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एडाप्टोजेन्स, तनाव प्रबंधन और स्वास्थ्य

24 जून 2019

लेखिका: वीनस रैमोस, एमडी

हम यह बात बार-बार सुनते हैं। तनाव हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए, तनाव का प्रबंधन करने के लिए सलाह की कोई कमी नहीं है, जिसमें ध्यान लगाने और सांस की कसरतें करने से लेकर सामाजिक सहायता और शारीरिक गतिविधि तक शामिल है।

तनाव का प्रबंधन करने के एक और विकल्प को अधिकाधिक मान्यता मिल रही है। एडाप्टोजेन्स प्राकृतिक, वनस्पति-जन्य पदार्थ हैं जो तनाव के प्रतिकूल प्रभावों, जैसे थकान, अनिद्रा, अवसादित मनोदशा, और उच्च रक्तचाप, को निष्क्रिय कर सकते हैं। हमारे शरीर को तनावकारकों से अनुकूलित होने में मदद करने की क्षमता के कारण उपयुक्त नामकरण से युक्त, एडाप्टोजेन्स बीमारी, काम की माँगों, या शारीरिक चुनौतियों के तनाव से गुजरने में हमारी सहायता कर सकते हैं।

एडाप्टोजेन्स क्या हैं?

पारंपरिक चिकित्साशास्त्र में संभवतः कम प्रख्यात, एडाप्टोजेन्स का उपयोग पारंपरिक चीनी और आयुर्वेदिक चिकित्सा में सदियों से—और केवल तनाव से राहत के लिए ही नहीं---किया जाता रहा है। पूर्णतावादी चिकित्सक कतिपय एडाप्टोजेन्स को सहनशीलता, लंबी उम्र, और प्रतिरक्षा समर्थन के लिए उपयोगी पाते हैं।

आधी से अधिक शताब्दी के अनुसंधान के माध्यम से, एडाप्टोजेन की अवधारणा को परिष्कृत और संशोधित किया गया है। शाश्वत एडाप्टोजेन के लिए मानदंडों के लिए आम मतैक्य में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • यह किसी भी प्रमुख दुष्प्रभाव या उपयोग की मनाही के बिना सुरक्षित (यानी, निराविषी) है।
  • यह तनावकारकों के प्रति संवेदनशीलता को कम करके हुए, शरीर के सामान्य प्रतिरोध को बढ़ाता है।
  • यह शरीर के समस्थापन, एक स्थिर और संतुलित आंतरिक वातावरण को कायम रखता है।
  • यह तनावकारक द्वारा सामान्य से परिवर्तन की दिशा पर ध्यान दिए बिना, शरीर के प्रकार्यों को "सामान्य" करने के लिए गैर-विशिष्ट ढंग से काम करता है। इसलिए इसे न तो उत्तेजक और न ही शामक होना चाहिए।

एडाप्टोजेन्स के प्रकार

एडाप्टोजेन्स को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है—प्राथमिक और गौण।

प्राथमिक एडाप्टोजेन बाहरी तनाव की प्रतिक्रिया में हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रीनल (HPA) अक्ष को प्रभावित करके काम करता है। HPA अक्ष तनाव की प्रतिक्रिया का एक मुख्य घटक है, जिसमें, जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, हाइपोथैलेमस, पिट्यूटरी ग्रंथि का अग्रवर्ती भाग, और एड्रीनल ग्रंथियाँ शामिल हैं। ये तीन अंतःस्रावी ग्रंथियाँ शरीर में कोर्टिसॉल स्तरों को विनियमित करने और समस्थापन को कायम करने के लिए समन्वयित ढंग से काम करती हैं।

हाइपोथैलेमस शरीर का वह भाग है जो तनाव की प्रतिक्रिया में कॉर्टिकोट्रॉपिन-रिलीजिंग फैक्टर (CRF) का निर्गम करता है। फिर, CRF पिट्यूटरी ग्रंथि से एड्रीनोकॉर्टिकोट्रॉपिक हारमोन के निर्गम को प्रेरित करता है। इसके पश्चात्, ACTH एड्रीनल ग्रंथियों को कॉर्टिसॉल का उत्पादन और स्राव करने का संकेत देता है। रक्तप्रवाह में पहुंचने के बाद, कॉर्टिसॉल शरीर की तनाव अनुक्रिया में कई भूमिकाएं निभा सकता है, जिनमें रक्त शर्करा, रक्तचाप, और शोथ का प्रबंधन शामिल है।

कॉर्टिसॉल के रक्त में सांद्रता के कतिपय स्तर तक पहुंचने के बाद, एक नकारात्मक फीडबैक प्रक्रिया सक्रिय होती है। इस प्रक्रिया के माध्यम से, हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्रंथि को क्रमशः CRF और ACTH का उत्पादन रोकने के संकेत प्राप्त होते हैं।

हालांकि वास्तविक पथमार्ग थोड़े अधिक पेचीदा हैं, HPA अक्ष का उपरोक्त वर्णन उन विभिन्न बिंदुओं की बुनियादी रूपरेखा प्रदान करता है जिन पर काम करके प्राथमिक एडाप्टोजेन तनाव की अनुक्रिया को प्रभावित कर सकता है। गौण एडाप्टोजनेन्स और प्राथमिक एडाप्टोजेन्स की भिन्नताएं ये हैं। गौण एडाप्टोजेन्स HPA अक्ष को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित नहीं करते हैं। हालांकि वे शरीर पर वैसा ही सामान्य करने वाला प्रभाव डालते हैं, वे यह काम प्रतिरक्षा, तंत्रिका, और अंतःस्रावी प्रणालियों को प्रभावित करके करते हैं। इसलिए, गौण एडाप्टोजेन्स विभिन्न अवयव प्रणालियों पर गैर-विशिष्ट सुरक्षात्मक प्रभाव दर्शा सकते हैं, और अकेले प्राथमिक एडाप्टोजेन्स के लाभों से अधिक लाभ प्रदान कर सकते हैं।

एडाप्टोजेन्स आम तौर पर जड़ी-बूटियों, जड़ों, या कुकुरमुत्तों के रूप में मिलते हैं। उन्हें पूरक के रूप में कई तरीकों से लिया जा सकता है—कैप्सूल के रूप में, प्रोटीन स्मूदियों में मिश्रित करके, चाय या कॉफी में उबालकर, या बस काटने के बाद भोजन में मिलाकर।

लोकप्रिय एडाप्टोजेन्स

आर्कटिक रूट

आर्कटिक रूट (रोडियोला रोज़िया): एक प्राथमिक एडाप्टोजेन जो ऊर्जा स्तरों को बढ़ा सकता है तथा सिरदर्द और जुकाम जैसी छोटी-मोटी बीमारियों के बाद स्वास्थ्यलाभ प्राप्त करने में लोगों की मदद कर सकता है।

साइबेरियन जिन्सेंग

साइबेरियन जिन्सेंग (एल्यूथेरोकॉकस सेंटिकोसस): एक प्राथमिक एडाप्टोजेनिक जड़ी-बूटी जो तनाव, थकान, और अवसाद को रोकने में मदद कर सकती है।

स्किसैंड्रा बेरी

स्किसैंड्रा बेरी (स्किसैंड्रा चाइनेनसिस): एक प्राथमिक एडाप्टोजेन जिसका उपयोग यकृत के स्वास्थ्य और मानसिक स्पष्टता को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।

अश्वगंधा

अश्वगंधा (विथैनिया सोम्नीफेरा): एक प्राथमिक एडाप्टोजेन, जिसे विंटर चेरी या भारतीय जिन्सेंग के नाम से भी जाना जाता है, जो थकान को दूर भगाने और मन को एकाग्रचित्त रखने में मदद कर सकता है।

कोर्डीसेप्स कुकुरमुत्ते

कोर्डीसेप्स कुकुरमुत्ते (कोर्डीसेप्स सिनेनसिस): एक गौण एडाप्टोजेन जिसका उपयोग एथलीटों द्वारा ऊर्जा और सहनशीलता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

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