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पाया सूप के 6 स्वास्थ्य लाभ और उसे कैसे इस्तेमाल करें

डॉ. जोश ऐक्स, डीएनएम, डीसी, सीएनएस

इस लेख में:


यह मेरा व्यक्तिगत फलसफ़ा है कि बेहतरीन सेहत के लिए भोजन सबसे अच्छा विकल्प है। कुछ सादे, परंपरागत भोजन हमारे स्वास्थ्य पर सबसे ज़्यादा असर डाल सकते हैं। मैंने निश्चित रूप से पाया है कि असली और पारंपरिक पाया सूप के मामले में यह सच है।

चिकन पाया सूप एक पौष्टिक शोरबा है जिसे आमतौर पर प्रतिरक्षा प्रणाली, पाचन, श्वसन प्रणाली और जोड़ों को स्वस्थ रखने और अन्य लाभों की वजह से एक प्राचीन सुपरफ़ूड माना जाता है।

यह कुदरती रूप से कोलेजन (19 अमीनो एसिड से बना एक प्रकार का प्रोटीन) और जिलेटिन समेत पोषक तत्वों और गुणकारी यौगिकों, कैल्शियमफॉस्फोरस, और मैग्नीशियम, जैसे अल्प खनिजों और सल्फ़र यौगिकों से भरपूर होता है। इसके अलावा, इससे आपको कॉन्ड्रोइटिन सल्फ़ेट और ग्लूकोसेमिन, मिलते हैं। ये दोनों यौगिक आमतौर पर जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करने के लिए सप्लीमेंट के तौर पर लिए जाते हैं।

‌‌पाया सूप क्या होता है और इसका अभी भी इतना चलन क्यों है?

पाया सूप जानवरों की हड्डियों, त्वचा, मज्जा और संयोजी ऊतकों (कनेक्टिव टिश्यू) समेत दूसरे अंगों से बना एक तरल शोरबा होता है।

हालाँकि दुनिया भर के लोग पारंपरिक रूप से तैयार पाया सूप हज़ारों सालों से खाते रहे हैं, मगर हाल ही में यह एक ट्रेंडी "सुपरफ़ूड" के तौर पर जाना जाने लगा है - ख़ासकर पेलियो डाइट या कीटो डाइट जैसी कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट लेने वाले लोगों के बीच।

हो सकता है आप सोचते हों कि लोग ख़ास वक़्त या मौसमों में ही शोरबा या सूप पीते हैं, मगर अब हम जानते हैं कि पाया सूप असल में हर वक़्त और मौसम में आपके शरीर के लगभग हर हिस्से को लाभ पहुँचाता है, चाहे आपकी उम्र या स्वास्थ्य रुझान कुछ भी हो।

पाया सूप कई अलग-अलग उम्र, जीवन शैली और कामकाज वाले लोगों के लिए लाभकारी है। यह कुदरती कोलेजन के गिने-चुने और सबसे समृद्ध स्रोतों में से एक है। कोलेजन, रीढ़ की हड्डी वाले जानवरों में, उनकी हड्डियों, त्वचा, उपास्थि (कार्टिलेज), स्नायु, पुट्ठे और अस्थि मज्जा में पाया जाने वाला प्रोटीन है।

जब पाया सूप कई घंटों तक धीमी आँच पर पकता है, तो जानवरों के अंगों में मौजूद कोलेजन और जिलेटिन सूप में आ जाते हैं और आपका शरीर उन्हें आसानी से अवशोषित करके उपयोग कर सकता है, जिससे आपके शरीर को अपना खुद का कोलेजन बनाने में मदद मिल सकती है।

जैसा कि आप नीचे इस बारे में अधिक जानेंगे, उम्र बढ़ने के साथ-साथ कोलेजन का सेवन करना और भी ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि आपकी उम्र के 20वें या 30वें दशक के मुकाबले आपका शरीर कुदरती रूप से कम उत्पादन करने लगता है। चूँकि कोलेजन स्वस्थ संयोजी ऊतक बनाता है, इसलिए पाया सूप के ज़रिए कोलेजन और दूसरे यौगिकों का सेवन बढ़ाने से जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है और साथ ही यह आपकी आंतों, स्नायु, त्वचा और बालों को भी स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

पाया सूप के स्वास्थ्य लाभ

‌‌‌‌1. अमीनो एसिड का अच्छा स्त्रोत

पाया सूप, में दर्जनों विभिन्न पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनमें 19 अलग-अलग अमीनो एसिड (अक्सर "प्रोटीन के मूलभूत अंग" कहे जाने वाले) शामिल हैं। हालाँकि मांस और मछली जैसे प्रोटीन स्रोतों में हर अमीनो एसिड होता है, मगर उनमें उस प्रकार के अमीनो एसिड उच्च मात्रा में नहीं होते जो पाया सूप में पाए जाते हैं।

पाया सूप में कोलेजन प्रोटीन होता है — जो ग्लाइसिन, आर्जिनिन, प्रोलिन, और ग्लूटेमिन जैसे अमीनो एसिड से बनता है - जो कि आमतौर पर खाए जाने वाले अन्य खाद्य पदार्थों से उच्च मात्रा में आसानी से नहीं मिल सकता। यह भी एक वजह है कि पाया सूप और कोलेजन के बहुत सारे लाजवाब लाभ हैं।

पाया सूप में पाए जाने वाले अमीनो एसिड कई भूमिकाएँ निभाते हैं, खासकर जब आमतौर पर चयापचय, आंतों और जोड़ों के स्वास्थ्य और मांसपेशियों के वज़न को बनाए रखने में मदद करने की बात आती है।

‌‌‌‌2. आवश्यक खनिज और अन्य यौगिक प्रदान करता है

चूँकि यह जानवरों के अंगों से बनाया जाता है जो पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, इसलिए पाया सूप में कैल्शियम फॉस्फोरस, और मैग्नीशियम समेत कई ज़रूरी खनिज होते हैं। ये कंकाल की पूरी संरचना और हड्डियों को मज़बूत बनाए रखने में मदद करते हैं।

पाया सूप में आपको सल्फ़र और कॉन्ड्रोइटिन सल्फ़ेट ग्लूकोसेमिन, और एमएसएम जैसे कई अन्य गुणकारी यौगिक भी मिलेंगे, जो जोड़ों समेत संयोजी ऊतकों को स्वस्थ रखने में मदद करने की क्षमता रखते हैं।

‌‌‌‌3. प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखता है (आंतों को स्वस्थ रखकर)

आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली का ज़्यादातर हिस्सा असल में आपकी आंतों में होता है। तब यह समझ आता है कि सूप - जिसमें कोलेजन/जिलेटिन और अमीनो एसिड प्रोलिन ग्लूटेमिन, और आर्जिनिन उच्च मात्रा में होते हैं – पीने से प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है, ख़ासकर जब साथ में एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर आहार लिया जाए।

4. आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है

पाया सूप में पाए गए यौगिक, ख़ासकर कोलेजन पेप्टाइड और जिलेटिन, आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं क्योंकि वे बड़ी आंत और पूरे पाचन तंत्र के किनारों पर मौजूद ऊतकों के बंधन को बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं।

आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करने के अलावा, अमीनो एसिड और ग्लूटाथियोन समेत पाया सूप में मौजूद यौगिक आंतों की कार्यप्रणाली को स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकते हैं।

5. जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए कोलेजन और जिलेटिन प्रदान करता है

उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया के दौरान, शरीर में कोलेजन कुदरती रूप से कम हो जाता है, जो हमारे जोड़ों, संयोजी ऊतकों, हड्डियों और दूसरे अंगों पर बुरा असर डाल सकता है, जिससे लचीलापन कम हो जाता है और कभी-कभी जोड़ों में तकलीफ़ होती है।

कोलेजन और जिलेटिन पाया सूप के दो अहम अंग हैं क्योंकि उनसे आपके शरीर को अमीनो एसिड मिलते हैं जिन्हें संयोजी ऊतकों के बंधन को मज़बूत बनाए रखने और जोड़ों के समग्र स्वास्थ्य, आराम और उनकी गतिशीलता को बेहतर बनाने में मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

‌‌‌‌6. त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है

कोलेजन त्वचा के अंदर इलास्टिन और अन्य यौगिक बनाने में मदद करता है जो त्वचा की बनावट और रंगत को बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा, पाया सूप से अमीनो एसिड मिलते हैं जो बालों और नाखूनों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

पाया सूप कैसे इस्तेमाल करें

आज कई अलग-अलग तरह के पाया सूप (जैसे कि चिकन, बीफ़ और मछली) के विकल्प मौजूद हैं, जिनमें घर पर बनाए जा सकने वाले विकल्प (ये आपको कसाईखानों और किसानों के बाज़ारों में मिल जाएँगे), डिब्बाबंद और पाया सूप पाउडर शामिल हैं।

ध्यान रखें कि असली पाया सूप, जिसमें भरपूर कोलेजन और पोषक तत्व होते हैं, वह कैन या डिब्बों में बंद शोरबे या सूप और मीट का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बूयोन क्यूब से अलग होता है।

पाया सूप इस्तेमाल करने का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि आपने असल में किस तरह का सूप खरीदा या बनाया है। आप तरल पाया सूप - चाहे चिकन सूप हो, बीफ़ का सूप हो या मछली का सूप - इस्तेमाल करके इनमें से कुछ चटपटे व्यंजन बना सकते हैं:

  • क्लासिक चिकन सूप
  • बीफ़ का सूप या स्ट्यू
  • सब्जी का सूप
  • दाल का सूप
  • अस्थि मज्जा का सूप
  • आपकी पसंद का किसी भी दूसरी तरह का सूप

अगर आप इसके बजाय पाया सूप से बने कृत्रिम स्वाद वाले प्रोटीन पाउडर इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, जैसे कि चॉकलेट या वेनिला पाया सूप पाउडर, तो उसे इनमें से कुछ मीठे व्यंजनों में आज़माकर देखें:

  • उदाहरण के लिए, बेरी और बादाम के दूध से बने स्मूदी और शेक
  • पैनकेक्स
  • दलिया
  • मफ़िन और सेहतमंद ब्रेड

आप घर पर पाया सूप बनाने का विकल्प चुन सकते हैं या अगर आप इतना वक़्त या इतनी मेहतन नहीं लगाना चाहते, तो शॉर्टकट अपनाकर दुकान से खरीदा गया सूप या पाया सूप पाउडर इस्तेमाल कर सकते हैं। जब बात सहूलियत की आती है, तो पाया सूप से बने प्रोटीन पाउडर सबसे तेज़ विकल्पों में से हैं। साथ ही, उनमें असली तरल पाया सूप के सभी लाभ तो होते ही हैं और साथ में एक पाउडर में अतिरिक्त प्रोटीन होता है जिसे आसानी से मिलाया जा सकता है।

‌‌घर पर खुद ही पाया सूप कैसे बनाएँ

पाया सूप बनाने के लिए आवश्यक सामग्री हैं हड्डियाँ, वसा, सब्जियाँ और पानी। बेहतर होगा कि साथ में सेब के सिरके जैसा कोई एसिड हो जो हड्डियों से पोषक तत्वों को निकालने में मदद करता है। कुछ लोग गोष्ट भी डालते हैं। अगर आप बीफ़ का सूप या मेमने का सूप बना रहे हैं, तो बचे हुए किसी भी मांस या अंग के मांस को बर्तन में डालने से पहले पकाकर भूरा कर लेना चाहिए।

घर पर बीफ़ का सूप बनाने के लिए, स्थानीय किसान बाज़ार, कसाईखाने या ऑनलाइन रिटेलर पर जाएँ और घास खाने वाले पशु की हड्डियाँ खरीदें। सबसे अच्छा होगा कि आप वे पशु उत्पाद ढूँढें जिनके बारे में आपको यकीन है कि उन्हें चारा खिलाया जाता था और कोई एंटीबायोटिक दवाएँ और हार्मोन नहीं दिए जाते थे। इस तरह आप अपने शोरबे में किसी भी अनचाहे यौगिक का सेवन करने से बच सकते हैं।

चिकन सूप के लिए, बस पहले से पकाए हुए चिकन का कंकाल और हड्डियाँ इस्तेमाल करें। हालाँकि सूप बनाने के लिए सब्जियाँ ज़रूरी नहीं हैं, मगर इस बात के प्रमाण मौजूद हैं कि पशु उत्पादों और सब्जियों/जड़ी बूटियों (जैसे कि लहसुन, प्याज, अजवाइन, गाजर, अजमोद, आदि) का मेल उनके प्रभावों को बहुत बढ़ा सकता है जिससे शोरबे का पोषण और भी बढ़ जाता है।

यहाँ घर पर पाया सूप बनाने के बुनियादी निर्देश दिए गए हैं:

  1. हड्डियों को एक बड़े बर्तन या धीमे कुकर में रखें और पानी डाल दें।
  2. पकाने से पहले पानी में सेब के सिरके के दो बड़े चम्मच डाल दें। इससे हड्डियों से ज़रूरी पोषक तत्वों को निकालने में मदद मिलती है।
  3. बर्तन या धीमे कुकर को फ़िल्टर वाले पानी से भर दें। पानी के उबलने के लिए काफ़ी जगह छोड़ दें।
  4. धीरे-धीरे गरम करें। थोड़ा उबाल आने दें और फिर कम से कम छह घंटे के लिए कम आँच पर रख दें। जैसे ही "झाग" उठे, उसे हटाते जाएं।
  5. धीरे-धीरे और कम आँच पर पकाएँ। चिकन की हड्डियों को 24 घंटे तक पकाना पड़ सकता है। बीफ की हड्डियों को 48 घंटे तक पकाना पड़ सकता है। हड्डी के अंदर और आसपास के पोषक तत्वों को पूरी तरह से निकालने के लिए कम आँच पर और धीरे-धीरे पकाना ज़रूरी है।
  6. ज़्यादा पोषण के लिए आप सब्जियाँ भी डाल सकते हैं, जैसे कि प्याज, लहसुन, गाजर और अजवाइन।
  7. धीमे कुकर में पकाने के बाद, सूप ठंडा हो जाएगा और उसके ऊपर वसा की एक परत जमा हो जाएगी। यह परत नीचे के सूप को बचाती है। इस परत को सूप पीने से ठीक पहले ही हटाएँ।

‌‌रोज़ कितना पाया सूप पीने का लक्ष्य रखना चाहिए? 

ज़्यादातर विशेषज्ञ रोज़ एक से दो बार आठ आउंस यानी एक कप पाया सूप पीने की सलाह देते हैं। इसमें वह पाया सूप प्रोटीन शामिल हो सकता है जिसका सेवन आप सूप, स्मूदी या बेक की हुई चीज़ों या केवल पेय के तौर पर पिए गए शोरबे जैसे व्यंजनों में करते हैं।

अगर आप अपनी ख़ुराक को 2 हिस्सों में बाँटने का फ़ैसला करते हैं, तो एक बार सुबह और एक बार रात के खाने के साथ या दो वक़्त के खाने के बीच में लेने की कोशिश करें।

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