मनोभ्रंश अधिक आम हो रहा है। मनोभ्रंश प्रभावित व्यक्ति और परिवार दोनों के लिए उल्लेखनीय तकलीफ उत्पन्न करता है। अध्ययनों ने दर्शाया है कि खून में कोक्यू10 के स्तरों की कमी मनोभ्रंश और अल्झाइमर्स रोग को विकसित होने के जोखिम को बढ़ाती है।

2015 में किए गए एक अध्ययन ने दर्शाया कि 100 मिग्रा रोजाना तीन बार की खुराक में कोक्यू10 पार्कि्सन्स रोग से ग्रस्त लोगों में संज्ञानात्मक पतन को मंद करने में मदद कर सकता है। अन्य अध्ययन अल्झाइमर्स रोग वाले व्यक्तियों की मदद करने में कोक्यू10 की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं। पूरक के रूप मेंकोक्यू10 को रोजाना 100 मिग्रा से 300 मिग्रा की खुराक में लेने की अनुशंसा की जाती है। 

रक्तचाप

उच्च रक्तचाप जिसे हाइपरटेंशन भी कहते हैं, का निदान तब होता है जब रक्तचाप लगातार 140/90 से अधिक बना रहता है। उच्च रक्तचाप हृदय रोग, कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर, गुर्दे के रोग और लकवे (स्ट्रोक) के जोखिम को बढ़ाता है। स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं। कभी-कभी दवाईयों की जरूरत पड़ती है। को-एंज़ाइम क्यू10 जैसे पूरक भी उपयोगी हो सकते हैं। एनल्स ऑफ मेडिसिन में 2015 में प्रकाशित एक अध्ययन की तरह ही मेयो क्लिनिक भी उच्च रक्तचाप के लिए कोक्यू10 के उपयोग का समर्थन करता है। 100 मिग्रा से 300 मिग्रा रोजाना की खुराक में कोक्यू10 के अनुपूरण की अनुशंसा की जाती है। 

कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर (सीएचएफ)

कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर तब होता है जब हृदय खून को समूचे शरीर में कुशलतापूर्वक पंप करने में असमर्थ होता है। यह सुविदित है कि जब हार्ट फेल्यूर बिगड़ता है, तो कोक्यू10 के स्तर कम हो जाते हैं। अध्ययन दर्शाते हैं कि हार्ट फेल्यूर से अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों में कोक्यू10 के रक्त स्तरों की कमी होने पर उन्हें उच्च रक्त स्तर वाले लोगों की तुलना में मरने का अधिक जोखिम होता है। 

2013 में अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन में प्रकाशित एक अध्ययन, जिसमें 13 भिन्न अध्ययनों का मूल्यांकन किया गया, ने निष्कर्ष निकाला कि: “कोक्यू10 कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर से ग्रस्त लोगों में इजेक्शन फ्रैक्शन (ईएफ) को सुधार सकता है”। इजेक्शन फ्रैक्शन एक जांच है जिसका उपयोग डॉक्टर यह मापने के लिए करते हैं कि किसी व्यक्ति का हृदय खून को कितनी कुशलता से पंप करता है 

2014 में, क्यू-सिंबायो अध्ययन (इटली में किया गया) ने, जिसमें रोगियों ने इसे 2 वर्ष तक 300 मिग्रा प्रति दिन लिया था, कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर वाले लोगों में उल्लेखनीय लाभ दर्शाया। अध्ययन के दौरान कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर की सामान्य दवाईयाँ भी ली गईं।

क्यू-सिंबायो अध्ययन की प्रतिक्रिया में, डॉ. स्टीन स्टेंडर ने कहा “The यह अध्ययन इसे हार्ट फेल्यूर के रोगियों के उपचार के लिए मार्गनिर्देशों में शामिल करने पर गंभीर विचार करने को प्रेरित करता है। मेरी भविष्यवाणी है कि क्यू10 पूरक अंततोगत्वा इन रोगियों के लिए विश्व भऱ में आम उपचार बन जाएंगे।

अध्ययन ने यह भी दर्शाया कि कोक्यू10 ने कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर से ग्रस्त आधे लोगों में मृत्यु होने की घटना को भी कम किया। अग्रणी लेखक प्रोफेसर मोर्टेनसन ने कहा:

"कोक्यू10 पिछले एक दशक से अधिक के समय में चिरस्थायी हार्ट फेल्यूर में उत्तरजीविता को सुधारने वाली पहली दवाई है और इसे मानक हार्ट फेल्यूर उपचार में शामिल करना चाहिए।
अन्य हार्ट फेल्यूर दवाईयाँ कोशिकीय प्रक्रियाओं को बेहतर करने की बजाय अवरुद्ध करती हैं और उनके दुष्प्रभाव हो सकते हैं। कोक्यू10 से अनुपूरण, जो एक प्राकृतिक और सुरक्षित पदार्थ है, शरीर में कमी को पूरा करता है और चिरस्थायी हार्ट फेल्यूर, जिसे ऊर्जा का भूखा हृदय कहते हैं, में दुष्ट चयापचयी चक्र को अवरुद्ध करता है।"

2017 के एक अध्ययन ने, जिसमें 14 अन्य अध्ययनों की समीक्षा की गई थी, कोक्यू10 का एक लाभ दर्शाया। परिणामों ने दर्शाया कि जिन लोगों ने कोक्यू10 लिया था, उनके कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर की जटिलताओं से मरने की 31% कम संभावना थी। कम से कम 100 मिग्रा एक से तीन बार प्रति दिन की खुराक में कोक्यू10 गमीज़ का अनुपूरण आम है।

अन्य अवस्थाएं जिनमें कोएंज़ाइम क्यू10 का अनुपूरण उपयोगी हो सकता है, उनमें शामिल हैं:

  • एलडीएल (बुरे) कोलेस्ट्रॉल में कमी, जो दिल के दौरे और लकवे के लिए जोखिम कारक है
  • ट्राईग्लिसराइड्स में कमी जो दिल के दौरे और लकवे के लिए जोखिम कारक है
  • LpA में कमी, जो दिल के दौरे और लकवे के लिए एक स्वतंत्र जोखिम कारक है।
  • लेफ्ट वेंट्रिकुलर हाइपरट्रॉफी (दिल का आकार बढ़ जाना) का निवारण कर सकता है
  • धमनियों के कड़े होने (एथेरोस्क्लेरोसिस) को कम कर सकता है
  • कन्जेस्टिव हार्ट फेल्यूर के साथ अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करता है
  • गतिविधि की समग्र स्थिति और ताकत में सुधार करता है
  • आँखों के मैक्युलर डीजनरेशन की प्रगति को रोक सकता है
  • कानों में घंटी बजने से ग्रस्त लोग भी लाभान्वित हो सकते हैं
  • स्थानिक कोक्यू10 के उपयोग से चेहरे की झुर्रियाँ कम हो सकती हैं।

संदर्भ:

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