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कैल्शियम पूरक से अधिक लाभ प्राप्त करने के 5 तरीके

डॉ. माइकल मरे द्वारा

इस लेख में:


कैल्शियम शरीर में सबसे प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाला खनिज है। यह शरीर के कुल वजन का 1.5 से 2% होता है जिसमें 99% से अधिक कैल्शियम हड्डियों में मौजूद होता है। हड्डियों और दांतों के निर्माण और रखरखाव में इसके प्रमुख कार्य के अलावा, कैल्शियम शरीर में कई एंजाइमों की गतिविधि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मांसपेशियों का संकुचन, न्यूरोट्रांसमीटर का उन्मुक्त होना, दिल की धड़कन का नियमन और रक्त का थक्का बनना सभी कैल्शियम पर निर्भर हैं। 

कैल्शियम पूरक सभी-प्राकृतिक उत्पादों में सबसे लोकप्रिय है, खासकर महिलाओं में। आखिरकार, मजबूत हड्डियों का निर्माण महिलाओं के लिए बचपन में शुरू होने वाला एक आजीवन लक्ष्य होना चाहिए क्योंकि युवा काल में हड्डी के घनत्व और वृद्धावस्था में ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम के बीच गहरा संबंध है। किसी भी उम्र में कैल्शियम पूरक से अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए यहां पांच महत्वपूर्ण विचार दिए गए हैं।

‌‌‌‌1. विटामिन डी के साथ कैल्शियम पूरक का अधिक से अधिक लाभ उठाएं

कैल्शियम का पर्याप्त सेवन हड्डी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में एक स्थापित भूमिका निभाता है, मुख्य रूप से बहुत युवा और बुजुर्ग महिलाओं में। हालांकि, कैल्शियम पूरक से वास्तव में हड्डियों की क्षति या ऑस्टियोपोरोसिस से बचाने की सबसे अच्छी संभावना तब होती है जब इसे विटामिन डीऔर के2, और अन्य पोषक तत्वों के साथ जोड़ा जाता है। हड्डियां गतिशील जीवित ऊतक हैं जिन्हें इष्टतम अखंडता के लिए लगभग हर आवश्यक पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। 

हड्डियों के स्वास्थ्य पर केवल कैल्शियम पूरक के साथ किए गए नियंत्रित परीक्षणों के एक विस्तृत विश्लेषण ने हड्डियोंके स्वास्थ्य पर मामूली लाभ दिखाए हैं।1 ऐसा प्रतीत होता है कि केवल कैल्शियम की तुलना में इसका समर्थन करने के लिए और भी कुछ देने की आवश्यकता है। विटामिन डी के साथ कैल्शियम देने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। महिला स्वास्थ्य पहल की एक करीबी परीक्षण, जिसमें 36,000 से अधिक रजोनिवृत्ति महिलाओं ने भाग लिया, ने आश्चर्यजनक परिणाम दिखाया। अध्ययन में कई महिलाओं ने नियमित रूप से आहार की खुराक नहीं ली। जब विश्लेषण उन महिलाओं तक ही सीमित था जो कम-से-कम 80% बार गोलियां लेती थीं, तब कैल्शियम और विटामिन डी के परिणामों में प्लेसिबो की तुलना में कूल्हे के फ्रैक्चर में 29% की कमी आई।2 यह एक महत्वपूर्ण परिणाम था क्योंकि विटामिन डी अनुपूरक न्यूनतम था, लेकिन स्पष्ट रूप से एक अलग परिणाम मिला।

‌‌‌‌2. विटामिन के2 हड्डियों में कैल्शियम को बांधे रहने में मदद करता है

विटामिन के2 या मेनैक्विनोन बैक्टीरिया द्वारा निर्मित किया जाता है और कुछ किण्वित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है विटामिन के आधार से जुड़े अणुओं की संख्या के आधार पर के2 के कई अलग-अलग रूप होते हैं। एमके-7 विटामिन के2 का सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक रूप है। एमके-7 एक आहार पूरक के रूप में उपलब्ध है जो नाट्टो (जापान में लोकप्रिय किण्वित सोया खाद्य पदार्थ) से प्राप्त किया गया है। इसके अलावा, नाट्टो के तीन औंस का सेवन एमके-7 की 850 माइक्रोग्राम की मात्रा प्रदान करता है।

विटामिन के2 हड्डियों के स्वास्थ्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह हड्डियों के प्रोटीन ओस्टियोकैल्सिन को उसके निष्क्रिय रूप से सक्रिय रूप में परिवर्तित करने के लिए जिम्मेदार होता है। ओस्टियोकेल्सिन हमारी हड्डियों में पाया जाने वाला प्रमुख गैर-कोलेजन प्रोटीन है और अपने सक्रिय रूप में, यह कैल्शियम को हड्डी के भीतर बांधे रखता है। एक ऐतिहासिक प्रमुख नैदानिक अध्ययन में, 244 स्वस्थ रजोनिवृत्ति महिलाओं ने 3 साल तक या तो एमके-7 (प्रति दिन 180 माइक्रोग्राम) या प्लेसिबो लिया।3 परिणामों से पता चला कि एमके-7 ने विटामिन के की स्थिति और सक्रिय ओस्टियोकैल्सिन के स्तर में काफी सुधार किया और हड्डियों की खनिज सांद्रता (बीएमसी) और हड्डियों के खनिज घनत्व में उम्र से संबंधित गिरावट में कमी दर्शायी। हड्डियों की मज़बूती भी एमके-7 से अनुकूल रूप से प्रभावित हुई जो फ्रैक्चर जोखिम का एक प्रमुख निर्धारक है। अंत में, एमके-7 ने कशेरुक के मध्य-स्थल पर निचले वक्ष क्षेत्र की कशेरुकाओं की ऊंचाई में कमी को काफी कम कर दिया। ये परिणाम रजोनिवृत्ति महिलाओं में एमके-7 पूरक के महत्व को उजागर करते हैं, और ये लाभ किसी भी उम्र में महत्वपूर्ण हैं। एमके-7 का यह अतिरिक्त लाभ है कि यह सुनिश्चित करता है कि कैल्शियम को हड्डियों में जमा हो ना कि शरीर के कोमल ऊतकों में जैसे रक्त वाहिकाओं की सतहों पर। 

‌‌‌‌3. मैग्नीशियम के साथ संतुलन बनाए रखें 

मैग्नीशियम और कैल्शियम कई मायनों में साथी पोषक तत्व हैं, खासकर हड्डियों में हड्डियों के उचित खनिज घनत्व के लिए मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है और यह विटामिन डी को सक्रिय करने में भी मदद करता है।4 कैल्शियम की बड़ी खुराक लेने से मैग्नीशियम का अवशोषण बाधित हो सकता है और संभावित रूप से हड्डियों के स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। मैग्नीशियम और कैल्शियम का उचित संतुलन सुनिश्चित करने के लिए, आमतौर पर कैल्शियम की आधी मात्रा जितना मैग्नीशियम लेने की सिफारिश की जाती है या दूसरे शब्दों में कैल्शियम और मैग्नीशियम के 2:1 अनुपात का पालन करें। 

‌‌‌‌4. इस प्रकार के आहार के उच्च सेवन से बचें जो कि कैल्शियम के उपयोग को प्रभावित करते हैं

शर्करा, नमक (सोडियम क्लोराइड), और अतिरिक्त प्रोटीन सभी मूत्र में कैल्शियम उत्सर्जन को बढ़ावा देकर कैल्शियम के उपयोग को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। इसलिए यदि कैल्शियम का आहार सेवन पर्याप्त नहीं है, तो कैल्शियम को हड्डियों से प्राप्त किया जाएगा और फिर इसे मूत्र के साथ उत्सर्जित कर दिया जाएगा। गैर-कार्बोनेटेड फलों के रस और कार्बोनेटेड कोला पेय पदार्थों सहित मीठे पेय पदार्थों का सेवन, फ्रैक्चर के उच्च जोखिम से जुड़ा हुआ है। शीतल पेय पदार्थों का सेवन विशेष रूप से हानिकारक है क्योंकि इनमें न केवल शर्करा होती है बल्कि अम्लीय फॉस्फेट भी होते हैं जो कैल्शियम उत्सर्जन को बढ़ावा देते हैं। फलों के रस और कोला पेय पदार्थों के प्रति दिन आधे कैन के सेवन की वृद्धि हड्डी के फ्रैक्चर के जोखिम को दोगुना कर देती है।5

‌‌‌‌5. क्या कैल्शियम का रूप मायने रखता है?

कैल्शियम पूरक कैप्सूल, गोलियों, चबाने योग्य वेफर्स और और विभिन्न रासायनिक रूपों में तरल पदार्थ में उपलब्ध हैं। दो सबसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले रूप कैल्शियम कार्बोनेट और कैल्शियम साइट्रेट हैं। कैल्शियम के ये दोनों रूप ज्यादातर लोगों के लिए उपयुक्त होते हैं। संभव अपवाद यह है कि कैल्शियम साइट्रेट की तुलना में कैल्शियम कार्बोनेट को उन लोगों में उतनी अच्छी तरह से अवशोषित नहीं किया जा सकता है जिनके पेट में अपर्याप्त एसिड उत्पन्न होता है।6 लेकिन इन उदाहरणों में, वास्तविक सबूत से पता चलता है कि भोजन के साथ कैल्शियम कार्बोनेट लेने से यह अच्छे से अवशोषित हो सकता है।7 शैवाल, मूंगे (जीवाश्म), और सीप के खोल से प्राप्त कैल्शियम कैल्शियम कार्बोनेट के स्रोत हैं। 

साइट्रेट या लैक्टेट से बंधा कैल्शियम आमतौर पर कैल्शियम का समग्र रूप माना जाता है। इन पदार्थों की कैल्शियम के अन्य रूपों की तुलना में के निम्न लाभ हैं (a) ये आसानी से आयनीकृत हो जाते है, (b) ये लगभग पूरी तरह से दूट जाते हैं और शरीर द्वारा उपयोग कर लिए जाते हैं, (c) इनका सुरक्षा प्रोफ़ाइल बेहतर है, और (d) ये न केवल कैल्शियम बल्कि अन्य खनिजों के अवशोषण को बढ़ाने में सक्षम हैं। कैल्शियम की खुराक के इन रूपों की समस्या यह है कि इनका अधिक मात्रा में सेवन करना पड़ता है – कैल्शियम के समान स्तर प्रदान करने के लिए कैल्शियम कार्बोनेट स्रोतों की तुलना में कैल्शियम के इस रूप के तीन से चार गुना कैप्सूल या गोलियों का सेवन करने की आवश्यकता होती है। 

कैल्शियम के रूप, लाभ और नुकसान

रूप

नुकसान

लाभ

शैवाल कैल्शियम

कैल्शियम कार्बोनेट का अधिक महंगा रूप।


अतिरिक्त ट्रेस खनिज प्रदान कर सकता है।


कैल्शियम कार्बोनेट

इसे उन लोगों द्वारा पर्याप्त रूप से अवशोषित नहीं किया जा सकता है जिनके पेट में एसिड की अपर्याप्त मात्रा उत्पन्न होती है।

अधिकतम अवशोषण के लिए इसे खाद्य पदार्थों के साथ लिया जाना चाहिए।


सस्ता। गोली या कैप्सूल के रूप में लेने में आसान है क्योंकि यह अन्य रूपों की तरह भारी नहीं होता है।

कैल्शियम साइट्रेट; कैल्शियम ग्लूकोनेट; कैल्शियम लैक्टेट; अन्य कार्बनिक अम्लों से बंधे कैल्शियम

बड़े अणु कैल्शियम कार्बोनेट की तुलना में अधिक भारी होते हैं और इस प्रकार कैल्शियम कार्बोनेट के समान खुराक प्राप्त करने के लिए अधिक गोलियों/कैप्सूलों की आवश्यकता होती है।

पेट के एसिड के उत्पादन की परवाह किए बिना यह आसानी से अवशोषित हो जाता है। 

कैल्शियम फॉस्फेट

इसका आयरन और अन्य खनिजों के अवशोषण को अवरुद्ध करने में अधिक प्रभाव हो सकता है।

फॉस्फेट घटक भी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। कम-से-कम कब्ज होने की संभावना है।

मूंगे से प्राप्त कैल्शियम (जीवाश्म मूंगे से प्राप्त कैल्शियम कार्बोनेट), सीप के खोल से प्राप्त कैल्शियम, डोलोमाइट, और बोन मील कैल्शियम 

इनमें सीसा और अन्य अशुद्धियों के उच्च स्तर हो सकते हैं।

यह कैल्शियम कार्बोनेट के समान है।

माइक्रोक्रिस्टलाइन कैल्शियम हाइड्रोक्सीएपेटाइट

यह अन्य रूपों की तुलना में खराब रूप से अवशोषित होता है। अधिक महंगा।

संभवतः अन्य घटकों के कारण हड्डियों के स्वास्थ्य में इसके अतिरिक्त लाभ प्रदान करने का दावा किया गया है।

‌‌‌‌कैल्शियम के लिए खुराक के दिशानिर्देश

पूरकता के लिए इस्तेमाल की जाने वाली खुराक की सीमा आम तौर पर कैल्शियम के लिए अनुशंसित आहार अनुमति (आरडीए) को दर्शाती है। हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम पूरकता के साथ कई अध्ययन किए गए हैं। इन अध्ययनों से यह प्रतीत होता है कि ज्यादातर महिलाओं के लिए पूरक कैल्शियम की प्रभावी खुराक प्रति दिन 600 से 1,000 मिलीग्राम है। हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम की प्रति दिन 1,000 मिलीग्राम 1,000 मिलीग्राम की खुराक उतने ही अच्छे परिणाम उत्पन्न करती है जितनी प्रति दिन 2,000 मिलीग्राम की खुराक।8

कैल्शियम के लिए अनुशंसित आहार अनुमति

शिशु    

  • 0-0.5 वर्ष     400 mg
  • 0.5-1 year    600 मिलीग्राम

बच्चे

  • 1-3 वर्ष    800 मिलीग्राम
  • 4-6 वर्ष    800 मिलीग्राम
  • 7-10 वर्ष    800 मिलीग्राम

युवा वयस्क और वयस्क

  • पुरुष 11-24 वर्ष    1,200 मिलीग्राम
  • 25 वर्ष से बड़े पुरुष    800 मिलीग्राम
  • महिलाएं 11-24 वर्ष1,200 मिलीग्राम
  • 24 वर्ष से बड़ी महिलाएं    800 मिलीग्राम
  • गर्भवती महिलाएं    1,200 मिलीग्राम
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं    1,200 मिलीग्राम

‌‌‌‌कैल्शियम पूरक के संभावित दुष्प्रभाव

आम तौर पर कैल्शियम पूरक की 2,000 मिलीग्राम से कम की खुराक शरीर द्वारा अच्छी तरह से सहन की जा सकती है। इसकी उच्च खुराक से गुर्दे की पथरी और नरम-ऊतक में कैल्सीफिकेशन का जोखिम बढ़ सकता है, हालांकि, इन दोनों स्थितियों में से किसी को भी निर्णायक रूप से कैल्शियम पूरक के साथ नहीं जोड़ा गया है।

‌‌‌‌कैल्शियम और दवा की परस्पर क्रिया

एल्यूमीनियम युक्त एंटासिड को हड्डियों के टूटने और कैल्शियम के उत्सर्जन में वृद्धि के लिए जाना जाता है। कैल्शियम को जब निम्नलिखित दवाओं के साथ लिया जाता है तो यह इनके अवशोषण में कमी कर सकता है: बिसफ़ॉस्फ़ोनेट्स, एटिड्रोनेट (Didronel®), टेट्रासाइक्लिन एंटीबायोटिक्स, फ़िनाइटोइन (Dilantin®), और थायराइड हार्मोन। यदि आप इनमें से कोई भी दवा ले रहे हैं, तो आपको दवा लेने से कम-से-कम दो घंटे पहले कैल्शियम लेना चाहिए। थियाजाइड-प्रकार के मूत्रवर्धक कैल्शियम कार्बोनेट और विटामिन डी की पूरक के साथ परस्पर क्रिया कर सकते हैं, जिससे हाइपरकेलेसीमिया और हाइपरलकिस्यूरिया के जोखिम बढ़ सकते हैं। अगर आप ये दवाएं ले रहे हैं तो अपने चिकित्सक से परामर्श करें। 

संदर्भ:

  1. Tai V, Leung W, Grey A, Reid IR, Bolland MJ. Calcium intake and bone mineral density: systematic review and meta-analysis. BMJ 2015;351:h4183.
  2. Jackson R, LaCroix A, Gass M, et al. for the Women’s Health Initiative Investigators: calcium plus vitamin D supplementation and the risk of fractures.  N Engl J Med  2006;354:669–683.
  3. Knapen MH, Drummen NE, Smit E, Vermeer C, Theuwissen E. Three-year low-dose menaquinone-7 supplementation helps decrease bone loss in healthy postmenopausal women. Osteoporos Int. 2013;24(9):2499-507
  4. Castiglioni S, Cazzaniga A, Albisetti W, Maier JA. Magnesium and osteoporosis: current state of knowledge and future research directions. Nutrients. 2013 Jul 31;5(8):3022-33.
  5. DiNicolantonio JJ, Mehta V, Zaman SB, O'Keefe JH. Not Salt But Sugar As Aetiological In Osteoporosis: A Review. Mo Med. 2018 May-Jun;115(3):247-252.
  6. Sakhaee K, Bhuket T, Adams-Huet B, Rao DS. Meta-analysis of calcium bioavailability: a comparison of calcium citrate with calcium carbonate. Am J Ther 1999(6):313-21.
  7. Heaney RP, Dowell MS, Barger-Lux MJ. Absorption of calcium as the carbonate and citrate salts, with some observations on method. Osteoporos Int. 1999;9(1):19-23.
  8. Elders PJ, Lips P, Netelenbos JC, van Ginkel FC, et al. Long-term effect of calcium supplementation on bone loss in perimenopausal women. J Bone Miner Res 1994;9:963–70

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