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सर्केडियन रिदम और अनिद्रा

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सर्केडियन रिदम वास्तव में शरीर की जैविक घड़ी है जो शरीर की विभिन्न प्रक्रियाओं की दैनिक लय को कायम रखने के लिए जिम्मेदार है। इन प्रक्रियाओं के उदाहरण हैं, शरीर का तापमान, भूख, और नींद। स्वस्थ सर्केडियन रिदम हमें दिन में जाग्रत महसूस करने और रात के समय गहरी और शांतिदायक नींद लेने में मदद करती है।

सर्केडियन रिदम का अध्ययन असंख्य शोधकर्ताओं और प्रोफेसरों ने कई वर्षों से किया है, लेकिन सैन डिएगो, कैलिफोर्निया की साल्क इंस्टीट्यूट के डॉ. सच्चिदानंद पांडा इस क्षेत्र में अग्रणी हैं ---उन्होंने इस विषय पर कुछ सबसे नवोन्मेषी और अंतर्दृष्टिपूर्ण शोध किया है।

हाइपोथैलेमस का संक्षिप्त परिचय

डॉ. पांडा का शोध सर्केडियन रिदम के निर्माण खंडों का काम करने वाले जीन और कोशिकाओं पर केंद्रित है। उनका काम खास तौर पर हाइपोथैलेमस के नाम से जाने जाने वाले मस्तिष्क के एक भाग पर केंद्रित है जो सर्केडियन रिदम को नियंत्रित करता है और शरीर के विभिन्न भागों को प्रभावित करने के लिए कई हारमोनों का उपयोग करता है।

हाइपोथैलेमस के सर्केडियन रिदम में लिप्त विशिष्ट भाग को सुप्राकियास्मैटिक न्यूक्लियस के नाम से जाना जाता है, जो हमारी आंतरिक घड़ी को तब नियंत्रित करता है जब हम प्रकाश और अंधेरे के संपर्क में आते हैं। मस्तिष्क आँखों पर से प्रकाश के गुजरने के समय और मस्तिष्क के काफी भीतर जाने वाली तंत्रिकाओं के माध्यम से हमारे वातावरण के बारे में जानकारी प्राप्त करता है। मस्तिष्क को जानकारी मिलने के बाद, मस्तिष्क के एक और भाग को संदेश भेजा जाता है जिसे वैज्ञानिक पीनियल ग्रंथि कहकर बुलाते हैं।

पीनियल ग्रंथि को “तीसरी आँख” भी समझा जाता है, और आयुर्वेदिक उपचार पद्धति में, इसे तृतीय-चक्षु चक्र या अज्ञा चक्र भी कहा जाता है। पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन नामक हारमोन का निर्गम करने के लिए जिम्मेदार है, जो नींद के लिए अत्यावश्यक है।

मेलाटोनिन और सर्केडियन रिदम

मेलाटोनिन एक प्राकृतिक “तंद्रालु” हारमोन है जो पीनियल ग्रंथि से निकलता है। यह सर्केडियन रिदम में बड़ी भूमिका निभाता है। मेलाटोनिन का स्राव दिन के विभिन्न चक्रों के दौरान शरीर में किया जाता है और सुबह/शाम के सोने/जागने के चक्र को बढ़ावा देने में मदद करता है जिसके हममें से अधिकांश लोग आदी हैं। पीनियल ग्रंथि अंधेरा होने पर अधिक मेलाटोनिन बनाती और स्राव करती है और रोशनी होने पर उत्पादन कम करती है।

हालांकि हर व्यक्ति मेलाटोनिन का स्राव करता है, उम्र के बढ़ने के साथ स्राव की गई मात्रा घटने लगती है। मेलाटोनिन का स्राव हमारे जीवन के पहले कुछ महीनों में शुरू होता है और समस्त वयस्क जीवन में एक समान मात्रा में स्राव होने से पहले तक बढ़ता जाता है। उसके बाद, अधिकांश लोगों में मेलाटोनिन का स्राव तब तक घटता है जब तक कि वह अपनी आरंभिक मात्रा का अंश मात्र रह जाता है --- शायद इसी कारण से कुछ वृद्ध लोगों को नींद आने में कठिनाई होती है। यही वजह है कि मेलाटोनिन पूरकों का उपयोग अक्सर अनिद्रा, जेटलैग विकार, और पाली-काम विकार का उपचार करने में किया जाता है।

अनुशंसित खुराक: 3-5 मिग्रा सोने जाने से एक या दो घंटे पहले।

जेटलैग विकार और सर्केडियन रिदम

हमारी आंतरिक घड़ी हमारे वातावरण और उसके साथ हमारी परस्पर क्रिया पर अत्यंत निर्भर है। जेट लैग विकार तब होता है जब हवाई यात्रा हमें थोड़े से समय में अलग-अलग समय क्षेत्रों में ले जाती है, जिससे सर्केडियन रिदम अनियंत्रित हो जाती है क्योंकि हमें समायोजन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता है। लक्षण आम तौर पर यात्रा के बाद के पहले दिन अधिक बुरे होते हैं जब हमारी सर्केडियन रिदम धीरे-धीरे ठीक होने का प्रयास शुरू करती है। मेलाटोनिन पूरक लेने और प्रकाश के साथ सामयिक संपर्क हमारी घड़ी को रीसेट करने के लिए जरूरी समय को कम कर सकता है

जेट लैग के लक्षण

  • दिन के समय उनींदापन
  • इच्छा होने पर सोने में असमर्थता
  • सतर्कता में कमी
  • संज्ञानात्मक प्रदर्शन में कमी और याददाश्त की समस्याएं

पाली-काम विकार और सर्केडियन रिदम

हमारी सर्केडियन रिदम दिन के समय जाग्रति और रात में उनींदेपन की ओर अभिप्रेत है। इसीलिए रात के समय देर तक जगे रहने और दिन के समय सोने को जरूरी करने वाले कार्यक्रम हमारी जैविक घड़ी को अनियंत्रित कर देते हैं। जो लोग रात में काम करते हैं उन्हें अक्सर उनकी पालियों के अंत वाले भाग में “निद्रा ऋण” के एकत्र होने का अनुभव होता है क्योंकि उनकी सर्केडियन रिदम नींद को बढ़ावा देना शुरू कर देती है। दिन के समय इसका उल्टा होता है जब सर्केडियन रिदम सतर्कता को बढ़ावा देती है और नींद को रोकती है। इसका सर्वोत्तम समाधान एक स्लीप एंकर यानी हर रोज सोने का एक खास समय स्थापित करना है। सोने के पसंदीदा समयों के दौरान प्रकाश से संपर्क को सीमित करना महत्वपूर्ण है, और नींद को बढ़ावा देने के लिए मेलाटोनिन का उपयोग भी किया जा सकता है।

पाली-काम विकार के लक्षण

  • नींद की गुणवत्ता में कमी
  • नींद की मात्रा में कमी
  • निद्रा ऋण में वृद्धि

गैर 24 घंटा सोने-जागने की रिदम का विकार और सर्केडियन रिदम

गैर 24 घंटा सोने-जागने की रिदम का विकार एक बार में 24 घंटे से अधिक चलने वाली सर्केडियन रिदम के फलस्वरूप होता है। यह आम तौर पर अंधे रोगियों में होता है जो प्रकाश के संपर्क से उत्तेजना और संकेत प्राप्त करने में असमर्थ होते हैं, लेकिन दृष्टि की समस्याओं से रहित कुछ रोगियों में भी यह होता है। इसका मुख्य उपचार सर्केडियन रिदम को प्रशिक्षित करना है, जो प्राथमिक रूप से मेलाटोनिन अनुपूरण से संभव किया जाता है।

गैर 24 घंटा सोने-जागने की रिदम के विकार के लक्षण

  • दिन के समय उनींदापन
  • रुक-रुक कर अनिद्रा होना

मेलाटोनिन से परे

मेलाटोनिन के अलावा, अन्य प्राकृतिक पूरक उपलब्ध हैं जिनका उपयोग अनिद्रा के उपचार के लिए किया जा सकता है,जैसे वालेरियन रूट और कैमोमाइल, जो मेलाटोनिन से अलग तरीके से काम करते हैं और शरीर में अलग-अलग प्रक्रियाओं को प्रभावित करके नींद लाते हैं।

वालेरियन रूट और नींद

सैकड़ों वर्षों से, वालेरियन रूट का उपयोग बेचैनी कम करने और नींद को बढ़ावा देने के लिए चाय और अन्य प्राकृतिक उपचारों में किया जा रहा है। इसमें मौजूद विभिन्न यौगिकों की क्रिया के कारण यह एक सीडेटिव की तरह काम करता है, जिनमें अल्केलॉइड और फ्लेवोनॉइड्स शामिल हैं।

इसमें GABA भी मौजूद है, जो कि हमारे मस्तिष्क का एक न्यूरोट्रांमिटर है जिसका काम हमारी तंत्रिकाओं के बीच संदेशों को धीमा करना और उनकी रोकथाम करना है। वालेरियन रूट में मौजूद यौगिकों का उपयोग हमारे मस्तिष्क में GABA रिसेप्टर्स को उत्तेजित करने के लिए किया जा सकता है, जिससे अंततः उनींदापन होता है और नींद आती है। हालांकि वालेरियन रूट अनिद्रा का उपचार करने में प्रयुक्त कुछ दवाईयों का अच्छा विकल्प है, इसके कुछ दुष्प्रभाव हैं और इसका उपयोग करने से पहले किसी डॉक्टर के साथ चर्चा करनी चाहिए।

वालेरियन रूट से संबद्ध दुष्प्रभाव:

  • सुस्ती आना
  • चक्कर आना
  • पेट दर्द (अधिक खुराक में लेने पर)

कैमोमाइल और नींद

कैमोमाइल एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी है जिसका उपयोग हजारों वर्षों से उसकी शोथ-रोधी, बेचैनी-रोधी, और नींद लाने वाले गुणों के लिए किया जा रहा है। इसके शामक प्रभाव इसके यौगिकों, जैसे फ्लेवोनॉइड और एपिजेनिन के कारण हैं, जो मस्तिष्क में GABA रिसेप्टर्स से बंधकर नींद को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। हालांकि कैमोमाइल सामान्य तौर पर सुरक्षित और अत्यंत आम हर्बल पूरक है, इसके उपयोग की चर्चा किसी चिकित्सक के साथ करनी चाहिए ताकि सुनिश्चित हो सके कि इसके उपयोग की किसी कारण से मनाही तो नहीं है या इससे किसी अन्य औषधि के साथ परस्पर क्रिया की संभावना तो नहीं है।

कैमोमाइल से संबद्ध दुष्प्रभाव

  • अन्य दवाईयों के खून का थक्का बनने से रोकने वाले गुणों को बढ़ाती है
  • त्वचाशोथ
  • एलर्जिक लोगों में एनाफिलेक्सिस (तीव्रग्राहिता)

अन्य हर्बल पूरकों और चायों में, जो नींद लाने में मदद करने के लिए उपयोगी हो सकती हैं, शामिल हैं, लेमन बाम, लैवेंडर, पैशनफ्लॉवर, और मैग्नोलिया बार्क

अच्छी नींद की स्वस्थ दिनचर्या कायम रखना

नींद की अच्छी परिपाटियाँ, जिन्हें स्लीप हाइजीन भी कहते हैं, अनिद्रा के विकास की बढ़िया निवारक हैं। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, अच्छी स्लीप हाइजीन में शामिल है:

  • सोने से पहले निकोटीन और कैफीन जैसे उत्तेजकों से बचें
  • आपकी नींद में विघ्न डाल सकने वाले खाद्य पदार्थों को सोने से ठीक पहले खाने से बचें। इसमें मसालेदार खाद्य पदार्थ, खट्टे फल, चिकनाई-युक्त भोजन, और कार्बोनेटेड पेय शामिल हैं — ये वे सब चीजें हैं जो पेट में गड़बड़ पैदा कर सकती हैं और नींद भंग कर सकती हैं
  • सोने की अच्छी दिनचर्या बनाएं। इसमें सोने से पहले स्ट्रेचिंग करना, कोई किताब पढ़ना, या नहाना शामिल हो सकता है। सोने की अच्छी दिनचर्या वह चीज है जो आपके शरीर और मस्तिष्क को सूचित करती है कि आप सोने को तैयार हैं और उसके लिए धीरे-धीरे तैयारी करने में आपकी मदद करती है।
  • दिन के समय की झपकियों को 30 मिनट तक सीमित करें। झपकियाँ रात के समय की नींद की अच्छी विकल्प नहीं हैं, लेकिन वे जरूरत पड़ने पर अच्छा मूड बनाने और सतर्कता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। बस रात के समय की नींद को विचलित न करने के लिए अपनी झपकियों की अवधि कम रखने की कोशिश करें।
  • सोने के वातावरण को अच्छा बनाए रखें। सेल फोन, कम्प्यूटर, और टेलिविजन स्क्रीन के प्रकाश से बचें क्योंकि वे अत्यधिक परिवेशी प्रकाश का स्रोत बन सकते हैं, जिससे नींद में व्यवधान हो सकता है और अवाँछित मानसिक उत्तेजना पैदा हो सकती है। यदि आप उनका उपयोग करते हैं, तो नीली रोशनी को अवरुद्ध करने वाले चश्मे पहनने पर विचार करें। आप अपने फोन की डिसप्ले सेटिंग्स भी जाँच सकते हैं, क्योंकि कुछ उपकरणों में रात के समय नीली रोशनी को फिल्टर करने वाली सेटिंग्स होती हैं।
  • आराम का निर्माण करें। तकियों और बिस्तर के गद्दों का तापमान सही और अच्छी नींद बनाए रखने के लिए उन्हें आरामदेह होना चाहिए।
  • व्यायाम के माध्यम से अच्छी नींद को बढ़ावा दें। एयरोबिक व्यायाम, जैसे सोने से पहले 10 मिनट तक साइकिल चलाना या पैदल चलना, रात के समय की नींद की गुणवत्ता पर शानदार प्रभाव डाल सकता है। तथापि, सोने से पहले अत्यधिक और कड़ा व्यायाम, व्यक्ति पर निर्भर करते हुए, नींद पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

सर्केडियन रिदम हमारी आंतरिक जैविक घड़ी है जो हमारे सोने के तरीके और समय को नियंत्रित करती है। यह मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस नामक भाग, विशिष्ट रूप से सुप्राकियास्मैटिक न्यूक्लियस, में उत्पन्न होती है। मस्तिष्क का यह भाग आँखों से जानकारी प्राप्त करता है और मेलाटोनिन हारमोन के निर्गम को नियंत्रित करने के लिए पीनियल ग्रंथि को सिग्नल भेजता है। तदनुसार, दिन के समय मेलाटोनिन के निम्न स्तर जागे रहने की अवस्था को बढ़ावा देते हैं और रात के समय मेलाटोनिन के अधिक स्तर नींद को बढ़ावा देते हैं। कई सर्केडियन रिदम विकारों या निद्रा विकारों का उपचार बहिर्जात मेलाटोनिन  या अतिरिक्त निद्रा उपचारों जैसे, वालेरियन रूट और कैमोमाइल से किया जा सकता है।

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