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तंदुरुस्ती

गर्म मौसम में स्वास्थ्य को इष्टतम बनाने वाले पूरक

22 जुलाई 2019

एरिक मैड्रिड एमडी

इस लेख में:

धूप में समय बिताने से अनेकों स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, जिनमें विटामिन डी से संपर्क शामिल है, जबकि गर्म मौसम की गतिविधियाँ, जैसे तैरना, वाटर स्कीइंग, और हाइकिंग, हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होती हैं। 

सक्रिय रहने के अलावा, स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को इष्टतम बनाने में मदद के लिए कुछ पूरकों पर विचार किया जा सकता है। इनमें से कुछ पूरक उस समय खास तौर पर महत्वपूर्ण होते हैं जब गर्म तापमान के कारण लोगों को अधिक पसीना आता है और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स की हानि होती है। खनिजों, जैसे: मैगनीशियम, कैल्शियम इत्यादि के इष्टतम स्तर कायम रखना महत्वपूर्ण है।

मैगनीशियम 

मैगनीशियम 350 से अधिक जैवरसायनिक प्रतिक्रियाओं में भाग लेता है। तथापि, विश्वभर के कई लोगों में इसकी कमी पाई जाती है। पसीना, कुछ नुस्खे की दवाएं—जैसे ब्लड प्रेशर के लिए डाइयूरेटिक गोलियाँ या एसिड रिड्यूसर — मैगनीशियम स्तरों को कम कर सकते हैं। अल्कोहल का लगातार सेवन भी मैगनीशियम कम कर सकता है। मैगनीशियम की कमी के संकेतों में मांसपेशी की ऐंठन, आखों की पलकों का फड़कना, और कभी-कभी हृदय का तेजी से धड़कना भी शामिल होता है। मैगनीशियम पूरक लेना लाभदायक हो सकता है। 

कैल्शियम 

कैल्शियम शरीर में और पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे आम खनिजों में से एक है। कैल्शियम हृदय की मांसपेशी के संकुचनों सहित, हड्डी और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार है। जब आहार में पर्याप्त कैल्शियम का सेवन नहीं किया जाता है, तो पूरक लेने पर अक्सर विचार किया जाता है। इसे मैगनीशियम के साथ संतुलन में लेना चाहिए।

मल्टीविटामिन 

मेरी राय में, हर व्यक्ति को एक अच्छी गुणवत्ता वाला मल्टीविटामिन लेना चाहिए क्योंकि वे, खास तौर पर अधिक तनावपूर्ण जीवनशैली वाले लोगों में अक्सर पाई जाने वाली आम विटामिनों और खनिजों की कमी को पूरा करने के लिए उनके पर्याप्त स्तर सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। साथ ही, यात्रा करते समय, जब आहार अक्सर अधिक स्वास्थ्यकर नहीं होता है, तब मल्टीविटामिन सुनिश्चित करता है कि अनुशंसित दैनिक अनुमत मात्रा (आरडीए), यानी विटामिनों और खनिजों की न्यूनतम मात्रा का सेवन किया जा सके। 

Protein 

व्हे (मठ्ठा) प्रोटीन या मटर के प्रोटीन के चूर्ण भोजन के शानदार विकल्प हैं और समुद्रतट के लिए वाँछित शरीर बनाने में उपयोगी हो सकते हैं। व्हे प्रोटीन जिगर और जिगर की विषाक्तता को दूर करने में भी उपयोगी होता है। व्हे प्रोटीन में कैसीन भी होता है, जो एक प्रोटीन है जिसके प्रति कुछ लोग संवेदनशील हो सकते हैं। तथापि, शाकाहारी और वे लोग जो केवल वनस्पति पर आधारित विकल्पचाहते हैं, मटर के प्रोटीन पर विचार कर सकते हैं। 

तुलसी के बीज

ओमेगा वसा अम्लों और फाइबर से प्रचुर, तुलसी के बीजओटमील, दही, या आपके पसंदीदा पेय में मिलाने के लिए शानदार हैं। सेवन करने पर, तुलसी के बीज जलीकरण और तृप्ति की लंबे समय तक की अनुभूति बनाने में मदद कर सकते हैं। यह वज़न में कमी और शौच क्रिया के नियंत्रण में बहुत उपयोगी हो सकता है। 

सनबर्न की रोकथाम

त्वचा की रक्षा करना और सनबर्न से बचना कई लोगों, खास तौर पर ऐसे लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी त्वचा में पिगमेंट, या मेलेनिन की कमी होती है। सनबर्न से बचने के लिए धूप में अत्यधिक समय न बिताना महत्वपूर्ण है, जो कुछ लोगों में कुछ त्वचा रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है।

तथापि धूप में पर्याप्त समय बिताना भी विटामिन डी के स्तरों को इष्टतम बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह सचमुच एक संतुलक कार्य है।  

सबसे पहले, समझ लें कि ताज़ा फलों और सब्ज़ियों की अधिकता वाला आहार, जो एंटीऑक्सीडैंट्स से समृद्ध होता हैं, सनबर्न से बचने में उपयोगी हो सकता है। जब यह संभव नहीं होता है, तब निम्नलिखित पूरकों के अलावा एक हरे चूर्ण पर विचार करना चाहिए। 

ऐस्टाजैंथिन

ऐस्टाजैंथिन एक लाल-नारंगी रंग का कैरोटीनॉइड है जो मुख्यतः समुद्री भोजन, जैसे सामन, केकड़ों, क्रिल, क्रूस्टेशियन्स, खमीर, और कुछ शैवालों में पाया जाता है। सामन, केकड़े, और झींगे को लाल रंग इससे ही मिलता है। 2011 के एक अध्ययन ने ऐस्टाजैंथिन के त्वचा की रक्षा करने वाले लाभों की चर्चा की थी, जबकि 2013 में हुए एक अध्ययन ने दर्शाया कि नियमित रूप से लेने पर यह एंटीऑक्सीडैंट क्षमता त्वचा के दीर्घकालिक रोगों का निवारण करने में मदद करती है। लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार।

देवदार की छाल का अर्क त्वचा की रक्षा करता है

देवदार की छाल का अर्क या पिकनोजेनॉल ऊतक का पुनर्निर्माण करने में शरीर की सहायता करने के साथ-साथ त्वचा को सुरक्षित रखने में मदद करता है। इसकी शक्तिशाली एंटीऑक्सीडैंट ताकत इसे मौखिक रूप से लेने पर और चेहरे पर लगाने पर पराबैंगनी सूर्य की रोशनी से क्षति से रक्षा कर सकती है। एंटीऑक्सीडैंट गुण कोलेजन और इलास्टिक ऊतक को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में मदद करते हैं, जो कि त्वचा के जरण का प्राथमिक कारण होती है। यह ऑक्सीडेटिव क्षति गर्म महीनों के दौरान सबसे आम होती है जब सूरज सबसे तेज चमकता है। अनुशंसित खुराक: मौखिक पूरक, लेबल पर की गई अनुशंसा के अनुसार। स्थानिक पिकनोजेनॉल को लेबल पर बताए अनुसार सीधे त्वचा पर लगाया जाता है। 

विटामिन बी3 (निकोटिनामाइड)

निकोटिनामाइड त्वचा की क्षति की मरम्मत करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाता है। 2017 के एक अध्ययन ने दर्शाया कि विटामिन बी3 के नियमित सेवन ने ऐक्टिनिक केरेटोसिस के विकसित होने के जोखिम को कम किया, जो दीर्घकालिक त्वचा रोग का पूर्ववर्ती होता है। 2010 में किए गए एक अध्ययन ने भी त्वचा की सुरक्षा में विटामिन बी3 के लाभ का समर्थन किया। कृपया ध्यान रहे कि कुछ लोगों को विटामिन बी3 लेते समय त्वचा पर लालिमा का अनुभव हो सकता है। अनुशंसित खुराक: लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार। 

विटामिन डी3 (कोलीकैल्सिफेरॉल)

विटामिन डी, जिसे आम तौर पर विटामिन डी3 कहते हैं, को असंख्य स्वास्थ्य लाभों से युक्त माना जाता है। अध्ययनों ने दर्शाया है कि विटामिन के इष्टतम रक्त स्तरों वाले लोगों को अनेकों दीर्घकालिक विकारों के होने का जोखिम घट जाता है।

दुनियाभर के कई स्थानों में, जिसमें मेरी दक्षिणी कैलिफोर्निया की प्रैक्टिस शामिल है, पाँच में से चार लोगों में इसकी कमी है। यह सुविख्यात है कि सनस्क्रीन, जो यूवी-ए प्रकाश को अवरुद्ध करता है, त्वचा को सूरज की रोशनी में पर्याप्त विटामिन डी का उत्पादन करने से भी रोकता है। एक तरह से, सनस्क्रीन विटामिन डी अवरोधक भी है। उन लोगों के लिए जिन्हें सनबर्न से बचने के लिए सनस्क्रीन की जरूरत पड़ती है, विटामिन डी पूरक, जो रक्त स्तरों को इष्टतम बनाने में मदद करता है, पर विचार करना चाहिए। 

ओमेगा-3 वसा अम्ल

ओमेगा-3 वसा अम्ल न केवल हृदय संबंधी लाभों के लिए जाने जाते हैं, बल्कि, अध्ययनों के अनुसार, उनके त्वचा-रोग विरोधी प्रभाव भी होते हैं। ओमेगा-3 अनिवार्य वसा अम्लों में मुख्य तौर पर आइकोसापेंटेनोइक अम्ल (ईपीए) और डोकोसाहेक्जेनोइक अम्ल (डीएचए)होते हैं। 

न्यूट्रीशन जर्नल में 2014 के एक अध्ययन ने दर्शाया कि अधिकांश अमरीकी लोग ओमेगा-3 अनिवार्य तेलों का पर्याप्त मात्रा में सेवन नहीं करते हैं। यूरोप, रूस, और एशिया में भी लोग जोखिम में हैं, खास तौर पर यदि ओमेगा-3 से प्रचुर खाद्य पदार्थ विरल रूप से खाए जाते हैं। इन खाद्य स्रोतों में शामिल हैं मछली (मैकेरेल, कॉड, और सामन सबसे समृद्ध होते हैं), तुलसी के बीज, अलसी के बीज, भांग के बीज, अखरोट/span>, और नैटो.

जर्नल ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन में प्रकाशित 2016 के एक अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि इस बात के काफी प्रमाण हैं कि ओमेगा-3 वसा अम्लों का अनुपूरण बेसल कोशिका और स्क्वेमस कोशिका के त्वचा विकारों को कम करने में मदद कर सकता है (अधिक खतरनाक मेलेनोमा त्वचा के कैंसर पर कोई प्रभाव नहीं हुआ)। तथापि, 2014 के एक अध्ययन ने दर्शाया कि ओमेगा-3 वसा अम्लों के उच्च स्तरों वाले लोगों को मेलेनोमा होने का जोखिम कम था। अधिक अध्ययनों की जरूरत है। अनुशंसित खुराक: 1,000 मिग्रा प्रतिदिन दो बार तक।

विटामिन सी

विटामिन सी, एस्कॉर्बिक एसिड उन विटामिनों में से एक है जिन पर सबसे ज्यादा शोध किया गया है। यह जल में घुलनशील है, यानी सेवन किया गया कोई भी अनावश्यक अतिरिक्त विटामिन मूत्र में उत्सर्जित हो जाता है। विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडैंट है जो कई ताज़ा फलों और सब्ज़ियों में पाया जाता है, जिनमें शामिल है: 

  • शिमला मिर्च
  • ब्रॉकोली
  • पत्तागोभी
  • अमरूद
  • किवी
  • संतरे
  • पपीता
  • काली मिर्च
  • अनानास
  • स्ट्राबेरी

विटामिन सी से प्रचुर आहार का सेवन इस महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडैंट को इष्टतम बनाने का अच्छा तरीका है। मौखिक रूप से सेवन करने पर, विटामिन सी के त्वचा के लिए भी कई लाभ हैं। 2018 में किए गए एक अध्ययन, जिसमें मौखिक विटामिन पूरकों को कोलेजन प्रोटीन के साथ लिया गया, ने केवल 12 सप्ताह के बाद त्वचा के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दर्शाया। 

इसके अलावा, स्थानिक विटामिन सी को चेहरे और शरीर के अन्य भागों पर सीधे लगाना, अध्ययनों के अनुसार, त्वचा को सौर क्षति से सुरक्षित करने में उपयोगी है। अनुशंसित मौखिक खुराक: 500 मिग्रा से 1,000 मिग्रा प्रतिदिन दो बार। स्थानिक विटामिन सी, लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार।

सनबर्न के बाद उपचार

जिन लोगों को सनबर्न होता है उनकी त्वचा अंततः छिल कर झड़ने लगती है — यह वास्तव में वह चीज है जिसे डॉक्टर फर्स्ट-डिग्री दाह कहते हैं। यदि आपको सूजन और तीव्र फफोले होते हैं, तो यह बात सेकंड-डिग्री दाह के साथ संगत होगी। उपरोक्त पूरकों के अलावा, धूप से संपर्क को कम करने और सनस्क्रीन लगाना भी दाह से बचने में मदद करने का उपयोगी विकल्प हो सकता है।

यदि आपको सनबर्न हो जाता है, तो ऐसे प्राकृतिक विकल्प उपलब्ध हैं जिनमें स्थानिक ऐलो वेराहोता है क्योंकि वे दर्दनाक दाह के लक्षणों को शांत करने में मदद कर सकते हैं। यदि आपके घर में ऐलो वेरा का पौधा उपलब्ध है, तो इसमें मौजूद जेली को निकालकर सीधे जले हुए स्थान पर लगाने से राहत मिल सकती है। यदि आपके यहाँ यह पौधा नहीं है तो व्यावसायिक उत्पाद भी उपलब्ध हैं।

कुछ प्राकृतिक चिकित्सक ऐलो वेरा जेल में लैवेंडर मिलाने की भी अनुशंसा करते हैं। इससे अतिरिक्त लाभ मिलता है। कुछ प्राकृतिक चिकित्सक होमियोपैथिक बेलाडोना गोलियों को जीभ के नीचे दिन में तीन बार तब तक घोलने की भी अनुशंसा करते हैं जब तक कि राहत न मिल जाए।

Probiotics 

जब कोई प्रोबायोटिक्स,के बारे में सोचता है, तो आम तौर पर त्वचा की बजाय आंतों पर ध्यान जाता है। तथापि, हमारी 70 से 80 प्रतिशत प्रतिरक्षा प्रणाली हमारी आंतों में निवास करती है। इसलिए, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखने के लिए आंतों के स्वास्थ्य को इष्टतम बनाना महत्वपूर्ण है। चूंकि अधिकांश दीर्घकालिक रोगों का संबंध शरीर में किसी जगह हो रही अत्यधिक क्षति और अपर्याप्त मरम्मत तथा प्रतिरक्षा प्रणाली अनुक्रिया से होता है, प्रतिरक्षा अनुक्रिया को इष्टतम बनाना जरूरी है। स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली सभी प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का निवारण करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा, स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली हानिकारक त्वचा जीवाणुओं की अतिवृद्धि को रोकने में मदद करती है, जो सनबर्न के बाद खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है। 

संदर्भ:

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