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एन-एसीटाइलसीसटीन (एनएसी) और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में शोध क्या कहता है?

22 नवंबर 2019

जेम्स लेक, एमडी के द्वारा

इस लेख में:


एन-एसीटाइलसीसटीन (एनएसी), एमिनो एसिड सीसटीन का एक प्रकार, जिसका उपयोग एसिटामिनोफेन या पेरासिटामोल की ओवरडोज लेने वाले व्यक्तियों के उपचार के लिए आपातकालीन चिकित्सा में व्यापक रूप से किया जाता है। प्लेसिबो नियंत्रित अध्ययनों ने प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार, द्विध्रुवी विकार, स्किज़ोफ्रेनिया, ट्रिकोटिलोमेनिया और अन्य आवेग नियंत्रण विकारों, और मादक पदार्थों के उपयोग संबंधी विकारों के उपचार के रूप में एनएसी की प्रभावशीलता की जांच की है। एनएसी को आमतौर पर मनोचिकित्सक विकारों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है, हालांकि कुछ मरीज मतली, उल्टी, हार्टबर्न, दाने और बुखार का वर्णन करते हैं। प्रमुख मानसिक विकारों के लिए एनएसी के लाभों की जांच करने वाले अध्ययन मिश्रित निष्कर्षों का वर्णन करते हैं। यह लेख शोध की प्रमुख बातों का सारांश प्रदान करेगा।

एन-एसीटाइलसीसटीन (एनएसी): कारवाई की क्रियाविधि

एनएसी शरीर के प्रमुख एंटीऑक्सिडेंट ग्लूटाथियोन के स्तर को पुनर्स्थापित करता, एक अणु जो विषाक्त प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन अणुओं (यानी 'फ्री रेडिकल') की सफाई में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इन प्रतिक्रियाशील अणुओं द्वारा उत्पन्न इंट्रासेल्युलर क्षति को कम करता है। एनएसी आईएल-6 और ट्यूमर नेक्रोसिस फैक्टर-अल्फा जैसे प्रो-इंफ्लेमेटरी साइटोकाइन्स के सीरम स्तर को भी कम करता है, जो कि स्किज़ोफ्रेनिया, द्विध्रुवी विकार और उदास मनोदशा के रोगजनन में निहित हैं। एनएसी सीसटीन के स्तर को बढ़ाता है जो बदले में ग्लूटामेट और डोपामाइन दोनों के संश्लेषिक मार्गों को व्यवस्थित करता है और डोपामाइन रिलीज को उत्तेजित करता है। 

एनएसी, प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार (MDD) और द्विध्रुवी विकार

प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार, द्विध्रुवी विकार और अन्य मनोरोग विकारों वाले व्यक्तियों में अवसादग्रस्त मनोदशा में एनएसी पर प्लेसिबो-नियंत्रित अध्ययनों के एक मेटा-विश्लेषण और व्यवस्थित समीक्षा ने पांच प्लेसिबो-नियंत्रित अध्ययनों की पहचान की, जो आकार और पद्धतिगत कठोरता के लिए समावेशी मानदंडों को पूरा करते हैं (कुल 574 प्रतिभागी )। अलग-अलग मनोरोग विकारों के संदर्भ में उदास मनोदशा वाले व्यक्तियों में अवसादग्रस्तता के मनोदशा के लक्षणों में मामूली सुधार हुआ और 12 से 24 सप्ताह में एनएसी मोनोथेरेपी की प्रतिक्रिया में वैश्विक कामकाज में सुधार हुआ। एक 16-सप्ताह के डबल-ब्लाइंड संयोजक अध्ययन (252 प्रतिभागी) में प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार के निदान वाले वयस्कों को उनकी सामान्य अवसादरोधी दवाओं के साथ एनएसी बनाम प्लेसिबो समूह में यादृच्छिक रूप से बांटा गया था। 16वें सप्ताह तक (लेकिन सप्ताह 12 नहीं) एनएसी समूह में प्रतिक्रिया और कमी की दर अधिक थी। एनएसी समूह के व्यक्तियों ने जठरांत्रिय असुविधा की उच्च दर की सूचना दी। 

6 महीने के डबल-ब्लाइंड संयोजक ट्रायल (75 प्रतिभागी) में द्विध्रुवी विकार वाले वयस्कों को उनके सामान्य उपचार को जारी रखते हुए प्रतिदिन 2000मिग्रा एनएसी बनाम प्लेसिबो समूह में यादृच्छिक रूप से बांटा गया था। एनएसी का सेवन करने वाले व्यक्तियों ने प्लेसिबो समूह की तुलना में अवसादग्रस्तता के मनोदशा के लक्षणों में महत्वपूर्ण और निरंतर कटौती का अनुभव किया और उनमें वैश्विक कामकाज में सुधार हुआ। एनएसी के बंद होने के बाद सुधार एक महीने में समाप्त हो गए थे। यादृच्छिक प्लेसिबो-नियंत्रित अध्ययन के 2-महीने के ओपन-लेबल चरण में द्विध्रुवी विकार से पीड़ित 149 मध्यम उदास व्यक्तियों का एनएसी (1 ग्राम बीआईडी) के साथ इलाज किया गया था। अध्ययन के अंत में उदास मनोदशा के लक्षण काफी कम हो गए और कामकाज और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के संकेत मिले। उन्हीं शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक डबल-ब्लाइंड प्लेसिबो-नियंत्रित अध्ययन में, 149 स्थिर द्विध्रुवी रोगियों का नियमित उपचार जारी रखते हुए एनएसी (प्रतिदिन 2 ग्राम) बनाम प्लेसिबो के समूह में यादृच्छिक रूप से बांटा गया, कामकाज या जीवन की गुणवत्ता की पुनरावृत्ति दर या परिणाम के उपायों में महत्वपूर्ण अंतर नहीं था। अध्ययन के समापन बिंदु पर, लक्षण स्कोर कम रहे और एनएसी और प्लेसिबो समूहों में परिणाम के उपायों में न्यूनतम बदलाव हुए। 

हाल ही में प्रकाशित 16-सप्ताह के डबल-ब्लाइंड संयोजक अध्ययन (181 प्रतिभागी) में उनकी सामान्य मनोरोगी दवाओं के साथ वर्तमान तीव्र अवसादग्रस्तता प्रकरण के साथ द्विध्रुवी विकार वाले वयस्कों को प्रतिदिन 2000 मिग्रा एनएसी, न्यूट्रास्यूटिकल्स के साथ एनएसी, या प्लेसिबो समूहों में यादृच्छिक रूप से बांटा गया था। संयुक्त उपचार में एनएसी के साथ 16 पदार्थ शामिल हैं जिन्हें माइटोकॉन्ड्रियल फ़ंक्शन पर लाभकारी प्रभाव डालने के लिए जाना जाता है, जिनमें एल-कार्निटाइन, यूबिकिनोन (कोएंजाइम क्यू 10), अल्फा लिपोइक एसिड (एएलए) और सामान्य माइटोकॉन्ड्रियल फ़ंक्शन के लिए आवश्यक सह-कारक शामिल हैं। अध्ययन के अंत में मोंटगोमेरी-ऑस्बर्ग डिप्रेशन रेटिंग स्केल (एमएडीआरएस) द्वारा द्विध्रुवी उदास मनोदशा की गंभीरता को मापा गया और दोनों समूहों में कोई अंतर नहीं पाया गया। हालांकि, उपचार के बंद होने के 20 सप्ताह बाद, संयुक्त उपचार समूह वाले व्यक्तियों ने प्लेसिबो समूह की तुलना में काफी अधिक नैदानिक सुधार का वर्णन किया। शोधकर्ताओं ने इस खोज की संयोजन उपचार प्रोटोकॉल के संभवतः विलंबित लाभ, या उपचार बंद करने के बाद नैदानिक सुधार के रूप में व्याख्या की। 

एनएसी और स्किज़ोफ्रेनिया

द्विध्रुवी विकार के रूप में स्किज़ोफ्रेनिया वाले व्यक्तियों में स्वस्थ व्यक्तियों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक ऑक्सीडेटिव तनाव हो सकता है। ऑक्सीडेटिव तनाव का स्तर न्यूरोनल सेल मेम्ब्रेन और माइटोकॉन्ड्रियल डिसफंक्शन में परिवर्तन से संबंधित हो सकता है जो स्किज़ोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्तियों में लक्षण गंभीरता को निर्धारित करते हैं। स्किज़ोफ्रेनिया वाले व्यक्तियों में प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में ग्लूटामेट का स्तर भी कम हो सकता है।एनएसी पूरकता समग्र ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके और सीएनएस ग्लूटामेट के स्तर को बढ़ाकर मनोवैज्ञानिक लक्षणों की गंभीरता को कम कर सकती है। एक 6 महीने के बड़े डबल-ब्लाइंड संयोजक अध्ययन (140 प्रतिभागी) में उपचार-अपवर्तक स्किज़ोफ्रेनिया से पीड़ित वयस्कों को उनकी मनोरोग प्रतिरोधी दवाओं के साथ प्रतिदिन दो बार 1000 मिग्रा एनएसी बनाम प्लेसिबो समूहों में यादृच्छिक रूप से बांटा गया था। एनएसी समूह के व्यक्तियों ने नकारात्मक लक्षणों (जैसे उदासीनता, विचारों का आभाव, सामाजिक बेदखली) में वैश्विक सुधार, वैश्विक कामकाज में सुधार और असामान्य अनैच्छिक आंदोलनों में कमी (यानी उनकी मनोरोग प्रतिरोधी दवाओं के कारण होने वाले अतिरिक्त लक्षणों) में मध्यम सुधार का अनुभव किया। संयोजक एनएसी प्राप्त करने वाले व्यक्तियों ने बेहतर आत्म-देखभाल, अधिक सामाजिक संपर्क और प्रेरणा और अधिक स्थिर मनोदशा का प्रदर्शन किया। एक अध्ययन में एनएसी बंद करने के बाद एक महीने में द्विध्रुवी विकार के सुधार समाप्त होने लगे थे। उल्लेखनीय रूप से, अध्ययन से पहले 60% विषय लंबे समय के क्लोजापाइन, जो कि उपचार-दुर्दम्य स्किज़ोफ्रेनिया का सबसे प्रभावशाली उपचार माना जाने वाला एक अदभुत मनोरोग प्रतिरोधी है, के परीक्षण के प्रति आंशिक रूप से प्रतिक्रियाशील रहे थे।

एनएसीऔर आवेग नियंत्रण विकार

छोटे नैदानिक परीक्षणों के निष्कर्ष समर्थन करते हैं कि ट्रिकोटिलोमेनिया और मनोविकारी जुए सहित आवेग नियंत्रण विकारों के लिए एनएसी  फायदेमंद हो सकता है। मामले के अध्ययन और छोटे प्लेसिबो-नियंत्रित अध्ययनों के निष्कर्ष बताते हैं कि प्रतिदिन 600 मिग्रा से 2400 मिग्रा एनएसी बलपूर्वक बाल खींचना (ट्राइकोटिलोमेनिया), नाख़ून-चबाने और खाल खींचने के लक्षणों को कम कर सकता है। मनोविकारी जुए के साथ निदान किए गए विषय जिन्हें 8 सप्ताह के ओपन-लेबल अध्ययन में प्रतिदिन 1800 मिग्रा एनएसी बनाम प्लेसिबो समूहों में यादृच्छिक रूप से बांटा गया था और इसके बाद एक प्लेसिबो नियंत्रित अध्ययन किया जो 6 और सप्ताह जारी रहा था। अध्ययन के अंत तक, एनएसी समूह में 83% विषयों ने प्रतिक्रिया दी, और प्लेसिबो समूह में केवल 28% विषयों ने प्रतिक्रिया दी। 

एनएसी, मादक द्रव्यों का सेवन और लत

कई पशओं और मानव अध्ययनों ने मादक द्रव्यों के सेवन और लत के उपचार में एनएसी की भूमिका की जांच की है। कार्रवाई की कार्यविधि सामान्य ग्लूटामेटर्जिक मार्गों की बहाली से संबंधित है जो डोपामाइन और अन्य न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित करने वाले पदार्थों के लंबे समय के उपयोग से असंतुलित हो गए हैं। एक छोटे से ओपन-लेबल अध्ययन (24 प्रतिभागी) में, भांग उपयोग संबंधी विकार के निदान वाले वयस्कों का प्रतिदिन 2400 मिग्रा एनएसी के साथ इलाज किया गया और उन्होंने प्रतिदिन भांग के उपयोग में कमी, और भांग के बाध्यकारी उपयोग में कमी की सूचना दी। एक छोटे से प्लेसिबो-नियंत्रित अध्ययन (29 प्रतिभागी) में निकोटीन पर निर्भर वयस्कों को प्रतिदिन 2400 मिग्रा एनएसी बनाम प्लेसिबो समूहों में यादृच्छिक रूप से बांटा गया और उन्होंने धूम्रपान में बराबर और गैर-महत्वपूर्ण कटौती की सूचना दी। एक और छोटे 6-महीने के अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि प्रतिदिन 1200 मिग्रा एनएसी, डीएनए पर निकोटीन के हानिकारक प्रभावों को कम कर सकता है, जो संभवतः धूम्रपान करने वालों में कैंसर के जोखिम को कम करता है। 

एनएसी और जुनूनी बाध्यकारी विकार

यह अनुमान लगाया गया है कि जुनूनी बाध्यकारी विकार वाले व्यक्तियों में लक्षण गंभीरता समग्र ऑक्सीडेटिव तनाव से संबंधित हो सकती है। आज तक, ओसीडी के उपचार के रूप में एनएसी  पर केवल एक मामले की रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। उस मामले में गंभीर उपचार दुर्दम्य ओसीडी वाले एक व्यक्ति का वर्णन किया गया जिसका इलाज प्रतिदिन 3 ग्राम एनएसी और संयोजक फ्लूवॉक्सामाइन के साथ किया गया और वह व्यक्ति मजबूरियों और जुनून में महत्वपूर्ण निरंतर सुधार का अनुभव करता है। 

एनएसी और मानसिक स्वास्थ्य लाभ की उभरती हुई खोजें

ऑक्सीडेटिव तनाव द्विध्रुवी विकार, आवेग नियंत्रण विकारों, स्किज़ोफ्रेनिया और मादक द्रव्यों के उपयोग संबंधी विकारों सहित असमान मनोरोग विकारों के रोगजनन में योगदान करने वाला एक सामान्य अंतर्निहित कारक हो सकता है। उभरते निष्कर्ष समर्थन करते हैं कि एनएसी पूरकता शरीर के प्रमुख एंटीऑक्सीडेंट ग्लूटाथियोन को बहाल करने, प्रो-इंफ्लेमेटरी साइटोकाइन्स के सीरम स्तर में कमी और ग्लूटामेट और डोपामाइन के जैव संश्लेषिक मार्गों को व्यवस्थित करने सहित विभिन्न तंत्रों के माध्यम से इन विकारों में लक्षण गंभीरता को कम करती है। हालांकि निष्कर्ष असंगत हैं, संचय साक्ष्य समर्थन करते हैं कि एनएसी पूरकता के द्विध्रुवी विकार, स्किज़ोफ्रेनिया, आवेग नियंत्रण विकारों और मादक द्रव्यों के उपयोग संबंधी विकारों पर लाभकारी प्रभाव हैं। हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है कि उपचार को बंद करने के बाद एनएसी पूरकता में देरी से लाभ हो सकता है, जब इसे न्यूट्रास्यूटिकल्स के संयोजन में दिया जाता है। इन प्रारंभिक निष्कर्षों की पुष्टि करने, विभिन्न मनोरोग विकारों के लिए इष्टतम एनएसी खुराक का निर्धारण करने, और मनोदशा स्थिरक, मनोविकार नाशक और अन्य न्यूट्रास्यूटिकल, जिनका उद्देश्य ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करना और माइटोकॉन्ड्रियल फ़ंक्शन को अनुकूलित करना है, के संयोजन में एनएसी के संयोजक उपयोग की जांच करने के लिए बड़े प्लेसबो-नियंत्रित अध्ययनों की आवश्यकता होती है। 

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