अनिरंतर उपवास के लिए सर्वश्रेष्ठ शुरूआती गाइड
यह बहुत पहले की बात नहीं है कि इष्टतम स्वास्थ्य और वजन घटाने के लिए प्रचलित आहार सिफारिश एक दिन में तीन (और छह तक) भोजन और स्नैक्स खाने की थी। 10 वर्ष आगे वर्तमान में आयें तो आप पायेंगे कि यह सलाह तेज़ी से बदल रही है। इसके पीछे बहुत बढ़िया कारण है। हमारे पास गुणवत्तापूर्ण अनुसंधानों की एक बड़ी आमद हुई है, जिसमें दिखाया गया है कि केवल भोजन छोड़ देने से शरीर वसा जलने की स्थिति में आ सकता है और साथ ही किसी के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
हालांकि अधिकांश अमरीकियों के लिए जानबूझकर भोजन छोड़ने की धारणा भय की भावना पैदा कर सकती है, क्योंकि अधिकांश व्यक्तियों को यही बताया गया है कि दिन में तीन बार भोजन करना है और इसके आलावा हल्का नाश्ता लेना है। इससे पहले कि एक दिन में तीन बार भोजन करना आम हो जाए, मानव इतिहास बताता है कि उपवास आदर्श था, क्योंकि हमारे पास भोजन तक 24/7 पहुंच नहीं थी जैसा कि हम अभी करते हैं। हमारे पूर्वजों को अपने भोजन के लिए शिकार करना पड़ता था। इसका मतलब था कि नियमित रूप से कम खाना या दिन बिना भोजन के, अगर उन्हें कोई भोजन नहीं मिला। यह हमारी आनुवंशिक विरासत है।
जब आप दिन भर खाते हैं और कभी भोजन नहीं छोड़ते हैं, तो आपका शरीर अपने प्राथमिक ईंधन के रूप में चीनी (ग्लूकोज) को जलाने के लिए अनुकूलित हो जाता है जिससे संग्रहित वसा का उपयोग और दहन करने वाले एंजाइम रुक जाते हैं। नतीजतन, आपका शरीर वसा दहन करने के विपरीत ग्लूकोज़ दहन करने वाला बन कर रह जाता है। आप उत्तरोत्तर अधिक इंसुलिन प्रतिरोधी हो सकते हैं, आपका वजन बढ़ सकता है और वजन कम करने के लिए आपको संघर्ष करना पड़ सकता है।
अब आते हैं अनिरंतर उपवास पर।
अनिरंतर उपवास क्या है?
अनिरंतर उपवास कम बार न कि कम भोजन कर के चयापचय स्विच को ऑन-ऑफ़ करने की एक तकनीक है। जब आप इरादतन अपने भोजन की आवृति को सीमित करते हैं और उच्च पोषक तत्व युक्त पदार्थ लेते हैं, तो आप अपने शरीर को पचाने, कोशिकाओं की मरम्मत करने, लाभकारी हार्मोन के स्तर को बनाने का समय देते हैं और रक्त शर्करा की कमी जो ऊर्जा के स्तर को कम करती है और थकान, असमय भोजन की प्रवृति और वजन बढ़ने का कारण बनती है, से बच सकते हैं जबकि स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान लिए अनेक प्राकृतिक समाधान उपलब्ध हैं, अनिरंतर उपवास अत्यधिक प्रभावी और सस्ता तरीका है।
उपवास भी फायदेमंद है क्योंकि यह शरीर में केटोन्स नामक ऊर्जा स्रोत उत्पन्न कर सकता है, जो लंबी उम्र को बढ़ावा देते हैं, ग्लूकोज चयापचय में सुधार करते हैं, सूजन को कम करते हैं, सेलुलर मलबे और सीनेसेंट कोशिकाओं (पुरानी मरने वाली कोशिकाओं) को हटाते हैं, ऑटोफैगी को बढ़ाते हैं (सेलुलर डिटॉक्स, काले-कॉफी की खपत से भी वृद्धि) और माइटोकॉन्ड्रियल स्वास्थ्य में सहायता करते हैं।भोजन न करने से होने वाले कई अन्य लाभों में इंसुलिन संवेदनशीलता में वृद्धि, वसा की कमी—जिसमें पेट की चर्बी, बेहतर कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल, वृद्धि हार्मोन (HGH) उत्पादन में वृद्धि, और पेट के स्वास्थ्य में सुधार शामिल हैं।
अनिरंतर उपवास के तरीके
अनिरंतर उपवास के विभिन्न तरीके हैं। इसमें तो कोई शक नहीं है कि मुख्य अंतर भोजन के बीच की समय अवधि है। यहाँ पाँच उदाहरण हैं।
12-घंटे की विधि
यह बहुत लोकप्रिय तरीका है और शुरुआती लोगों के लिए उत्कृष्ट है, क्योंकि अधिकतर उपवास सोते समय किया जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि आप शाम 7 बजे दिन का अंतिम भोजन लें और आपका अगला भोजन सुबह 7 बजे हो तो उपवास के लाभ प्राप्त करने के लिए यह अवधि पर्याप्त होगी।
16/8 विधि
यह 12-घंटे की विधि के साथ सबसे प्रचिलित तरीका है। इस प्रकार के उपवास में, आप आम तौर पर अपना शाम का भोजन रात 8 बजे तक कर लेते हैं और फिर अगले दिन सुबह नाश्ता नहीं करते हैं, और अगला भोजन दोपहर से पहले नहीं करते हैं।
5:2 विधि
इस विधि का उपयोग करके आप सप्ताह के दो गैर-लगातार दिनों में केवल 500-600 कैलोरी का उपभोग करते हैं, लेकिन अन्य 5 दिनों में सामान्य रूप से खाते हैं।
दिन में एक भोजन विधि
इस विधि में आप 23 घंटे निरंतर उपवास करते हैं और फिर एक घंटे में एक भारी मात्रा में भोजन करते हैं।
एक दिन छोड़ कर उपवास विधि
आप हर दूसरे दिन उपवास करते हैं।
संभावित दुष्प्रभाव
भूख
“हंगर हार्मोन,” घ्रेलिन, एक मेटाबोलिक लय बनाता है जिससे आपके शरीर को नियमित समय पर भोजन मिलने की उम्मीद होती है। इसलिए, जब तक आपका शरीर इस नयी लय के अनुसार ढल नहीं जाता, आपको भूख की समस्या हो सकती है। कभी-कभी आप के पेट में चूहे कूद रहे हैं, खासकर शुरुआत में। आप भूख से नहीं मरेंगे। क्या आपको कभी रक्त परीक्षण के लिए उपवास करना पड़ा है? और आप सही सलामत बच गये। मनोदशा महत्वपूर्ण है। अपना ध्यान कहीं और लगाएं और जानें कि भूख की पीड़ा केवल कुछ मिनटों तक ही रहती है। यदि भूख सहन करना आपके लिए असंभव हो जाए, तो कुछ खा लें। अन्यथा, पानी, चाय या काली कॉफ़ीलें।
थकान और दिमागी थकान
जब आपका शरीर ईंधन के लिए लगातार ग्लूकोज स्रोतों (विशेष रूप से कार्बोहायड्रेट के सेवन, मिठाई और चीनी, भोजन के साथ-साथ हल्के नाश्ते) पर निर्भर हो चुका हो तो वसा पर निर्भर होने से पहले एक समायोजन अवधि चाहिए। इस अवधि के दौरान, आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं और दिमागी कोहरा हो सकता है - दोनों पूरी तरह से सामान्य हैं। ख़ूब पानी पीते रहना और अच्छी तरह से सोना इन लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।
पोषक तत्वों की कमी
यदि आप उच्च पोषक तत्व वाले खाद्य पदार्थ नहीं चुनते हैं तो आपको अनजाने में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। हालांकि, उपवास करते समय, यदि आपके आहार में किसी विशेष पोषक तत्व की कमी है, उपवास से पहले से ही पोषक तत्वों की कमी है या पोषक तत्वों को आत्मसात करने में कमी है, तो आप अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डाल सकते हैं। सही पोषक तत्व न केवल आपकी रक्षा करेंगे बल्कि आपका अस्वस्थ्य भी बेहतर बनायेंगे।
ज्यादा खाना
कई लोग ऐसा महसूस करते हैं कि जब वे अपना उपवास तोड़ते हैं तो अधिक खाते हैं, जबकि वास्तव में, शोध से पता चलता है कि वे कम भोजन करते हैं। यही कारण है कि जब वजन घटाने की बात आती है तो अनिरंतर उपवास एक कारगर उपाय है। हालांकि, फिर भी कुछ लोगों की प्रवृति उपवास के बाद अधिक भोजन कर लेने की होती है, लेकिन यह समस्या जल्द ही दूर हो जाती है। आप जो खा रहे हैं उसके प्रति सावधान रहना और अपने आस-पास केवल स्वस्थ, पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को रखना महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि आप उपवास से एक दिन पहले पर्याप्त भोजन करें।
सिरदर्द
सिरदर्द का मुख्य कारण निर्जलीकरण है, इसलिए पर्याप्त पानी पीना महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, उपवास के दौरान नींद की कमी या कम रक्त शर्करा भी सिरदर्द उत्पन्न कर सकती है। और क्योंकि अनिरंतर उपवास शरीर पर दबाव डालता है, इसलिए तनाव हार्मोन भी सिरदर्द पैदा कर सकता है।
सरल जीवनशैली समायोजन जैसे कि अधिक पानी पीना, पर्याप्त नींद लेना, सप्लीमेंट लेना और उपवास से एक दिन पहले पर्याप्त भोजन करना, उपवास के दौरान सिरदर्द को रोकने में मदद कर सकता है।
हार्मोनल असंतुलन
ध्यान रखें कि कुछ लोगों में, विशेष रूप से महिलाओं में, अनिरंतर उपवास हार्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकते हैं या संभावित रूप से उन्हें पैदा कर सकते हैं, खासकर यदि आप तनावग्रस्त हैं। उपवास करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श लें। जिन लोगों को गुर्दे संबंधी थकान की परेशानी है, उन्हें सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि भोजन छोड़ना शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।
उपवास के दौरान स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए पूरक आहार (सप्लीमेंट्स)
उपवास का एक और संभावित दुष्प्रभाव आपके शरीर की पोषक तत्वों की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करना है, इसलिए पूरक करना उपयोगी हो सकता है। नीचे कुछ आवश्यक पोषक तत्व दिए गए हैं जिन्हें आपको अपने आहार में शामिल करने की आवश्यकता हो सकती है।
उपवास के दौरान, अपने पहले भोजन के बाद (या दोनों भोजन के बाद) पूरक आहार लेना याद रखें क्योंकि भोजन समय के अतिरिक्त पोषक आहार लेने से आपका उपवास टूट सकता है। इसके अलावा, पूरक करते समय अपनी कॉफी और चाय के सेवन की निगरानी करें क्योंकि टैनिन और कैफीन आपके शरीर की पूरक की अवशोषण दर को कम कर सकते हैं।
मल्टीविटामिन
पोषण संबंधी आधार बनाने के लिए मूल मल्टीविटामिन का होना ज़रूरी है। मल्टीविटामिन को उपवास प्रक्रिया के दौरान बने किसी भी अंतराल को भरने के लिए पोषण बीमा के रूप में देखें।
विटामिन डी3
यहां तक कि अधिकांश स्वास्थ्यवर्धक आहारों में पर्याप्त विटामिन D3नहीं होता है, जो इष्टतम स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, और अधिकांश लोगों में इस विटामिन की कमी हो जाती है। उपवास करते समय, शरीर में विटामिन डी का उचित भंडार, इष्टतम वसा हानि, विशेष रूप से पेट की चर्बी को कम करने में सहायता करता है।
ओमेगा 3 वसा
ओमेगा-3 वसा इष्टतम स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सूजन को कम करता है। अधिकांश आहारों में ओमेगा-6 वसा की उच्च मात्रा शामिल होती है जो हमें मोटा और बीमार बना देती है। बचाव के लिए ओमेगा -3! विशेष रूप से उपवास करते समय, आप यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि आप निम्न-स्तर की सूजन को कम करने के लिए ओमेगा-3 आपके आहार में शामिल हो।
विटामिन बी कॉम्प्लेक्स
बहुत से लोगों में B विटामिन और विशेष रूप से, B-12की लंबे समय से कमी होती है। बी विटामिन का आपके ऊर्जा स्तर, मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और कोशिका चयापचय पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
नियमित रूप से बी-कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट लेने से मैग्नीशियम और पोटेशियमका उचित अवशोषण सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है, जो उपवास करने वालों के लिए महत्वपूर्ण है।
खनिज पदार्थ
मैग्नीशियम, पोटेशियम और सोडियम उपवास के लिए महत्वपूर्ण हैं और कीटोजेनिक आहारके साथ भी। मांसपेशियों में ऐंठन, थकान या सिरदर्द को रोकने के लिए, अपने उपवास की दिनचर्या में मैग्नीशियम और पोटेशियम की खुराक शामिल करें।
अनिरंतर उपवास डाइटिंग का एक बेहतरीन तरीका है जिसके बहुत से संभावित लाभ हैं, लेकिन यह हर किसी के लिए नहीं है। उदाहरण के लिए, मधुमेह रोगी, गर्भवती या दूध पिलाने वाली माताओं और बच्चों को अनिरंतर उपवास नहीं करना चाहिए। और यदि आप किसी पुरानी बीमारी से ग्रस्त हैं, तो आपको पहले अपने चिकित्सक से परामर्श कर लेना चाहिए। इसके अतिरिक्त, यदि आपका खान-पान अनियमित है तो आपको अनिरंतर उपवास से बचना चाहिए।
अस्वीकरण: इन कथनों का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अनुमोदन नहीं किया है। ये प्रोडक्ट्स किसी बीमारी का निदान, इलाज या रोकथाम करने के लिए नहीं हैं।