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स्वस्थता

हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (शक्ति बढ़ाने वाली कसरत)

10 जुलाई 2019

जेक बोली द्वारा

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग उन सर्वोत्तम चीजों में से एक है जिन्हें लोग अपने सारे जीवनकाल में शक्तिशाली हड्डियों और स्वस्थ जोड़ों को बढ़ावा देने के लिए कर सकते हैं। हम जैसे-जैसे जीवन में आगे बढ़ते हैं, हमारी हड्डियों और जोड़ों के उम्र से संबंधित समस्याओं से ग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है। उम्र से संबंधित हड्डियों का ह्रास, जोड़ों की कार्टिलेज (उपास्थि) का खराब हो जाना, और कमज़ोर मांसपेशियाँ, ये सभी बूढ़े होने की प्राकृतिक प्रक्रिया का परिणाम हो सकते हैं।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से हर आबादी को कई लाभ मिलते हैं और वह निश्चित रूप से लंबा, स्वस्थ जीवन जीने के सर्वोत्तम प्राकृतिक तरीकों में से एक है। शानदार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग प्रोग्राम किसी भी उम्र में हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकते हैं। यह बात खास तौर पर अधिक उम्र वाली आबादियों पर लागू होती है जिनके उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव तेज गति से करने की अधिक संभावना होती है।

बुढ़ापा हड्डियों और जोड़ों को कैसे प्रभावित करता है

बुढ़ापे की सारी प्रक्रिया के दौरान, हड्डियाँ अपनी शक्ति और घनत्व को प्राकृतिक रूप से खोने लगते हैं। जब हम जवान होते हैं, हड्डियों में हड्डी के निर्माण को सुगम करने वाली कोशिकाएं अधिक मात्रा में और हड्डियों को विघटित करने वाली कोशिकाएं भी उतनी ही मात्रा में होती हैं। तथापि, यह प्रक्रिया समय के साथ बदलती जाती है और हड्डी का निर्माण उम्र के साथ धीमा पड़ जाता है जबकि हड्डी के पुनः शोषण के साथ ऐसा नहीं होता।

हड्डी का पुनः शोषण वह प्रक्रिया है जिसमें हड्डियों को ऑस्टियोक्लास्ट नामक कोशिकाओं द्वारा खनिजों में विघटित करके शरीर में विमुक्त किया जाता है। सामान्य भाषा में कहें तो, हड्डियों को उनके वापस निर्माण किए जाने से अधिक तेजी से विघटित किया जा रहा होता है।

शोध ने सुझाया है कि हम 20 वर्ष की उम्र के आसपास अपनी हड्डियों के पिंड के शीर्ष स्तरों पर पहुंच जाते हैं। जब हम 30 की उम्र को पार कर लेते हैं, तब हड्डियों के पिंड का घनत्व आम तौर पर घटने लगता है। सामन्य तौर पर, शोध ने सुझाया है कि ऐसा स्त्रियों में 30 के दशक के अंत में, और पुरुषों में 40 के दशक के आरंभ में होता है। यह प्रक्रिया जोड़ों के स्वास्थ्य में भी भूमिका निभा सकती है; तथापि, कार्टिलेज का ह्रास हर रोज के घिसाव के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत दरों पर होता है।

यह अत्यंत निराशापूर्ण लग सकता है, लेकिन बूढ़ा होने की प्राकृतिक प्रक्रिया को रोकने के कुछ तरीके हैं जिनमें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, उचित पोषण, और रणनीतिक अनुपूरण शामिल है। सर्वोत्तम हिस्सा यह है कि आपकी उम्र कुछ भी क्यों न हो, आप उन्हें आज भी शुरू कर सकते हैं और उनका लाभ उठा सकते हैं।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हड्डी के स्वास्थ्य का प्रत्यक्ष रूप से समर्थन कैसे करती है 

कसरत में क्रमिक ओवरलोड हड्डियों का अनुकूलन पैदा करता है—यानी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग व्यायाम के बाद हड्डियों में न्यूनतम विकृति पैदा करती है, जिससे सारे शरीर में मेकैनोसेंसर नामक कोशिकाएं प्रेरित होती हैं। ये मेकैनोसेंसर ट्रेनिंग के दौरान हड्डियों पर पड़ने वाले तनावों के प्रति एक जैवरसायनिक अनुक्रिया पैदा करते हैं।

इन जैवरसायनिक अनुक्रियाओं के परिणामस्वरूप विकृत स्थानों पर हड्डियों का निर्माण और वृद्धि होती है। इसलिए, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से उत्पन्न तनाव वास्तव में उपयोगी है क्योंकि वह हड्डी से संबंधित विशिष्ट निर्माणात्मक जैवरसायनिक अनुक्रियाओं को प्रोत्साहित करती है जो अन्यथा मौजूद नहीं हो सकती हैं। यही वजह है कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अधिक उम्र वाली आबादियों के लिए इतनी महत्वपूर्ण है जिनके शरीर में पहले से ही सीमित या घटते ऑस्टियोब्लास्ट स्तर होते हैं।

हड्डी के स्वास्थ्य को सुधारने के अलावा, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को अधिक उम्र की आबादियों में गिरने के कारण होने वाले हड्डी के फ्रैक्चर के घटे हुए जोखिमों और साथ ही जोड़ों की बेहतर गतिशीलता से भी जोड़ा गया है। इन दोनों लाभों का श्रेय गति के एकाधिक स्तरों के माध्यम से शरीर पर पड़ने वाले क्रमिक ओवरलोड को दिया जा सकता है।

हड्डी और जोड़ के स्वास्थ्य के लिए पूरक

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के शारीरिक पहलुओं से परे, कुछ पूरकों को भी हड्डी और जोड़ के स्वास्थ्य को संभावित रूप से समर्थित और मदद करते दर्शाया गया है।

कोलेजन

कोलेजन, जो शरीर में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन है, को हड्डी के खनिज घनत्व को सुधारने में भूमिका निभाते दर्शाया गया है। हड्डियाँ अधिकतर कोलेजन से निर्मित होती हैं, इसलिए उससे अनुपूरण करना हड्डी के खनिज घनत्व को बढ़ावा देने में उपयोगी हो सकता है। यह उन आबादियों के लिए थोड़ा सा अधिक उपयोगी हो सकता है जिन्हें उम्र से संबंधित हड्डी के ह्रास का अनुभव हो रहा होता है। 

एमएसएम

मिथाइलसल्फोनिलमीथेन (एमएसएम)कसरत के बाद होने वाली शोथ प्रक्रिया में भूमिका निभा सकता है, जिससे जोड़ों के दर्द में राहत मिल सकती है। वृद्ध आबादियों में, कसरतों से पर्याप्त कार्टिलेज से रहित जोड़ों पर अतिरिक्त तनाव पड़ सकता है, और उन्हें थोड़े से अधिक घर्षण का अनुभव होता है। एमएसएम स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के बाद शरीर की तीव्र शोथ की मात्रा को कम करने की क्षमता का समर्थन करने में उपयोगी हो सकता है।

ग्लूकोसमाइन और कॉन्ड्रॉयटिन 

ग्लूकोसमाइन और कॉन्ड्रॉयटिन वे पूरक हैं जिन्हें संभावित रूप से जोड़ों की अकड़न को कम करने और जोड़ों के आराम के स्तरों को बेहतर बनाते दर्शाया गया है। वृद्ध आबादियों में या ठंडे मौसम वाली जलवायुओं में, जोड़ों की अकड़न दैनिक तकलीफ पैदा कर सकती है। हालांकि इस पूरक पर शोध अभी थोड़ा कम है, कुछ अध्ययनों ने जोड़ों की समग्र अकड़न में कमी दर्शाई है।

विटामिन डी

विटामिन डी—या धूप का विटामिन—हड्डी के समग्र स्वास्थ्य का समर्थन करने के लिए एक उपयोगी पूरक हो सकता है। यह विटामिन कैल्शियम अवशोषण और हड्डी के खनिजीकरण में बड़ी भूमिका निभाता है, जो वे दो क्षेत्र हैं जो पर्याप्त मात्रा में उपस्थित न होने पर जोड़ों की समस्याएं पैदा कर सकते हैं⁶। विटामिन डी को सामान्य तौर पर सर्दी के महीनों में और उन वृद्ध आबादियों द्वारा लेने की सलाह दी जाती है जिनमें घर से बाहर जाने और सूरज के माध्यम से प्राकृतिक रूप से पर्याप्त विटामिन डी प्राप्त करने की क्षमता का अभाव होता है। 

उम्र के बढ़ने के साथ, दैनिक घिसाई के कारण हड्डियों और जोड़ों का क्षय हो सकता है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग—उचित पोषण और अनुपूरण के साथ—हमारे सारे जीवनकाल में न केवल हड्डी के क्षय को रोकने बल्कि उनके स्वास्थ्य को संभावित रूप से सुधारने के सर्वोत्तम प्राकृतिक तरीकों में से एक है।

संदर्भ:

  1. Santos, L., Elliott-Sale, K., & Sale, C. (2017). Exercise and bone health across the lifespan. Biogerontology, 18(6), 931-946. doi:10.1007/s10522-017-9732-6
  2. Latham, N., & Liu, C. (2010). Strength Training in Older Adults: The Benefits for Osteoarthritis. Clinics In Geriatric Medicine, 26(3), 445-459. doi:10.1016/j.cger.2010.03.006
  3. König, D., Oesser, S., Scharla, S., Zdzieblik, D., & Gollhofer, A. (2018). Specific Collagen Peptides Improve Bone Mineral Density and Bone Markers in Postmenopausal Women—A Randomized Controlled Study. Nutrients, 10(1), 97. doi:10.3390/nu10010097
  4. Withee, E., Tippens, K., Dehen, R., Tibbitts, D., Hanes, D., & Zwickey, H. (2017). Effects of Methylsulfonylmethane (MSM) on exercise-induced oxidative stress, muscle damage, and pain following a half-marathon: a double-blind, randomized, placebo-controlled trial. Journal Of The International Society Of Sports Nutrition, 14(1). doi:10.1186/s12970-017-0181-z
  5. Vasiliadis, H., & Tsikopoulos, K. (2017). Glucosamine and chondroitin for the treatment of osteoarthritis. World Journal Of Orthopedics, 8(1), 1. doi:10.5312/wjo.v8.i1.1

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