checkoutarrow
IN
24/7 सहायता
beauty2 heart-circle sports-fitness food-nutrition herbs-supplements
पोषण

अपने पाचन में सुधार करने के लिए इस गिरी का अधिक सेवन करें

8 नवंबर 2019

केसी सेडेन एमएस, आरडी, सीडीएन सीडीई द्वारा

इस लेख में:


जब भोजन या नाश्ते में पोषण शामिल करने की बात आती है तब गिरियाँ सबसे आसान विकल्प साबित होती हैं। इन्हें काफी समय तक आसानी से स्टोर किया जा सकता है, और ये इतनी किस्मों में आती हैं कि आपको अपनी टेस्ट बड्स को जागृत करने के लिए एक गिरी अवश्य मिल जाएगी। गिरियाँ भी पोषक तत्वों से भरी हुई हैं जिनके हृदय के स्वास्थ्य, रक्त शर्करा के संतुलन, मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर लाभकारी प्रभाव होते हैं, और अब, आशाजनक अनुसंधान के साथ पेट के स्वास्थ्य के लिए भी इनके लाभकारी प्रभावों का पता चला है!! अखरोट एक ऐसी गिरी है जो हाल ही में पाचन पर उनके प्रभाव के लिए ध्यान आकर्षित कर रही है और पेट के सूक्ष्मजीवों के स्वास्थ्य के लिए एक संभावित नए सुपरफूड के रूप में इनकी बात की जा रही है।

हालांकि यह कोई संयोग नहीं है कि अखरोट हमारे मस्तिष्क की तरह दिखाई देता है - इनके एंटीऑक्सीडेंट गुण मानसिक कार्य पद्धति को प्रभावित करते हैं - यह सामान्य जानकारी बन रही है कि हमारे पेट को एक "दूसरा मस्तिष्क" माना जाता है। इसलिए, यह आश्चर्यजनक नहीं है कि अखरोट को एक स्वस्थ पेट के साथ भी जोड़ा जा रहा है! 

अखरोट के पोषण का मूलभूत परिचय

सभी गिरियों में से कौन सी बात अखरोट को एक ऐसा सुपरफ़ूड बनाती है? यह छोटी खोलीदार गिरी एकमात्र ऐसी गिरी है जिसमें काफी अधिक मात्रा में ओमेगा -3 फैटी एसिड होते हैं, विशेष रूप सेअल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA). यह फैटी एसिड "आवश्यक" माना जाता है और सामान्य विकास के लिए महत्वपूर्ण है। ALA को सूजन को कम करने, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग के जोखिम को कम करने और मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार करने में महत्वपूर्ण पाया गया है। अलसी के बीज और चिया मात्र ऐसे बीज हैं जिनमें अखरोट से अधिक ओमेगा-3 होता है।

एक औंस अखरोट में, चार ग्राम प्रोटीन, दो ग्राम फाइबर और अच्छी मात्रा में मैग्नीशियम होता है जो तंत्रिका कार्य पद्धति और रक्त शर्करा नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण है। उन पर गौरवान्वित American Heart Association’s Heart-Check Mark लगा है जो समग्र आहार गुणवत्ता में सुधार करने के तरीके के रूप में उनके मूल्य को दर्शाता है।

इसके लाभ स्पष्ट रूप से इसकी उपयोगिता साबित करते हैं, और स्वाद भी! टोस्ट जैसे स्वाद के साथ, अखरोट को मीठे और नमकीन मसालों के साथ अच्छी तरह से मिलाया जाता है, जिससे उन्हें कई प्रकार के व्यंजन बनाने के लिए आसानी से शामिल किया जा सके। छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा गया या साबुत अखरोट ओटमील के ऊपर डालने के लिए उत्तम है, उन्हें बेकिंग सामग्रियां बनाने के लिएगिरियों का मक्खन या आटा बनाने के लिए पीसा जा सकता है और अखरोट का तेल सलाद के स्वाद को और अधिक बढ़ा सकता है।

यह सब बहुत स्वादिष्ट लग रहा है, सही कहा ना? अब, आइए देखें कि कैसे अखरोट विशेष रूप से आपके पाचन में सुधार कर सकते हैं।

अखरोट पेट के सूक्ष्मजीवों में सुधार कर सकते हैं

मानव जठरांत्र संबंधी मार्ग में ढेरो बैक्टीरिया मौजूद होते है और सूक्ष्मजीवों के स्वस्थ समुदायों को बढ़ाना प्रणालीगत स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। पेट में अच्छे बैक्टीरिया अपचनीय फाइबर को किण्वित करने और लाभकारी पदार्थों - शॉर्ट-चेन फैटी एसिड (SCFA) का उत्पादन करने में सक्षम होते हैं - जो सीधे रक्त शर्करा संतुलन, हार्मोन और भूख विनियमन और यहाँ तक कि वजन को प्रभावित कर सकते हैं। एक उच्च वसा, संसाधित पश्चिमी आहार में अक्सर आहार फाइबर की कमी होती है और अगर खाने का यह पैटर्न लंबे समय तक बना रहता है, तो व्यक्ति को प्रणालीगत सूजन, पाचन रोग, हृदय रोग और अन्य पुरानी बीमारी की संभावना अधिक हो सकती है।

अच्छी खबर यह है कि, वैज्ञानिकों ने अनुसंधान किया है कि अधिक फाइबर के साथ आहार में अल्पकालिक परिवर्तन भी बेहतर स्वास्थ्य के लिए पेट के सूक्ष्मजीवों को बदल सकते हैं। Journal of Nutrition, में प्रकाशित एक अध्ययन में, स्वस्थ वयस्कों के एक छोटे समूह को तीन सप्ताह के लिए नियंत्रित आहार दिया गया था, इसके बाद और तीन सप्ताह के लिए उसी आहार के साथ 1.5 सर्विंग्स (42 ग्राम) अखरोट दिया गया था। विभिन्न स्वास्थ्य मार्कर देखे गए थे, लेकिन मुख्य दिलचस्पी पेट के बैक्टीरिया में परिवर्तन पर थी। उन्होंने पाया कि अतिरिक्त अखरोट ने पेट के सूक्ष्मजीवों द्वारा उत्पन्न प्रो-इंफ्लेमेटरी पित्त एसिड को कम किया और एक "अच्छे" बैक्टीरिया, फैक्लिबैक्टीरियम, जो पेट की सूजन को कम कर सकता है, में वृद्धि को दर्शाया।

आठ सप्ताह तक स्वस्थ महिलाओं पर किए गए एक बड़े अध्ययन में, यह देखा गया कि प्रति दिन 43 ग्राम अखरोट ने पेट के बैक्टीरिया की संरचना को काफी बदल दिया। रुमिनोकोकी और बिफीडोबैक्टीरियाकी की श्रेणी के बैक्टीरिया की आबादी में वृद्धि हुई थी, जिन्हें कि उनके प्रोबायोटिक गुणों और विशेष रूप से आंत्र संबंधी सूजन के रोग और पेट के कैंसर के संबंध में सकारात्मक स्वास्थ्य लाभों को प्राप्त करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। 

संदर्भ के लिए, बयालीस ग्राम अखरोट लगभग आधा कप के बराबर होते है, जिनका सेवन एक दिन में आसानी से किया जा सकता है! अखरोट के दो आसान उपयोगों के लिए अपने नाश्ते हेतु अखरोट और मेवों का मिश्रण तैयार करें या उन्हें मोटे आटे में पीस लें और मछली के लिए आहार के रूप में इसका उपयोग करें।

अखरोट और पाचन रोग लाभ

स्पष्ट रूप से, अखरोट सूक्ष्मजीवों के लिए एक स्वस्थ परिवेश का निर्माण करने के लिए सहायक हैं, लेकिन इससे भी अधिक शोध विशिष्ट पाचन रोग स्थितियों पर उनके प्रभाव के लिए सुर्खियां बना रहा है।

एक मेडिटरेनीअन आहार, जो रोजानाबीज और गिरियों के सेवन को बढ़ावा देता है, को पुरानी बीमारियों की रोकथाम के लिए आहार पैटर्न के रूप में देखा गया है। कोलोरेक्टल कैंसर संयुक्त राज्य अमेरिका में कैंसर से होने वाली मौतों का तीसरा प्रमुख कारण है और आहार को इसके विकास के खिलाफ एक मजबूत रक्षक के रूप में शामिल किया गया है। गिरियों की उच्च फाइबर, ओमेगा-3, औरविटामिन ई की मात्रा को विशेष रूप से कम सूजन और पॉलीप की वृद्धि में कमी से जोड़ा गया है।

वर्ष 2016 में, कॉलन ट्यूमर कार्सिनोजेनेसिस पर अखरोट के प्रभाव को निर्धारित करने के लिए चूहों का उपयोग करते हुए एक अध्ययन किया गया था। चूहों को अलग-अलग मात्रा में एक अखरोट-संपूरक आहार खिलाया गया, और नियंत्रित आहार करने वाले चूहों की तुलना में उन चूहों में ट्यूमर की संख्या और मात्रा दोनों में थोड़ी कमी आई थी, जिन्होनें 9.4% अखरोट के साथ आहार का सेवन किया था। इसके अलावा, आहार-विषयक अखरोट की उच्च मात्रा पर ट्यूमर की संख्या और आकार में मामूली वृद्धि देखी गई थी। इससे पता चलता है कि वास्तव में कैंसर की रोकथाम के लिए अखरोट के सेवन का एक इष्टतम स्तर हो सकता है।

हाल ही में, अखरोट ने अल्सरेटिव कोलाइटिस (UC) के इलाज के रूप में आशाजनक परिणाम दिखाए हैं। यह सूजन-संबंधी आंत्र रोग बड़ी आंत पर गहरे अल्सर (घावों) के साथ प्रकट होता है जो सुधार की अवधि के बीच “फ्लेयर्स” के रूप में दिखाई देते हैं। ये फ्लेयर्स दस्त, पेट दर्द, खराब पोषक तत्व अवशोषण और यहाँ तक कि निर्जलीकरण और वजन घटाने का कारण बन सकते हैं। UConn Health और Texas A&M University में शोधकर्ताओं की एक टीम ने चूहों में UC पर अखरोट के प्रभाव का परीक्षण किया।

उन्हें संदेह था कि अखरोट के प्रदाहरोधी गुण मरम्मत में मदद करेंगे और यहाँ तक कि आंतों के श्लेष्म को फ्लेयर्स से मजबूत करेंगे। चूहों को अखरोट की अलग-अलग सांद्रता का आहार खिलाया गया और परिणामों ने अंततः दिखाया कि मानव की प्रति दिन की 20 अखरोट की खुराक के बराबर सेवन करने वाले चूहों में कॉलन की श्लेष्म सतह पर कम घाव हुए थे और यहाँ तक कि स्वस्थ पाचन ऊतकों का तेजी से पुनः विकास हुआ था। यह आशाजनक शोध है जो दर्शाता है कि यह सुपरफूड गिरी वास्तव में सूजन को दबाने और शुरुआत से ही आंत को अल्सर से बचाने के लिए "ट्रेन" कर सकती है।

अपने आहार में अखरोट का सेवन बढ़ाना

अखरोट स्पष्ट रूप से निवेश करने लायक गिरी है! उनकी ओमेगा-3 की सांद्रता और अपचनीय फाइबर सकारात्मक रूप से आंत के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं,जो बदले में सूजन और बड़ी प्रणालीगत बीमारी को रोकने में मदद कर सकते हैं। यदि आप नाश्ते में सूखे अखरोट का इस्तेमाल के बारे में उत्साहित नहीं हैं, तो इस पाचक सुपरफूड की अपनी दैनिक खुराक प्राप्त करने के लिए निम्न रेसिपी आजमाएं।

वॉल्नट पम्पकिन योगर्ट बार्क

सामग्री:

  • 1 कप फुल क्रीम दूध की ग्रीक दही
  • 1/4 कप डिब्बा बंद कद्दू की प्यूरी
  • 1/4 कप भुने हुए अखरोट के मोटे-मोटे कटे हुए टुकड़े
  • 1 बड़ा चम्मच मेपल सिरप

निर्देश: 

  1. मध्यम आँच पर एक छोटा पैन गरम करें और अखरोट के टुकड़ों को भूरा होने तक सेकें, लेकिन उन्हें जलने ना दें। अखरोट को पैन से निकालें और ठंडा होने पर उन्हें मोटा-मोटा काट लें।
  2. इस बीच, एक छोटे कटोरे में दही और कद्दू प्यूरी को मिलाएं।
  3. चर्मपत्र पर एक बेकिंग शीट रखें और एक स्पैटुला या उलटी चम्मच के साथ 1/4 - 1/2 इंच मोटी परत में दही का मिश्रण फैलाएं।
  4. दही की परत के ऊपर कटे हुए अखरोट छिड़कें, फिर ऊपर से मेपल सिरप टपकाएं।
  5. 1-2 घंटे के लिए या कड़क होने तक फ्रीजर में रखें। फ्रीजर से पैन निकालें, फिर जमे हुए योगर्ट बार्क को धीरे से बड़े टुकड़ों में तोड़ लें। तुरंत परोसें और बचे हुए टुकड़ों को फ्रीजर में एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें क्योंकि वे जल्दी से पिघल जाएंगे। 

संदर्भ:

  1. Holscher, Hannah D, et al. “Walnut Consumption Alters the Gastrointestinal Microbiota, Microbially Derived Secondary Bile Acids, and Health Markers in Healthy Adults: A Randomized Controlled Trial.” The Journal of Nutrition, vol. 148, no. 6, 2018, pp. 861–867., doi:10.1093/jn/nxy004.
  2. Bamberger, Charlotte, et al. “A Walnut-Enriched Diet Affects Gut Microbiome in Healthy Caucasian Subjects: A Randomized, Controlled Trial.” Nutrients, vol. 10, no. 2, 2018, p. 244., doi:10.3390/nu10020244.
  3. Nakanishi, M., et al. “Effects of Walnut Consumption on Colon Carcinogenesis and Microbial Community Structure.” Cancer Prevention Research, vol. 9, no. 8, 2016, pp. 692–703., doi:10.1158/1940-6207.capr-16-0026.
  4. Nakanishi, Masako, et al. “Dietary Walnut Supplementation Alters Mucosal Metabolite Profiles During DSS-Induced Colonic Ulceration.” Nutrients, vol. 11, no. 5, 2019, p. 1118., doi:10.3390/nu11051118.

संबंधित लेख

सभी देखें

पोषण

छुट्टियों के दौरान स्वस्थ खाने के लिए आसान सुझाव

पोषण

इस सुपरफूड के साथ सूजन से लड़ें और पेट के स्वास्थ्य में सुधार करें

पोषण

उम्दा पौष्टिक और भूख बढ़ाने वाला स्नैक प्लैटर बनाएं